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टकाबरी रविदास मंदिर महंत हत्याकांड में बड़ा फैसला,, एसएसपी नवनीत सिंह ने गठित की 6 सदस्यीय एसआईटी टीम,, महंत हत्याकांड की हर एंगल से होगी जांच, तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार,, एसपी देहात के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम, हर पहलू की होगी पड़ताल,, तीन गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी, क्या और भी हैं शामिल?

इन्तजार रजा हरिद्वार- टकाबरी रविदास मंदिर महंत हत्याकांड में बड़ा फैसला,,

एसएसपी नवनीत सिंह ने गठित की 6 सदस्यीय एसआईटी टीम,,

महंत हत्याकांड की हर एंगल से होगी जांच, तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार,,

एसपी देहात के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम, हर पहलू की होगी पड़ताल,,

तीन गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी, क्या और भी हैं शामिल?

हरिद्वार जनपद के भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम टकाबरी स्थित रविदास आश्रम में महंत की गुमशुदगी और फिर हत्या के सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच टीम (S.I.T.) का गठन कर दिया है। साफ संकेत दे दिए गए हैं कि अब इस हत्याकांड की तह तक पहुंचकर ही पुलिस दम लेगी।

गौरतलब है कि कोतवाली भगवानपुर क्षेत्रांतर्गत रविदास आश्रम ग्राम टकाबरी में निवासरत महंत की पहले गुमशुदगी दर्ज की गई थी। गुमशुदगी क्रमांक 02/2026 के तहत मामला दर्ज हुआ और बाद में शव बरामद होने पर मुकदमा अपराध संख्या 85/26 में धारा 103(1), 238, 61(2) बीएनएस के तहत तरमीम किया गया। प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दंपति सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। एसएसपी नवनीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। इस पूरे प्रकरण में कई ऐसे बिंदु हैं जिनकी गहनता से जांच आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए 6 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व एसपी देहात करेंगे।

एसपी देहात के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम, हर पहलू की होगी पड़ताल

गठित एसआईटी में अनुभवी अधिकारियों और कर्मियों को शामिल किया गया है, ताकि जांच में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए। टीम में सीओ से लेकर सिपाही रैंक तक के अधिकारी शामिल हैं, जो तकनीकी, भौतिक साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर केस को मजबूत बनाएंगे।

एसआईटी के सदस्य इस प्रकार हैं—

  1. सीओ मंगलौर
  2. निरीक्षक
  3. उप निरीक्षक
  4. उप निरीक्षक
  5. आरक्षी
  6. आरक्षी

यह टीम अब घटनास्थल से लेकर आरोपितों के आपराधिक इतिहास, कॉल डिटेल, आर्थिक लेनदेन, जमीन व आश्रम से जुड़े विवाद, व्यक्तिगत रंजिश और साजिश के हर संभावित एंगल पर काम करेगी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत विवाद ही नहीं बल्कि अन्य गहरे कारणों की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आश्रम की संपत्ति, प्रभाव और सामाजिक प्रतिष्ठा जैसे पहलुओं को भी जांच के दायरे में लाया गया है।

तीन गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी, क्या और भी हैं शामिल?

अब तक दंपति सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। लेकिन एसएसपी का स्पष्ट संदेश है कि यदि किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। एसआईटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह केवल आरोप पत्र दाखिल करने तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि को उजागर करे।

महंत की गुमशुदगी से लेकर शव बरामदगी तक की टाइमलाइन खंगाली जा रही है। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि हत्या पूर्व नियोजित थी या अचानक विवाद के बाद अंजाम दी गई।

एसएसपी नवनीत सिंह ने स्पष्ट कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे मामला धार्मिक स्थल से जुड़ा हो या प्रभावशाली व्यक्तियों का नाम सामने आए, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जांच में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोग चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और आश्रम की गरिमा बहाल की जाए। पुलिस प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि न्याय दिलाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

टकाबरी रविदास मंदिर हत्याकांड अब सामान्य हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और धार्मिक आस्था से जुड़ा संवेदनशील प्रकरण बन चुका है। ऐसे में गठित एसआईटी की भूमिका बेहद अहम हो गई है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और नए खुलासे इस केस को और भी महत्वपूर्ण बना सकते हैं।

फिलहाल इतना तय है कि एसएसपी के सख्त निर्देशों के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा। जांच की रफ्तार तेज है और पुलिस हर साक्ष्य को बारीकी से खंगाल रही है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसआईटी की जांच में और कौन-कौन से चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं।

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