रुड़की में डीएम देहरादून सविन बंसल की बड़ी रेड,, आंगनबाड़ी राशन सप्लाई करने वाले गोदाम में अनियमितताओं का खुलासा, बाल श्रमिक मिले,, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल, गोदाम स्वामी पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

इन्तजार रजा हरिद्वार 🚨 रुड़की में डीएम देहरादून सविन बंसल की बड़ी रेड,,
आंगनबाड़ी राशन सप्लाई करने वाले गोदाम में अनियमितताओं का खुलासा, बाल श्रमिक मिले,,
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल, गोदाम स्वामी पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
रुड़की/देहरादून। उत्तराखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में देहरादून के जिलाधिकारी ने रुड़की के माडी चौक स्थित उस केंद्रीय गोदाम पर अचानक छापेमारी की, जहां से गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन सप्लाई किया जाता है।छापेमारी के दौरान गोदाम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई, वहीं गोदाम में बाल श्रमिकों के काम करने की भी पुष्टि हुई। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए गोदाम स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
निरीक्षण के दौरान डीएम ने गोदाम में रखी खाद्य सामग्री की बारीकी से जांच की। इस दौरान खजूर और केले के चिप्स के कई पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट संदिग्ध पाई गई। कई पैकेटों पर निर्माण तिथि का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, जबकि कुछ पैकेटों पर प्रिंटेड डेट की जगह स्टैंप से तारीख लगाई गई थी।इस तरह की अनियमितता सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूरे स्टॉक की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गोदाम में खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक तापमान बनाए रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। कई खाद्य पदार्थ खुले माहौल में रखे गए थे, जिससे उनके खराब होने की आशंका बनी हुई थी।
गोदाम में मिले बाल श्रमिक, दर्ज होगा मुकदमा
छापेमारी के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। निरीक्षण के समय गोदाम में बाल श्रमिक काम करते हुए पाए गए। यह देखते ही जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल गोदाम स्वामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक समस्या को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों से मजदूरी करवाना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने श्रम विभाग और पुलिस को भी मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासन के इस कदम को बाल अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पुराने स्टॉक की सप्लाई का खुलासा
जांच के दौरान यह भी पता चला कि गोदाम से दिसंबर और जनवरी माह के अंडे और अन्य खाद्य सामग्री मार्च महीने में भी आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजी जा रही थी। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि बच्चों को ताजा और गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार मिलना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे स्टॉक की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की खराब या एक्सपायरी सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों तक न पहुंचे।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से यह भी पूछा कि सामग्री आपूर्ति करने वाली कंपनी द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
रवाना हो रहे वाहनों को भी रुकवाया, लिए गए सैंपल
छापेमारी के दौरान डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए राशन लेकर रवाना हो रहे वाहनों को भी रुकवा लिया। उन्होंने टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला के लिए निकल रहे वाहनों से खाद्य सामग्री के नमूने भी लिए।
जांच के दौरान अंडों की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई। इस पर डीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि नमूनों को प्रयोगशाला में भेजकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित सप्लायर और गोदाम संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कई अधिकारी रहे मौजूद
इस छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम के कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र देव और कानूनगो रुड़की संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
डीएम के इस अचानक निरीक्षण से गोदाम प्रबंधन में हड़कंप मच गया। प्रशासन की टीम ने पूरे परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के पोषण से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचने वाली हर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो सके।



