फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का बड़ा खुलासा,, डीएम हरिद्वार के निर्देश पर दोषियों पर दर्ज होगी एफआईआर,, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश

इन्तजार रजा हरिद्वार- फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का बड़ा खुलासा,,
डीएम हरिद्वार के निर्देश पर दोषियों पर दर्ज होगी एफआईआर,,
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश
हरिद्वार, 14 मार्च 2026।
जनपद हरिद्वार में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दोषियों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने और धोखाधड़ी से जारी जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास खंड बहादराबाद क्षेत्र में गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को पत्र जारी करते हुए निर्देशित किया है कि पूरे प्रकरण में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना से सरकारी अभिलेख तैयार करने, फर्जी साक्ष्य प्रस्तुत करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं में पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाए।
जांच में सामने आया कि श्रीमती शाहीन पत्नी उस्मान तथा उस्मान पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी पावधोई राम रहीम कॉलोनी ज्वालापुर, हरिद्वार द्वारा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को एक आवेदन दिया गया था। आवेदन में उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री अक्षा का जन्म 1 मार्च 2008 को जया मैक्सवेल हॉस्पिटल अतमालपुर बौंगला में हुआ था और उसका जन्म प्रमाण पत्र पहले जारी हुआ था, जो खो गया है। आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए उन्होंने बारकोड युक्त ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया था।
आवेदन के साथ 5 फरवरी 2009 का एक हस्तनिर्मित जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति तथा आधार और मतदाता पहचान पत्र की स्वप्रमाणित प्रतियां भी संलग्न की गई थीं। इन दस्तावेजों के आधार पर 18 फरवरी 2026 को सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया और पंजीकरण संख्या 174 के तहत प्रमाण पत्र निर्गत किया गया।
हालांकि बाद में एक व्यक्ति द्वारा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को सूचना दी गई कि प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति जाली है और उसी के आधार पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनवाया गया है। इस सूचना के बाद मामले की जांच की गई। जांच के दौरान जया मैक्सवेल हॉस्पिटल अतमालपुर बौंगला जाकर रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2008 में यह अस्पताल अस्तित्व में ही नहीं था।
इससे स्पष्ट हो गया कि संबंधित व्यक्तियों ने कपटपूर्ण तरीके से जाली जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर उसे आधार बनाकर सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी कराया। प्रशासन को यह भी आशंका है कि चूंकि संबंधित लोग नगर क्षेत्र में निवास करते हैं, इसलिए उन्होंने इसी प्रकार के झूठे आवेदन नगर पालिका शिवालिक नगर या नगर निगम हरिद्वार में भी किए हो सकते हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने निर्देश दिया है कि श्रीमती शाहीन और उस्मान सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही धोखाधड़ी से जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण संख्या 174 दिनांक 18 फरवरी 2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर इसकी सूचना संबंधित पक्षों को पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजी जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जनपद में फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने के मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई भी व्यक्ति सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ या फर्जी दस्तावेज तैयार करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



