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जीआरपी हरिद्वार की बड़ी कामयाबी,, कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में शातिर ज़हरखुरान गिरफ्तार,, 800 से अधिक सीसीटीवी खंगालकर चार माह से सक्रिय आरोपी को भेजा गया जेल,, बुजुर्ग महिलाओं को बनाता था निशाना, शक से बचने के लिए साथ रखता था मासूम बच्ची

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों, विशेषकर बुजुर्ग महिलाओं को अपना शिकार बनाने वाले शातिर ज़हरखुरान को आखिरकार जीआरपी हरिद्वार ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस अधीक्षक जीआरपी के कसे हुए और सतर्क नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने न केवल एक संगठित अपराध का पर्दाफाश किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

इन्तजार रजा हरिद्वार- जीआरपी हरिद्वार की बड़ी कामयाबी,,

कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में शातिर ज़हरखुरान गिरफ्तार,,

800 से अधिक सीसीटीवी खंगालकर चार माह से सक्रिय आरोपी को भेजा गया जेल,,

बुजुर्ग महिलाओं को बनाता था निशाना, शक से बचने के लिए साथ रखता था मासूम बच्ची

 

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों, विशेषकर बुजुर्ग महिलाओं को अपना शिकार बनाने वाले शातिर ज़हरखुरान को आखिरकार जीआरपी हरिद्वार ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस अधीक्षक जीआरपी के कसे हुए और सतर्क नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने न केवल एक संगठित अपराध का पर्दाफाश किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

चार माह से अधिक समय से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर जहरखुरानी की वारदातों को अंजाम देने वाला अभियुक्त नीटू आखिरकार अपने ही बिछाए जाल में फंस गया। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर दो बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के बाद वह पुलिस की रडार पर था। लगातार मिल रहे इनपुट, सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के चलते उसे प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास दबोच लिया गया।

बुजुर्ग महिलाओं को बनाता था निशाना, शक से बचने के लिए साथ रखता था मासूम बच्ची

पांचवीं पास आरोपी नीटू पुत्र नरेश, निवासी मोहल्ला महाजनान, कस्बा तीतरो, जनपद सहारनपुर (उ.प्र.), उम्र 36 वर्ष, बेहद शातिर दिमाग का निकला। वह हर स्टेशन पर पहले रैकी करता था और फिर ऐसी बुजुर्ग व अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था जो अपने पति या परिजनों के साथ यात्रा कर रही हों।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वह अपने साथ लगभग पांच वर्ष की छोटी बच्ची को रखता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। पहले वह बातचीत कर भरोसा जीतता, फिर चाय लाकर उसमें नशीली गोलियां मिलाता। वह पहले बच्ची को चाय देता, फिर खुद पीने का दिखावा करता और अंत में पीड़िता को चाय थमाता। महिला के बेहोश होते ही वह कानों के कुंडल, पाजेब, मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो जाता।

20 जनवरी 2026 को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से लक्सर निवासी दीपक कुमार की माताजी को उसने इसी तरह निशाना बनाया। महिला के बेहोश होने के बाद उनके कानों के कुंडल और चांदी की पाजेब चोरी कर ली गई। इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 02/26 धारा 123, 303(2) बीएनएस दर्ज हुआ।

इसके अलावा अक्टूबर 2025 में बरेली निवासी सत्येंद्र पाल सिंह की पत्नी शीला देवी को भी पूछताछ केंद्र हॉल में इसी अंदाज में शिकार बनाया गया था। तब पीड़िता ने एक “काले मोटे व्यक्ति” का जिक्र एफआईआर में किया था। बाद में वीडियो फुटेज से वही व्यक्ति सामने आया और पहचान पुख्ता हो गई। जुलाई 2025 में प्लेटफॉर्म नंबर 9 पर सहारनपुर निवासी प्रमोद कुमार की माताजी को घायल कर मोबाइल, नकदी और आभूषण लूटने की घटना में भी इसी आरोपी का नाम सामने आया।

800 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हुआ खुलासा

इस शातिर अपराधी को पकड़ना आसान नहीं था। वह हर वारदात के बाद स्थान बदल देता था और स्टेशन परिसर में अनजान बना रहता था। जीआरपी हरिद्वार ने लगभग 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। रेलवे स्टेशन, आसपास की सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के कैमरों की गहन जांच की गई।

नेट ग्रिड के माध्यम से भी संदिग्धों की खोजबीन की गई और मैन्युअल पुलिसिंग के जरिए टीम ने दिन-रात मेहनत की। अंततः मुखबिर की सटीक सूचना पर उसे पुनः हरिद्वार स्टेशन पर शिकार की तलाश में घूमते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसकी पांच वर्षीय बच्ची भी साथ थी, जिसे नियमानुसार उसके पिता नरेश और भाई भूषण के सुपुर्द किया गया।

अभियुक्त के पास से गहरी नींद लाने वाली नशीली गोलियों के कई पैकेट, दो मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त कपड़े बरामद किए गए हैं।

कप्तान ने दी टीम को शाबाशी, ₹2500 ईनाम की घोषणा

इस उल्लेखनीय सफलता पर एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने थाना प्रभारी बिपिन चंद्र पाठक, विवेचक एसआई प्रमोद कुमार समेत पूरी पुलिस टीम को बधाई दी और ₹2500 नगद पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से इस शातिर अपराधी की तलाश में थे। आखिरकार हमारी टीम ने अथक प्रयासों से उसे गिरफ्तार कर लिया। पाप का घड़ा एक न एक दिन भरता जरूर है।”

इस अभियान में एसआई प्रीति, एएसआई श्याम दास, एएसआई सुशील तिवारी, एएसआई दिगंबर खंडूरी, हेड कांस्टेबल पृथ्वी नेगी, रविंद्र गिरी, संगीता, योगिता सहित कई पुलिसकर्मियों और एसओजी टीम ने अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय जनता ने भी जीआरपी हरिद्वार की इस कार्रवाई पर खुशी जताई है। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों में पुलिस की इस तत्परता से भरोसा मजबूत हुआ है।हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर सक्रिय इस जहरखुरान की गिरफ्तारी ने यह संदेश दे दिया है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं। जीआरपी की सजगता और कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो, पुलिस की पैनी नजर से छिप नहीं सकता।

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