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ब्रेकिंग: ऋषिकेश बैराज जलाशय में सी-प्लेन का सफल ट्रायल,, 🟡 19 सीटर विमान ने दो बार की लैंडिंग, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम,, 🟢 जल-आधारित एविएशन से खुलेगी नई संभावनाएं, नीति निर्माण की तैयारी तेज

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 ब्रेकिंग: ऋषिकेश बैराज जलाशय में सी-प्लेन का सफल ट्रायल,,

🟡 19 सीटर विमान ने दो बार की लैंडिंग, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम,,

🟢 जल-आधारित एविएशन से खुलेगी नई संभावनाएं, नीति निर्माण की तैयारी तेज

ऋषिकेश से एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है, जहां बैराज जलाशय में आज सी-प्लेन का सफल ट्रायल किया गया। इस दौरान सी-प्लेन ने जलाशय की सतह पर दो बार सुरक्षित लैंडिंग कर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। इस सफल परीक्षण के साथ ही उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र में एक नई दिशा मिलने की उम्मीदें तेज हो गई हैं।सी-प्लेन, जिसे जल और थल दोनों जगह संचालित किया जा सकता है, खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी होता है जहां रनवे की सुविधा सीमित होती है। यह विमान पानी की सतह से उड़ान भरने और उतरने में सक्षम होता है, जिससे दुर्गम और प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच आसान हो जाती है।

इस ट्रायल के दौरान 19 सीटर सी-प्लेन ने पूरी तरह से सुरक्षित और संतुलित तरीके से लैंडिंग की, जिसे देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आस्था पथ पर घूम रहे हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। जैसे ही विमान जलाशय की सतह को छूता हुआ उतरा, वहां मौजूद लोगों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बन गया।

इस मौके पर पुलिस, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और अन्य प्रशासनिक विभागों के अधिकारी भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को पहले ही तैयार कर लिया गया था, ताकि ट्रायल के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

यूजेवीएन (उत्तराखंड जल विद्युत निगम) के प्रबंध निदेशक अजय कुमार ने इस सफल ट्रायल पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि भविष्य में सी-प्लेन संचालन को लेकर बैराज जलाशय के लिए एक ठोस नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

एसडीओ यूजेवीएन अतुल शर्मा ने बताया कि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा और तकनीकी दृष्टि से सभी पहलुओं का परीक्षण किया गया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो आने वाले समय में नियमित सी-प्लेन सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल पर सी-प्लेन सेवा शुरू होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे यात्रा का समय कम होगा और पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव भी मिलेगा।

कुल मिलाकर, आज का यह ट्रायल न केवल तकनीकी सफलता का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन भविष्य की एक नई उड़ान का संकेत भी देता है। यदि योजनाएं साकार होती हैं, तो जल्द ही ऋषिकेश जल-आधारित एविएशन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।

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