बजट 2026: मोदी सरकार का 9वां आर्थिक रोडमैप,,केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया,, आत्मनिर्भर भारत, 7% ग्रोथ और निर्णायक सुधारों पर केंद्रित रहा बजट,, लोकलुभावनवाद से दूरी, आम नागरिक और विकास को दी प्राथमिकता: सीतारमण

इन्तजार रजा हरिद्वार- बजट 2026: मोदी सरकार का 9वां आर्थिक रोडमैप,,केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया,,
आत्मनिर्भर भारत, 7% ग्रोथ और निर्णायक सुधारों पर केंद्रित रहा बजट,,
लोकलुभावनवाद से दूरी, आम नागरिक और विकास को दी प्राथमिकता: सीतारमण

दिल्ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में सोमवार को मोदी सरकार का नौवां आम बजट (बजट 2026) पेश किया। करीब दो घंटे से अधिक लंबे बजट भाषण में वित्त मंत्री ने देश की आर्थिक स्थिति, बीते वर्षों में किए गए सुधारों और भविष्य की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ठोस सुधारों का रास्ता चुना है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर के साथ आगे बढ़ रही है और आत्मनिर्भरता अब केवल नारा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक नीति का मूल मंत्र बन चुकी है। बजट 2026 में सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं से बचते हुए आम नागरिक, मध्यम वर्ग, किसान, युवा और उद्योगों को सशक्त करने पर फोकस किया है।
आत्मनिर्भर भारत बजट 2026 की आत्मा
वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि “आत्मनिर्भर भारत अब हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।” उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं।
बजट में देश में घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता घटाने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि समावेशी विकास है, जिससे समाज का हर वर्ग लाभान्वित हो।
7% ग्रोथ रेट: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब पूरी दुनिया आर्थिक अनिश्चितताओं, युद्ध और मंदी के दौर से गुजर रही है, तब भारत ने लगातार 7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी है। यह सरकार की नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपेक्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और टैक्स सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है। बजट 2026 में भी बुनियादी ढांचे पर बड़ा जोर दिया गया है, जिससे राज्यों में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
लोकलुभावनवाद नहीं, आम आदमी केंद्र में
वित्त मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार ने लोकलुभावनवाद के बजाय आम लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि आसान फैसलों के बजाय कठिन लेकिन जरूरी निर्णय लिए गए हैं।
बजट 2026 में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का मानना है कि मानव संसाधन में निवेश ही दीर्घकालिक विकास की कुंजी है।
किसान, युवा और मध्यम वर्ग पर विशेष फोकस
बजट भाषण में किसानों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई। कृषि क्षेत्र में तकनीक, सिंचाई, भंडारण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की बात कही गई। युवाओं के लिए स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को और मजबूती दी गई है।
मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के साथ-साथ करदाताओं पर बोझ कम करना है।
निर्णायक फैसले, स्पष्ट दिशा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने असमंजस की राजनीति छोड़कर निर्णायक और दूरदर्शी फैसले किए हैं। चाहे जीएसटी सुधार हों, डिजिटल इंडिया हो, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर हो या इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश—हर कदम का मकसद देश को मजबूत बनाना रहा है।
उन्होंने कहा कि बजट 2026 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत की ओर बढ़ता हुआ आत्मविश्वास भरा संकल्प है।
बजट 2026 में सरकार ने साफ संदेश दिया है कि भारत अब स्थिर नहीं, बल्कि तेज़, आत्मनिर्भर और समावेशी विकास के रास्ते पर है। लोकसभा में पेश किया गया यह नौवां बजट आने वाले वर्षों के लिए आर्थिक दिशा तय करता नजर आया, जिसमें आम नागरिक को केंद्र में रखकर नीतियां गढ़ी गई हैं।



