शीतलहर से राहत की बड़ी तैयारी,, CDO ललित नारायण मिश्र ने कसी कमर,, अलाव, रैनबसेरे, रिफ्लेक्टर—पूरे जिले में अलर्ट मोड

इन्तजार रजा हरिद्वार- शीतलहर से राहत की बड़ी तैयारी,,
CDO ललित नारायण मिश्र ने कसी कमर,,
अलाव, रैनबसेरे, रिफ्लेक्टर—पूरे जिले में अलर्ट मोड
हरिद्वार, 17 नवंबर 2025।
जनपद में बढ़ती ठंड और शीतलहर की तीव्रता को देखते हुए जिला प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें गरीब, असहाय और बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए व्यापक तैयारियों का खाका खींचा गया। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, पशुपालन, परिवहन, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। CDO ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि “ठंड किसी की जान न ले—यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
शीतलहर से पहले अलाव के स्थान चिन्हित—रात में कोई न रहे असहाय
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को आदेशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में अलाव जलाने के लिए उपयुक्त स्थान तुरंत चिन्हित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पतालों, प्रमुख चौक-चौराहों और श्रमिक बस्तियों के आसपास ऐसे स्थान सुनिश्चित किए जाएं, जहां रात में लोग ठंड से बचाव कर सकें। उन्होंने नगर निगम और नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि अलाव के लिए लकड़ी, कोयला और अन्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए और जरूरत के अनुसार इसकी आपूर्ति लगातार जारी रहे।
रैनबसेरों की व्यवस्था दुरुस्त—बिस्तर, पानी, बिजली सब हो दुरुस्त
CDO ने रैनबसेरों की स्थिति पर विशेष चिंता जताई और कहा कि रैनबसेरे केवल नाम के नहीं होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि—
- सभी रैनबसेरों में साफ बिस्तर
- पर्याप्त विद्युत व्यवस्था
- पीने के पानी की उपलब्धता
- साफ-सुथरे शौचालय
- साफ-सफाई और सुरक्षा
हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर रैनबसेरे पर बड़े साइन बोर्ड लगे हों ताकि राहगीर, मजदूर और बेघर लोग आसानी से वहां पहुंच सकें। साथ ही, उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ तुरंत बैठक कर अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और समय रहते सभी कमियां दूर करें ताकि किसी भी असहाय व्यक्ति को शीतलहर की मार न झेलनी पड़े।
कोहरे से दुर्घटना रोकने के लिए विशेष अलर्ट—वाहनों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य
ठंड के साथ-साथ कोहरे का खतरा भी बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए CDO ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि जनपद की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाए।
उन्होंने कहा कि:
- ट्रैक्टर–ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर लाइट
- दुपहिया वाहनों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर
- सड़क किनारे धुंध में चमकने वाले रेडियम मार्कर
पूरी तरह अनिवार्य किए जाएं। साथ ही, उन्हें यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि रात और सुबह के समय वाहनों की चेकिंग बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी तरह के हादसे को रोका जा सके।
आवारा पशु भी न बनें खतरा—पशुओं के गले में रेडियम कॉलर लगाने का आदेश
सर्दी और कोहरे के मौसम में अक्सर सड़क पर घूमने वाले पशु हादसों का कारण बन जाते हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए CDO ने पशुपालन विभाग, नगर निगम और नगर पालिका को सड़क पर घूमने वाले पशुओं के गले में रेडियम कॉलर लगाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल आम जनता की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह उन पशुओं की भी सुरक्षा है जो कोहरे में दिखाई न देने के कारण दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश—“कोई भी व्यवस्था कागजों तक सीमित नहीं”
CDO ने बैठक में कहा कि ठंड से बचाव की तैयारी केवल दस्तावेज़ों और बैठकों तक सीमित न रह जाए, बल्कि इसका जमीन पर प्रभाव दिखना चाहिए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को आदेशित किया कि वे अपने-अपने तहसीलों में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करें और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।उन्होंने सभी विभागों को कोऑर्डिनेशन बनाए रखने की हिदायत देते हुए कहा कि “समय पर की गई तैयारी ही किसी भी संकट को रोक सकती है।”
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में
- अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी
- मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. सिंह
- उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार
- सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान
- आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत
- जिला पशु चिकित्साधिकारी डी.के. चंद
- रुड़की एआरटीओ (ए) एल्विन
सहित नगर निगम, नगर पालिका एवं जिला पंचायत के खंड विकास अधिकारियों ने भाग लिया।
—जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार
CDO के निर्देशों के बाद साफ है कि हरिद्वार प्रशासन शीतलहर को लेकर पूरी सतर्कता और गंभीरता से काम कर रहा है। अलाव से लेकर रैनबसेरों तक, और सड़क सुरक्षा से लेकर आवारा पशुओं के प्रबंधन तक, हर मोर्चे पर तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य एक ही है—
“जनपद में कोई भी व्यक्ति ठंड, कोहरे या लापरवाही का शिकार न बने।”



