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❄️ शीत लहर में प्रशासन जीरो ग्राउंड पर मैदान में: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खुद संभाला मोर्चा,, रैन बसेरों में व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच को प्रभावित के बीच पहुंचे डीएम मयूर दीक्षित,, 🏠 रैन बसेरों से घाटों तक सख्ती, हीटर–बिजली ऑडिट–अलाव के स्पष्ट निर्देश,, 🤝 गरीब, असहाय व श्रद्धालुओं के लिए राहत अभियान तेज, कंबल वितरण और अतिक्रमण पर कार्रवाई

उत्तर भारत में बढ़ती कड़ाके की ठंड और शीत लहर के बीच हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। बेसहारा, असहाय, गरीब लोगों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को शीत लहर के प्रकोप से सुरक्षित रखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं धरातल पर उतरे और रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में बनाए गए रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उप नगर आयुक्त ऋषभ उनियाल, तहसीलदार सचिन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने एक-एक व्यवस्था को बारीकी से देखा और स्पष्ट संदेश दिया कि ठंड के इस कठिन दौर में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इन्तजार रजा हरिद्वार ❄️ शीत लहर में प्रशासन जीरो ग्राउंड पर मैदान में: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खुद संभाला मोर्चा,, रैन बसेरों में व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच को प्रभावित के बीच पहुंचे डीएम मयूर दीक्षित,,

🏠 रैन बसेरों से घाटों तक सख्ती, हीटर–बिजली ऑडिट–अलाव के स्पष्ट निर्देश,,

🤝 गरीब, असहाय व श्रद्धालुओं के लिए राहत अभियान तेज, कंबल वितरण और अतिक्रमण पर कार्रवाई

 

हरिद्वार | 18 दिसंबर 2025

उत्तर भारत में बढ़ती कड़ाके की ठंड और शीत लहर के बीच हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। बेसहारा, असहाय, गरीब लोगों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को शीत लहर के प्रकोप से सुरक्षित रखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं धरातल पर उतरे और रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में बनाए गए रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उप नगर आयुक्त ऋषभ उनियाल, तहसीलदार सचिन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने एक-एक व्यवस्था को बारीकी से देखा और स्पष्ट संदेश दिया कि ठंड के इस कठिन दौर में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

रैन बसेरों में व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच

 

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रोड़ीबेलवाला क्षेत्रांतर्गत बनाए गए रैन बसेरों का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रैन बसेरों में साफ-सफाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फर्श, शौचालय, स्नानघर और विश्राम स्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने चादरों, रजाइयों और उनके कवर की समय-समय पर धुलाई कराने के निर्देश दिए ताकि किसी प्रकार की गंदगी या संक्रमण की आशंका न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि रैन बसेरे केवल ठहरने की जगह नहीं, बल्कि ठंड से राहत देने का सुरक्षित आश्रय हैं, इसलिए यहां किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

रजिस्टर में पूरा विवरण, शुल्क वसूली पर पूर्ण प्रतिबंध

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रैन बसेरों में आने वाले प्रत्येक गरीब व्यक्ति या श्रद्धालु का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए। इससे न केवल निगरानी आसान होगी, बल्कि जरूरतमंदों तक योजनाओं और सहायता को सही तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी व्यक्ति से किसी भी प्रकार का सुविधा शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कहीं से शुल्क वसूली की शिकायत मिली तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हीटर और बिजली सुरक्षा पर विशेष जोर

शीत लहर से राहत देने के लिए जिलाधिकारी ने सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में हीटर रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नगर निगम और विद्युत विभाग को आदेश दिए कि सभी रैन बसेरों का विद्युत लोड ऑडिट कराया जाए, ताकि ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट या आगजनी जैसी घटनाओं की आशंका न रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि ठंड से बचाव के लिए लगाए गए हीटर अगर सुरक्षित नहीं होंगे, तो वे राहत के बजाय खतरा बन सकते हैं। इसलिए बिजली व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त और मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

चौराहों, प्रमुख स्थलों और घाटों पर अलाव

शीत लहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और गंगा घाटों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुले में रहने वाले बेसहारा लोग, मजदूर, रिक्शा चालक और रात में काम करने वाले कर्मियों के लिए अलाव बेहद जरूरी हैं।

प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि अलाव के लिए लकड़ी और ईंधन की कोई कमी न हो और इन्हें नियमित रूप से जलाया जाए।

सार्वजनिक शौचालयों में यूरिन शुल्क पर सख्त कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को यह जानकारी मिली कि कुछ सार्वजनिक शौचालयों में यूरिन के लिए शुल्क लिया जा रहा है और इसके लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर ही ऐसे सभी बोर्ड हटवाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सार्वजनिक शौचालय में किसी भी व्यक्ति या तीर्थयात्री से यूरिन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। विशेष रूप से गरीब और असहाय लोगों से किसी भी प्रकार की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

हरकी पैड़ी और घाट अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हरकी पैड़ी क्षेत्र तथा शिव पुल से ओम पुल तक सभी घाटों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश नगर निगम को दिए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को स्नान और आवागमन में परेशानी होती है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों की नियमित निगरानी की जाए और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कंबल वितरण से मिली राहत

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने असहाय, गरीब व्यक्तियों और श्रद्धालुओं को कंबल भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि शीत लहर के दौरान कंबल वितरण का कार्य लगातार जारी रहेगा।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर कंबल उपलब्ध कराएं, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण असहाय न रहे।

मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी हरिद्वार ने कहा कि

“शीत लहर के दौरान गरीब, असहाय और श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रैन बसेरों में साफ-सफाई, बिजली, हीटर और अन्य सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहनी चाहिए। अलाव और कंबल वितरण का कार्य लगातार जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

शीत लहर के इस कठिन समय में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की सक्रियता और जमीनी निगरानी यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन गरीबों, असहायों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और गंभीर है। रैन बसेरों से लेकर गंगा घाटों तक की गई सख्त निगरानी और निर्देश निश्चित रूप से राहत और भरोसे का संदेश दे रहे हैं।

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