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सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज की सराहनीय पहल,, टांडा प्राथमिक विद्यालय को मिले दो नए कक्ष, 12 लाख की लागत से बदली तस्वीर,, गुरुद्वारा परिसर से नए भवन तक, बच्चों के ‘बेहतर कल’ की ओर मजबूत कदम

इन्तजार रजा हरिद्वार- सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज की सराहनीय पहल,,

टांडा प्राथमिक विद्यालय को मिले दो नए कक्ष, 12 लाख की लागत से बदली तस्वीर,,

गुरुद्वारा परिसर से नए भवन तक, बच्चों के ‘बेहतर कल’ की ओर मजबूत कदम

हरिद्वार। सिडकुल स्थित ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत ग्राम पंचायत टांडा औरंगाबाद के प्राथमिक विद्यालय के लिए दो नए कक्षों का निर्माण कर शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल की है। लगभग 12 लाख रुपये की लागत से तैयार यह भवन विद्यालय प्रशासन को सौंप दिया गया है, जिससे स्कूल की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है।

पहले यह विद्यालय गुरुद्वारा परिसर के अंदर संचालित हो रहा था, जहां सीमित स्थान और संसाधनों के कारण बच्चों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब नए भवन में शिफ्ट होने के साथ ही बच्चों को खुला, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल रहा है।

समय पर पूरा किया गया वादा

प्लांट हेड महेश कुमार त्यागी ने बताया कि पिछले वर्ष ग्राम प्रतिनिधियों ने दो कक्षों की मांग रखी थी। कंपनी ने नया सत्र शुरू होने से पहले कक्ष तैयार कर सौंपने का वादा किया था, जिसे समय पर पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की सबसे मजबूत नींव है और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना कंपनी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सीएसआर मैनेजर अरुणेश कुमार ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल है। कक्षों में पर्याप्त रोशनी, हवादार व्यवस्था और बच्चों के अनुकूल सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

एचआर मैनेजर ऋषि तिवारी ने बताया कि यह परियोजना कंपनी की “बेहतर कल” की सोच का हिस्सा है। निर्माण कार्य की प्रगति और तस्वीरें आंतरिक संचार के माध्यम से साझा की गईं, जिससे कर्मचारियों का भी इस सामाजिक पहल से जुड़ाव बढ़ा।

गुरुद्वारा परिसर से अलग हुआ विद्यालय

विद्यालय पहले गुरुद्वारा परिसर के भीतर संचालित होता था। गुरुद्वारा समिति और ग्रामीणों की इच्छा थी कि गुरुद्वारा और विद्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हों, ताकि दोनों व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल सकें।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने कंपनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले भी कंपनी ने बच्चों की आवश्यकताओं में सहयोग किया है। अब नए भवन के साथ पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल गया है।

गांव के उप-प्रधान ने कहा, “सीएमआर कंपनी ने हमारे गांव में विकास की नई धारा बहाई है। बच्चों को अब बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है।”ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भी उम्मीद जताई कि विद्यालय के जो शेष मानक हैं, उन्हें भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।

बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

नए कक्षों के निर्माण से गांव में खुशी का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि अब उनके बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित कक्षों में पढ़ने का अवसर मिल रहा है।

पहले जहां जगह की कमी के कारण दिक्कतें थीं, वहीं अब नए भवन ने विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। यह 12 लाख रुपये की लागत से तैयार भवन केवल दीवारों और छत का ढांचा नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत की यह पहल यह साबित करती है कि यदि उद्योग सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं, तो जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव संभव है।टांडा औरंगाबाद के बच्चों के लिए यह नया भवन एक नई शुरुआत है। बेहतर वातावरण में पढ़ाई के साथ अब उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और उनका भविष्य और अधिक उज्ज्वल बनेगा।

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