नीलाधारा गंगा तट पर सजी ‘मुख्य सेवक’ की चौपाल,, खाट पर बैठकर ग्रामीणों से संवाद, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश,, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में उमड़ा जनसैलाब, पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत

इन्तजार रजा हरिद्वार- नीलाधारा गंगा तट पर सजी ‘मुख्य सेवक’ की चौपाल,,
खाट पर बैठकर ग्रामीणों से संवाद, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश,,
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में उमड़ा जनसैलाब, पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत
*LIVE: कांगड़ी, हरिद्वार में आयोजित ‘मुख्य सेवक जन चौपाल’ कार्यक्रम*
हरिद्वार, 16 फरवरी 2026।
हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी स्थित नीलाधारा गंगा तट पर उस समय अनोखा दृश्य देखने को मिला जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने पारंपरिक अंदाज़ में खाट पर बैठकर ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक जन चौपाल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सीधे जनता से संवाद कर सरकार की जवाबदेही का स्पष्ट संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीणों द्वारा पुष्पवर्षा और जोरदार स्वागत के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने स्वयं को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आमजन को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मुक्त कर प्रशासन को उनके द्वार तक पहुंचाना है।
समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश, लापरवाही पर सख्त चेतावनी
जन चौपाल में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधानों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, बाढ़ सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और राजस्व संबंधी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से सुना और मौके पर उपस्थित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा और जनसमस्याओं के समाधान में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का जीवंत मंच है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कोई भी आवाज दबाई नहीं जाएगी और कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी।
रोजगार, किसान कल्याण और ऐतिहासिक निर्णयों पर मुख्यमंत्री का फोकस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सके।
किसानों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी आय में वृद्धि और हितों की रक्षा के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसे सामाजिक समरसता, समानता और न्याय की दिशा में दूरदर्शी निर्णय बताते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य की जनता के हित में लिया गया साहसिक कदम है।
हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास को मिली नई गति
हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। बाढ़ सुरक्षा के लिए लगभग 96 करोड़ रुपये की लागत से तटबंध निर्माण कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और कृषि को लाभकारी बनाने के प्रयास जारी हैं।
मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से विकास कार्यों को नई गति मिली है। “डबल इंजन सरकार” की प्रतिबद्धता के कारण योजनाएं बिना भेदभाव अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार किया गया है और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने स्वयं को जनता से अलग नहीं, बल्कि उनका सेवक बताते हुए कहा कि जनता की संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और जनता मिलकर कार्य करें तो विकास की कोई सीमा नहीं रहती। प्रदेशवासियों के सहयोग से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को अवश्य सिद्ध किया जाएगा।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि धामी सरकार हर वर्ग की उन्नति के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर हरिद्वार किरण जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, जयपाल सिंह चौहान, सुनील सैनी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, महंत ऋषिश्वरानन्द, संत जगजीत सिंह, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, कुंभ मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
नीलाधारा गंगा तट पर सजी यह चौपाल केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी। मुख्यमंत्री का खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करना इस बात का संकेत था कि शासन अब दूरी नहीं, बल्कि निकटता और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रहा है।



