योगी आदित्यनाथ पर विवादित बयान को लेकर हरिद्वार में शिकायत,, मौलाना अब्दुल सलीम पर अभद्र टिप्पणी का आरोप, कनखल थाने में एडवोकेट भदौरिया परिवार द्वारा दी गई तहरीर,, जगजीतपुर निवासी एलएलबी छात्र चेतन भदौरिया ने मुकदमा दर्ज करने की मांग की

इन्तजार रजा हरिद्वार- योगी आदित्यनाथ पर विवादित बयान को लेकर हरिद्वार में शिकायत,,
मौलाना अब्दुल सलीम पर अभद्र टिप्पणी का आरोप, कनखल थाने में एडवोकेट भदौरिया परिवार द्वारा दी गई तहरीर,,
जगजीतपुर निवासी एलएलबी छात्र चेतन भदौरिया ने मुकदमा दर्ज करने की मांग की
हरिद्वार। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर कथित विवादित बयान का मामला अब हरिद्वार तक पहुंच गया है। बिहार के मौलाना अब्दुल सलीम पर एक मजहबी जलसे में मुख्यमंत्री और उनकी माता के संबंध में अभद्र टिप्पणी करने तथा गौकशी कानून के विरोध में लोगों को उकसाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में हरिद्वार के जगजीतपुर निवासी चेतन भदौरिया ने कनखल थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता चेतन भदौरिया, जो वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं, ने पुलिस को दिए अपने प्रार्थना पत्र में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और ऑडियो को सुनने के बाद उन्हें और अन्य लोगों को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने पुलिस से मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
एलएलबी छात्र चेतन भदौरिया ने दी तहरीर
जगजीतपुर निवासी चेतन भदौरिया पुत्र एडवोकेट अरुण भदौरिया ने सोमवार को थाना कनखल पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी। चेतन भदौरिया ने अपने आवेदन में कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपनी कार्यशैली और नीतियों के बल पर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में आयोजित एक मजहबी जलसे के दौरान मौलाना अब्दुल सलीम ने मुख्यमंत्री की माता को लेकर अभद्र टिप्पणी की और गौकशी कानून के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश की।
चेतन भदौरिया के अनुसार उन्होंने 9 मार्च 2026 को अपने निवास स्थान रुद्र विहार, जगजीतपुर में सोशल मीडिया के माध्यम से यह वीडियो और ऑडियो सुना। इस कथित बयान को सुनने के बाद उनके सहित कई लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी लिखा कि इस प्रकार की अमर्यादित भाषा समाज में वैमनस्य फैलाने का काम कर सकती है, इसलिए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ा मामला
मामला उस समय चर्चा में आया जब एक मजहबी जलसे का कथित वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगा। बताया जा रहा है कि इस वीडियो में मौलाना अब्दुल सलीम मंच से संबोधित करते हुए कुछ विवादित बातें कहते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि कुछ ने इसकी सत्यता की जांच की जरूरत बताई।
चेतन भदौरिया का कहना है कि उन्होंने जब यह वीडियो देखा तो उन्हें लगा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है, इसलिए उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर मामले को संज्ञान में लाने का प्रयास किया।
पुलिस से की गई कार्रवाई की मांग
अपने प्रार्थना पत्र में चेतन भदौरिया ने थाना कनखल के प्रभारी निरीक्षक से अनुरोध किया है कि मामले की जांच कर मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
उन्होंने लिखा कि इस प्रकार की अभद्र और भड़काऊ भाषा से समाज में तनाव पैदा हो सकता है और लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। इसलिए कानून के तहत कार्रवाई की जानी जरूरी है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।प्रार्थना पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह बयान सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैल रहा है और इससे लोगों में रोष व्याप्त है।
कनखल पुलिस कर रही मामले की जांच
इस संबंध में पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और ऑडियो की सत्यता की जांच करना आवश्यक है।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी माध्यमों से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वीडियो कब और कहां का है तथा उसमें कही गई बातों का वास्तविक संदर्भ क्या है।यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है।फिलहाल इस मामले को लेकर हरिद्वार में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस की आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।



