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कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन, बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग जनता के मुद्दों पर लंबी बहस और जवाबदेही की उठी आवाज

इन्तजार रजा हरिद्वार- कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन, बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग,,

जनता के मुद्दों पर लंबी बहस और जवाबदेही की उठी आवाज,,

विधायक रवि बहादुर ने कहा………

 

हरिद्वार। बजट सत्र से ठीक पहले हरिद्वार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ज्वालापुर विधायक ने किया।

ज्ञापन में आगामी उत्तराखण्ड विधानसभा के बजट सत्र को कम से कम तीन सप्ताह तक चलाने की मांग की गई है, ताकि प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।

बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग

कांग्रेस विधायक रवि बहादुर ने कहा कि राज्य में विधानसभा सत्र अन्य राज्यों की तुलना में कम समय के लिए आयोजित होता है, जिससे जनता की समस्याएं सदन में पूरी तरह से नहीं उठ पातीं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 70 विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न सदन में रखने और सरकार से स्पष्ट जवाब लेने का अवसर मिलना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बजट सत्र की कार्यवाही इस प्रकार निर्धारित की जाए कि प्रश्नकाल और विधायी कार्यों के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो। उनका कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदन में खुली और विस्तृत चर्चा आवश्यक है।

कानून व्यवस्था, जल संकट और आपदा मुद्दे प्रमुख

ज्ञापन में राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए कहा गया कि कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, वन्य जीवों के हमलों से हो रही जनहानि, पेयजल संकट और आपदा पीड़ितों के पुनर्वास जैसे मुद्दे तत्काल चर्चा की मांग करते हैं।

विधायकों ने आरोप लगाया कि “हर घर नल” जैसी योजनाओं के बावजूद कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। वहीं पिछले वर्ष आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवार अब भी मुआवजे और पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कानूनों में सुधार की जरूरत

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि राज्य में अब भी कई कानून और नियमावली उत्तर प्रदेश काल के लागू हैं, जिन्हें उत्तराखण्ड की परिस्थितियों के अनुसार संशोधित किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह तर्क दिया कि राज्य निर्माण के 25 वर्ष बाद भी कई विधायी सुधार लंबित हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट सत्र के दौरान आवश्यक संशोधन विधेयक लाकर राज्य की प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए।

जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन जिलाधिकारी हरिद्वार को सौंपते हुए अनुरोध किया कि इसे मुख्यमंत्री कार्यालय तक शीघ्र प्रेषित किया जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि अध्यक्ष को भी भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

राजनीतिक माहौल गर्म

हरिद्वार में कांग्रेस विधायकों की इस पहल को बजट सत्र से पहले सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्र की अवधि और सदन में चर्चा के समय को लेकर यह मुद्दा आगामी दिनों में और गरमा सकता है।

फिलहाल कांग्रेस का कहना है कि यह लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और जवाबदेही की है। अब देखना होगा कि सरकार इस ज्ञापन पर क्या निर्णय लेती है और बजट सत्र का स्वरूप कैसा रहता है।इस दौरान विधायक हाजी फुरकान अहमद जिला अध्यक्ष रुड़की ग्रामीण विधायक ममता राकेश विधायक अनुपमा रावत हारून चौधरी सागर बेनीवाल महरूफ सलमानी तबरेज आलम आदि लोग मौजूद रहे

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