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कोटद्वार में माहौल बिगाड़ने की साजिश नाकाम,, 🚔 सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों पर पौड़ी पुलिस की सख्त कार्रवाई,, ⚖️ शांति भंग, सरकारी कार्य में बाधा और उकसावे पर कई मुकदमे दर्ज

इन्तजार रजा हरिद्वार 👉🏻 कोटद्वार में माहौल बिगाड़ने की साजिश नाकाम,,

🚔 सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों पर पौड़ी पुलिस की सख्त कार्रवाई,,

⚖️ शांति भंग, सरकारी कार्य में बाधा और उकसावे पर कई मुकदमे दर्ज

कोटद्वार।
कोटद्वार शहर में शांति व्यवस्था को भंग करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों पर पौड़ी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पूर्व में बाबा ड्रेस दुकान से जुड़े आपसी विवाद के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई, जिसे पुलिस ने समय रहते नियंत्रित कर लिया।

दिनांक 31 जनवरी 2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ लोग दीपक कुमार के विरोध में उसके जिम तथा पटेल मार्ग स्थित बाबा ड्रेस दुकान पर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस बल को सतर्क किया गया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए और सड़क जाम कर दिया।

🔴 नारेबाजी, सड़क जाम और धार्मिक भावनाओं को ठेस

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ व्यक्तियों ने उकसावेपूर्ण नारे लगाए और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग किया। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, तो उन्होंने पुलिस बैरियर हटाकर उग्र नारेबाजी, गाली-गलौच शुरू कर दी। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब करीब 30–40 अज्ञात व्यक्तियों ने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा डाली।

इन घटनाओं से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और सार्वजनिक व्यवस्था के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द को भी खतरा उत्पन्न हो गया। हालात को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

⚖️ पुलिस की तहरीर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा

घटना के संबंध में उपनिरीक्षक विनोद चपराना द्वारा कोतवाली कोटद्वार में आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 121(2), 126(2), 196(2), 352 तथा धारा 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। इन धाराओं के तहत सार्वजनिक शांति भंग करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और उकसावे की कार्रवाई को गंभीर अपराध माना गया है।

📝 अलग-अलग शिकायतों पर अलग मुकदमे

इसी क्रम में वकील अहमद, निवासी कोटद्वार द्वारा प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर भी कोतवाली कोटद्वार में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 333, 351(2), 352 के अंतर्गत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीं दूसरी ओर कमल पाल, निवासी कोटद्वार द्वारा दी गई शिकायत में दीपक उर्फ अक्की, विजय रावत एवं उनके अन्य साथियों पर गाली-गलौज, जाति-सूचक शब्दों के प्रयोग और जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस शिकायत के आधार पर संबंधित आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 191(1), 351(2), 352 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

🚨 प्रशासन सख्त, निष्पक्ष जांच जारी

कोटद्वार क्षेत्र में दो संप्रदायों के मध्य उत्पन्न इस आपसी विवाद को प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से संज्ञान में लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में प्राप्त सभी तहरीरों के आधार पर मुकदमे दर्ज कर गहन एवं निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि दोषी चाहे किसी भी पक्ष से हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

🛑 अफवाहों से बचने की अपील

पौड़ी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को अराजकता फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शांति भंग करने, अफवाह फैलाने अथवा उकसावेपूर्ण गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर और त्वरित कार्रवाई की जाएगी, जिसमें किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहें और शांति बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

कोटद्वार में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।

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