गुरु रविदास प्रकाश उत्सव पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब,, पंजाब से आई पारंपरिक दमड़ी यात्रा का हरिद्वार में भव्य स्वागत,, भजन-कीर्तन, संतों के संदेश और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच हरकी पैड़ी तक निकली विशाल शोभायात्रा

इन्तजार रजा हरिद्वार- गुरु रविदास प्रकाश उत्सव पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब,,
पंजाब से आई पारंपरिक दमड़ी यात्रा का हरिद्वार में भव्य स्वागत,,
भजन-कीर्तन, संतों के संदेश और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच हरकी पैड़ी तक निकली विशाल शोभायात्रा

हरिद्वार।
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 649वें प्रकाश उत्सव के अवसर पर शनिवार को हरिद्वार की पावन धरती पर श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। पंजाब से आने वाली पारंपरिक दमड़ी यात्रा का शहर में भव्य और दिव्य स्वागत किया गया। ज्वालापुर बाजार से शुरू होकर दुर्गा चौक, शंकर आश्रम और ऋषिकुल मार्ग से होते हुए यह विशाल यात्रा हरकी पैड़ी तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास महाराज के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।
इस अवसर पर हरिद्वार सहित उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और समाजसेवी शामिल हुए। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संत समाज और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी।
विधि-विधान से हुआ यात्रा का शुभारंभ
दमड़ी यात्रा का विधिवत शुभारंभ संत-महात्माओं और पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल के हाथों मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। इसके बाद यात्रा सबसे पहले गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पहुंची, जहां अन्य यात्राओं के साथ इसका संगम हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं का विशाल समूह भजन-कीर्तन और गुरु रविदास के जयकारों के साथ हरकी पैड़ी की ओर बढ़ा।
पूरे मार्ग में भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़ों और गुरु रविदास के संदेशों से वातावरण आध्यात्मिकता से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास के उपदेशों और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। हरकी पैड़ी स्थित गुरु रविदास मंदिर पहुंचकर यात्रा का समापन हुआ, जहां संत समाज और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रार्थना और सत्संग में भाग लिया।
भाईचारे और समरसता का संदेश
संत बाबा निर्मल दास महाराज ने कहा कि दमड़ी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और भाईचारे का संदेश देने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार सदियों से संतों और ऋषियों की तपस्थली रहा है और यहां से देश-दुनिया को सद्भाव और समरसता का संदेश मिलता रहा है।
उन्होंने बताया कि पुल जटवाड़ा स्थित संत रविदास द्वार पर श्रद्धालुओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां 200 से 400 श्रद्धालुओं के एक साथ ठहरने के लिए विशाल हॉल, भोजन और विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कार्यक्रम संयोजक राजबीर सिंह कटारिया ने बताया कि यात्रा के दौरान जगह-जगह भजन-कीर्तन, सत्संग और गुरु रविदास के उपदेशों का प्रचार-प्रसार किया गया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास द्वारा बताए गए ‘बेगमपुरा’ के आदर्श समाज की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लिए समानता, न्याय और सम्मान का भाव हो।
चारधाम यात्रा में संत समाज को दिया आमंत्रण
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप ने संत समाज को आगामी चारधाम यात्रा में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। संतों की भागीदारी से न केवल इस यात्रा की गरिमा बढ़ेगी बल्कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन भी मिलेगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
समान नागरिक संहिता पर भी रखे विचार
आईजी गढ़वाल ने इस अवसर पर संत समाज के समक्ष समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यूसीसी को समाज में समानता और न्याय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और एक समान कानून उपलब्ध कराना है, जिससे सामाजिक भेदभाव समाप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि यह पहल एक मजबूत और एकजुट भारत की नींव को और मजबूत करेगी तथा समाज में पारदर्शिता और समानता को बढ़ावा देगी।
समरसता का संदेश लेकर लौटी यात्रा
आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि पंजाब से आई दमड़ी यात्रा ने समाज में समरसता, भाईचारे और एकता का व्यापक संदेश दिया है। आज के समय में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समन्वय और सहयोग की भावना को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन से समाज में सकारात्मक सोच विकसित होती है और लोग आपसी मतभेदों को भूलकर एकजुट होने की प्रेरणा लेते हैं।
कार्यक्रम के दौरान साधू संप्रदाय सोसायटी जालंधर पंजाब के चेयरमैन संत श्रवण दास बोहन, प्रधान संत बाबा निर्मल दास महाराज, जनरल सचिव संत इंद्र दास, संत परमजीत दास, प्रचारक दीदी संतोष, महात्मा मेहर चंद दास, योगेश कुमार, तीर्थपाल रवि, अधिवक्ता सुशील कुमार, मंजीत नौटियाल, दर्जाधारी मंत्री देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर किरण जैसल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता के संदेश के साथ निकली यह दमड़ी यात्रा हरिद्वार में एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में यादगार बन गई। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और संतों के संदेशों ने इस आयोजन को श्रद्धा और समरसता का अद्भुत उत्सव बना दिया।



