गैरसैंण से धामी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश,, ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट, विकास, रोजगार और पर्यटन पर विशेष फोकस,, शिक्षा-स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और महिला सुरक्षा के लिए कई बड़ी घोषणाएं

इन्तजार रजा हरिद्वार- गैरसैंण से धामी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश,,
₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट, विकास, रोजगार और पर्यटन पर विशेष फोकस,,
शिक्षा-स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और महिला सुरक्षा के लिए कई बड़ी घोषणाएं
गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट पेश किया। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 10.41 प्रतिशत अधिक है और उत्तराखंड के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है।
सरकार ने इस बजट को विकासोन्मुखी बताते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में रोजगार सृजन, पर्यटन को बढ़ावा, आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और तकनीकी विकास को गति देना है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित निवेश किया गया है ताकि पहाड़ से लेकर मैदान तक विकास का लाभ पहुंच सके।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर
राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विभागों के लिए बजट का प्रावधान किया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए ₹542.84 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग के लिए ₹146.30 करोड़ और तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए ₹98.50 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस बजट के माध्यम से विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा और तकनीकी शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹195.46 करोड़ और चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए ₹126.37 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।
सरकार का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना, अस्पतालों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना है।
आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों पर बड़ा निवेश
राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण विभागों को बड़ा बजट आवंटित किया गया है। पेयजल विभाग के लिए ₹1,827.91 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग के लिए ₹1,642.20 करोड़ और शहरी विकास विभाग के लिए ₹1,401.85 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए लोक निर्माण विभाग को ₹2,501.91 करोड़ का बजट दिया गया है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ऊर्जा विभाग के लिए ₹1,609.43 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि ऊर्जा उत्पादन और वितरण प्रणाली को बेहतर बनाकर औद्योगिक और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।
इन प्रावधानों के माध्यम से सरकार राज्य में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में धार्मिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए बजट में इस क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा कॉरिडोर और गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए ₹10-10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के विकास के लिए ₹10 करोड़ का बजट रखा गया है, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।
आगामी कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से ₹1,027 करोड़ के अनुदान का प्रस्ताव भी रखा गया है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
महिला सुरक्षा, तकनीक और रोजगार के लिए नई पहल
महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजट में निर्भया फंड के तहत ₹112.02 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को लागू किया जाएगा।
तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए साइबर सिक्योरिटी के लिए ₹15 करोड़ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व अन्य उभरती तकनीकों के उपयोग के लिए ₹10.50 करोड़ का बजट रखा गया है।
युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए ₹3.73 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
नई योजनाओं की भी घोषणा
बजट में कई नई योजनाओं की घोषणा भी की गई है। इनमें महक क्रांति योजना के लिए ₹10 करोड़, हाउस ऑफ हिमालयाज के लिए ₹5 करोड़ और उत्तराखंड एवं भारत दर्शन योजना के लिए ₹4.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सरयू और अन्य नदियों के रिवर फ्रंट विकास के लिए ₹10 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।
आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ‘आपदा सखी’ योजना, रेस्क्यू सेंटर की स्थापना, ग्राम प्रहरी योजना, न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम निर्माण, नशा मुक्ति केंद्र और पुस्तकालय निर्माण के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
सरकार का दावा है कि इस बजट के माध्यम से पर्यटन, रोजगार, महिला सुरक्षा, तकनीक और आधारभूत ढांचे के क्षेत्रों में नई गति आएगी और उत्तराखंड के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी।



