एक घंटे की अंधेरी रोशनी से उज्ज्वल भविष्य का संदेश,, ‘अर्थ आवर’ अभियान में हरिद्वार को जोड़ने की पहल,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गैर-जरूरी लाइट बंद रखने की अपील की

इन्तजार रजा हरिद्वार- एक घंटे की अंधेरी रोशनी से उज्ज्वल भविष्य का संदेश,,
‘अर्थ आवर’ अभियान में हरिद्वार को जोड़ने की पहल,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गैर-जरूरी लाइट बंद रखने की अपील की
हरिद्वार, 28 मार्च 2026।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज जनपद हरिद्वार में “अर्थ आवर (Earth Hour)” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से आज रात्रि 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए गैर-जरूरी विद्युत लाइट बंद रखने की अपील की है।
यह पहल केवल बिजली बचाने का प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला एक वैश्विक अभियान भी है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों, संस्थानों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।
विश्व स्तर पर मनाया जाता है “अर्थ आवर” अभियान
जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि “अर्थ आवर” एक वैश्विक अभियान है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देना है। इस अभियान के तहत दुनिया भर में एक निर्धारित समय के लिए लोग स्वेच्छा से अनावश्यक लाइटें बंद कर पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं।
इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन ने भी निर्देश जारी करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम विश्व स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
इसके अलावा के सचिवालय, नई दिल्ली तथा राज्यपाल सचिवालय उत्तराखण्ड की ओर से भी राज्यभर में इस अभियान को व्यापक स्तर पर मनाने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस वैश्विक पहल से जुड़ सकें।
ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि “अर्थ आवर” अभियान का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा की बचत करना, जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति छोटी-छोटी पहल करे, जैसे कि अनावश्यक बिजली का उपयोग कम करना, ऊर्जा की बचत करना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े परिणाम सामने आ सकते हैं।
यह अभियान लोगों को यह संदेश देता है कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का दायित्व है।
जनभागीदारी से ही सफल होगा अभियान
जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय कार्यालयों, संस्थानों, प्रतिष्ठानों तथा आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। निर्धारित समयावधि के दौरान अनावश्यक लाइटों को बंद कर इस वैश्विक पहल में अपना योगदान देने का आग्रह किया गया है।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विभागों और कार्मिकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ें। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचे।
प्रशासन का मानना है कि यदि समाज का हर व्यक्ति इस पहल में भागीदारी निभाएगा तो यह अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगा।
अर्थ आवर का संदेश साफ है—
एक घंटे के लिए बुझी लाइटें, आने वाले समय में पृथ्वी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जगाती हैं। 🌍💡



