जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का सख़्त अल्टीमेटम,, राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण करने वालों पर चला प्रशासन का बुलडोज़र,, एनएचएआई ने अवैध होर्डिंग, यूनिपोल और झुग्गी-झोपड़ियों को जड़ से उखाड़ा

इन्तजार रजा हरिद्वार- जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का सख़्त अल्टीमेटम,,
राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण करने वालों पर चला प्रशासन का बुलडोज़र,,
एनएचएआई ने अवैध होर्डिंग, यूनिपोल और झुग्गी-झोपड़ियों को जड़ से उखाड़ा
हरिद्वार | 02 दिसंबर 2026
हरिद्वार जनपद में अब अतिक्रमण करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख़्त निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी ताक़त के साथ मैदान में उतर चुका है। सरकारी ज़मीन, सार्वजनिक मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कब्ज़ा जमाकर बैठे लोगों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्षों से जमे अवैध होर्डिंग, यूनिपोल और अस्थायी ढांचों को हटाकर यह साफ़ संदेश दे दिया है कि अब अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पहले ही सभी विभागों को चेतावनी दी थी कि अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जो लोग नियमों को ताक पर रखकर सार्वजनिक भूमि पर कब्ज़ा कर रहे हैं, वे सीधे तौर पर जनसुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिलाधिकारी के इसी सख़्त रुख के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और एनएचएआई को राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
एनएचएआई के अधिशासी अभियंता अतुल शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेशों के अनुपालन में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाया गया। रानीपुर झाल से बहादराबाद बाईपास तक और मंगलौर क्षेत्र में बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग और विज्ञापन बोर्डों को एक-एक कर हटाया गया। इस दौरान 14 विशाल अवैध यूनिपोल को अधिकृत एजेंसी की मदद से उखाड़ फेंका गया। यह वे यूनिपोल थे, जो न केवल नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे थे, बल्कि किसी भी समय जानलेवा हादसे का कारण बन सकते थे।
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध होर्डिंग और यूनिपोल यातायात संकेतों को ढक देते हैं, जिससे वाहन चालकों को समय पर दिशा-निर्देश नहीं मिल पाते। तेज़ हवा या खराब मौसम में इनके गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके बावजूद संबंधित लोग मोटा मुनाफ़ा कमाने के लिए नियमों की धज्जियाँ उड़ाते रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई ने ऐसे सभी तत्वों की नींद उड़ा दी है।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वर्षों से जमी झुग्गी-झोपड़ियों, खोखों और अन्य अस्थायी कब्ज़ों पर भी हथौड़ा चलाया। इन अवैध ढांचों के कारण सड़क की चौड़ाई सिकुड़ चुकी थी और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही बाधित हो रही थी। बुलडोज़र की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद रहे, ताकि कोई अव्यवस्था न फैले।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दो टूक कहा है कि यह अभियान किसी दबाव में रुकने वाला नहीं है। उन्होंने साफ़ चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी व्यक्ति, संस्था या विज्ञापन एजेंसी द्वारा बिना अनुमति राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग, बोर्ड या अस्थायी निर्माण किया गया, तो न केवल उसे हटाया जाएगा, बल्कि संबंधित के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
प्रशासन की इस सख़्ती से पूरे जनपद में यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब अतिक्रमण के नाम पर अवैध कारोबार नहीं चलेगा। अभियान के दौरान पुलिस, प्रशासन और एनएचएआई के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर दृश्यता साफ़ हुई और यातायात व्यवस्था में तत्काल सुधार दिखाई दिया।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन के इस कड़े कदम का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से अवैध होर्डिंग और कब्ज़ों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था, लेकिन अब प्रशासन ने सही समय पर निर्णायक कदम उठाया है। इससे न केवल सड़क सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि हरिद्वार की पहचान एक सुव्यवस्थित और नियमों का पालन करने वाले शहर के रूप में भी बनेगी।
प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि आने वाले दिनों में जनपद के अन्य राष्ट्रीय व राज्य मार्गों, मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी इसी तरह का अतिक्रमण विरोधी अभियान और तेज़ किया जाएगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में हरिद्वार को अतिक्रमण मुक्त बनाने की मुहिम अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है।



