वल्ला हबीबी: लाइक–कमेंट के चक्कर में दो फर्जी शेख पहुंचे हवालात,, हरकी पैड़ी पर अरबी पहनावे में बना रहे थे वीडियो, अरबी पहनावे में नवीन कुमार और प्रिंस कुमार गिरफ्तार,, एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देशन में चंद घंटों में तेज तर्रार कोतवाल रितेश शाह की टीम ने किया पूरा खुलासा

इन्तजार रजा हरिद्वार– वल्ला हबीबी: लाइक–कमेंट के चक्कर में दो फर्जी शेख पहुंचे हवालात,,
हरकी पैड़ी पर अरबी पहनावे में बना रहे थे वीडियो, अरबी पहनावे में नवीन कुमार और प्रिंस कुमार गिरफ्तार,,
एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देशन में चंद घंटों में तेज तर्रार कोतवाल रितेश शाह की टीम ने किया पूरा खुलासा
धार्मिक नगरी हरिद्वार की पहचान और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र हरकी पैड़ी एक बार फिर सोशल मीडिया की सनक का शिकार होते-होते बच गया। लाइक और कमेंट पाने की होड़ में दो युवकों ने अरबी पहनावा पहनकर खुद को शेख की तरह पेश किया और हरकी पैड़ी क्षेत्र में वीडियो बनाने लगे। लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता और कोतवाली नगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते दोनों युवकों को कुछ ही घंटों में हवालात की हवा खानी पड़ी।
मामला 13 जनवरी 2026 का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो युवक अरबी वेशभूषा (शेख के लिबास) में हरकी पैड़ी क्षेत्र में घूमते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर स्थानीय पंडितों और लोगों ने उनसे पूछताछ की और इस वेश में हरकी पैड़ी आने पर आपत्ति जताई। इस पर युवकों ने जवाब दिया कि वे भारत में कहीं भी घूम सकते हैं। जब विरोध बढ़ा तो दोनों युवक तुरंत अपना पहनावा बदलकर वहां से निकल गए।
इस पूरी घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। हरकी पैड़ी जैसे अत्यंत संवेदनशील और धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार रितेश शाह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों युवकों की तलाश शुरू की। चंद घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों को रावली महदूद, सिडकुल क्षेत्र से हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली नगर लाया गया।
पूछताछ में युवकों की पहचान इस प्रकार हुई—
1. नवीन कुमार पुत्र मुन्ना, उम्र 22 वर्ष, निवासी रावली महदूद सिडकुल, हरिद्वार।
2. प्रिंस पुत्र सोमपाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी जपता नगर, थाना रहे, जिला बिजनौर (वर्तमान पता रावली महदूद सिडकुल, हरिद्वार)।

जब पुलिस ने उनसे हरकी पैड़ी आने और अरबी पहनावे में वीडियो बनाने का कारण पूछा तो दोनों ने बताया कि उनका एक यूट्यूब चैनल है। वे इससे पहले पेंटागन मॉल और शिवालिक नगर में भी इसी तरह की वीडियो बना चुके हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर काफी लाइक और कमेंट मिले थे। इसी कारण वे हरकी पैड़ी पर भी वीडियो बनाकर उसे वायरल करना चाहते थे।
हालांकि पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। यदि उनके कृत्य से किसी की आस्था या भावनाएं आहत हुई हों तो उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की वीडियो न बनाने का आश्वासन दिया।
पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों युवकों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की। साथ ही उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में इस तरह की हरकत दोहराई गई तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही आधी-अधूरी और भ्रामक वीडियो को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। हरिद्वार पुलिस का कहना है कि इस घटना से जुड़े या इससे मिलते-जुलते मामलों में जो लोग बिना सच्चाई जाने वीडियो और पोस्ट वायरल कर रहे हैं, उन्हें भी चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरिद्वार की धार्मिक गरिमा और शांति व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया के नाम पर धार्मिक स्थलों पर स्टंट, दिखावा या भ्रम फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस हर ऐसे तत्व पर पैनी नजर बनाए हुए है।
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी घटना की सत्यता जाने बिना सोशल मीडिया पर उसे साझा न करें। अफवाहें और अधूरी जानकारी सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
यह घटना एक बार फिर यह साफ करती है कि लाइक और वायरल होने की चाह में धार्मिक स्थलों की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों के लिए हरिद्वार में कोई जगह नहीं है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल संभावित विवाद को टाल दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि आस्था से जुड़ी जगहों पर कानून पूरी सख्ती से लागू होगा।



