1 अप्रैल से देशभर के पेट्रोल पंपों पर मिलेगा E-20 पेट्रोल,, एथनॉल मिश्रित ईंधन से घटेगा प्रदूषण, कम होगी विदेशी तेल पर निर्भरता,, सरकार का बड़ा कदम: पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नई पहल

इन्तजार रजा हरिद्वार- 1 अप्रैल से देशभर के पेट्रोल पंपों पर मिलेगा E-20 पेट्रोल,,
एथनॉल मिश्रित ईंधन से घटेगा प्रदूषण, कम होगी विदेशी तेल पर निर्भरता,,
सरकार का बड़ा कदम: पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नई पहल
देश में पेट्रोल के उपयोग और प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आगामी 1 अप्रैल से देश के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर E-20 पेट्रोल उपलब्ध कराया जाएगा। यह पेट्रोल सामान्य पेट्रोल की तुलना में अलग होगा क्योंकि इसमें 20 प्रतिशत तक एथनॉल (इथेनॉल) मिलाया गया होगा। सरकार का दावा है कि इस कदम से जहां पर्यावरण को फायदा होगा, वहीं विदेशी कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता भी कम होगी।
दरअसल, भारत लंबे समय से पेट्रोल और डीजल के लिए विदेशी आयात पर निर्भर रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ पड़ता है। इसी समस्या को कम करने के लिए सरकार ने एथनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को तेजी से लागू किया है। पहले पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथनॉल मिलाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक किया जा रहा है। इसी वजह से इसे E-20 पेट्रोल कहा जाता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एथनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से किया जाता है। इससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि एथनॉल उत्पादन के लिए कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल करने से वाहनों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी। देश के कई बड़े शहर पहले से ही प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, ऐसे में E-20 पेट्रोल को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, वाहन विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वाहनों के मालिकों को थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ सकती है। नई कार और बाइक कंपनियां पहले से ही ऐसे इंजन तैयार कर रही हैं जो E-20 पेट्रोल के अनुकूल हों। कई कंपनियों ने अपने नए मॉडलों को एथनॉल मिश्रित ईंधन के हिसाब से डिजाइन भी कर दिया है। वहीं पुराने वाहनों में भी आम तौर पर E-20 पेट्रोल इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन बेहतर प्रदर्शन के लिए इंजन की स्थिति अच्छी होना जरूरी है।
तेल कंपनियों ने भी इस बदलाव को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। देशभर के पेट्रोल पंपों पर धीरे-धीरे E-20 पेट्रोल की सप्लाई बढ़ाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में एथनॉल मिश्रण की मात्रा और बढ़ाई जाए ताकि स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिल सके।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि एथनॉल मिश्रण की यह योजना सफल रहती है तो भारत न केवल प्रदूषण को कम कर सकेगा बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाएगा। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिलेगा।
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से शुरू होने वाला E-20 पेट्रोल देश की ऊर्जा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक मजबूती और कृषि क्षेत्र के विकास—तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है।



