राशन डीलर की दबंगई से आखिर क्यों हिल गया लक्सर प्रशासन,, निरीक्षण के दौरान खाद्य आपूर्ति निरीक्षक से हाथापाई का आरोप, दुकान सील,, फर्जी वितरण के आरोपों सहित, अंगूठा लगवाकर राशन गायब करने के आरोप

इन्तजार रजा हरिद्वार- राशन डीलर की दबंगई से आखिर क्यों हिल गया लक्सर प्रशासन,,
निरीक्षण के दौरान खाद्य आपूर्ति निरीक्षक से हाथापाई का आरोप, दुकान सील,,
फर्जी वितरण के आरोपों सहित, अंगूठा लगवाकर राशन गायब करने के आरोप
लक्सर क्षेत्र में सरकारी राशन व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। गरीबों और जरूरतमंदों के हक पर डाका डालने वाले राशन माफिया अब इतने बेखौफ हो चुके हैं कि सरकारी अधिकारियों पर हाथ उठाने से भी नहीं चूक रहे। ताजा मामला हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र का है, जहां राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायत पर निरीक्षण करने पहुंची खाद्य आपूर्ति निरीक्षक के साथ राशन डीलर द्वारा धक्का-मुक्की और हाथापाई की घटना सामने आई है।
यह मामला न सिर्फ सरकारी सिस्टम के लिए गंभीर चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह कुछ राशन डीलर प्रशासनिक नियमों को ठेंगा दिखाकर गरीब कार्डधारकों के हक का राशन हजम कर रहे हैं।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची अधिकारी खाद्य आपूर्ति निरीक्षक बबीता
प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्सर क्षेत्र के एक गांव में स्थित राशन डीलर सुषमा की दुकान को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों में आरोप था कि डीलर कार्डधारकों से अंगूठा लगवाकर पर्चियां तो दे रही है, लेकिन वास्तविक रूप से राशन का वितरण नहीं किया जा रहा। इतना ही नहीं, पीले कार्ड धारकों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने की बात भी सामने आई।इन्हीं शिकायतों के आधार पर खाद्य आपूर्ति निरीक्षक बबीता निरीक्षण के लिए राशन की दुकान पर पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान जब अधिकारी ने वितरण व्यवस्था और स्टॉक से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो राशन डीलर कोई भी रजिस्टर उपलब्ध नहीं करा सकी।
अनियमितताएं उजागर होते ही भड़की डीलर
निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर न दिखा पाने पर जब खाद्य आपूर्ति निरीक्षक ने दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद करने और ताला लगाने की कार्रवाई शुरू की, तो राशन डीलर सुषमा आपा खो बैठी। आरोप है कि इसी दौरान राशन डीलर ने सरकारी अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की की और हाथापाई पर उतर आई।
यह पूरी घटना ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के सामने हुई, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। सरकारी अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासन की गरिमा पर भी सीधा हमला माना जा रहा है।
खाद्य आपूर्ति निरीक्षक बबीता ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि राशन डीलर द्वारा केवल पर्चियां दी जा रही हैं, अंगूठे लगवाए जा रहे हैं, लेकिन राशन वितरित नहीं किया जा रहा। निरीक्षक के अनुसार निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार का स्टॉक या वितरण रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने बताया कि जब वह दुकान पर ताला लगाने की कार्रवाई कर रही थीं, उसी समय राशन डीलर ने उनके साथ हाथापाई की। फिलहाल दुकान को बंद कर दिया गया है और अगले दिन स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर मंगाकर राशन के वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाएगा।
राशन डीलर ने आरोपों से किया इनकार
वहीं दूसरी ओर राशन डीलर सुषमा देवी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी और खाद्य आपूर्ति निरीक्षक ने जानबूझकर हंगामा कराया। डीलर का कहना है कि अधिकारी बिना किसी ठोस वजह के अचानक दुकान पर पहुंचीं और ताला लगाकर चली गईं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से राशन वितरण को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं, लेकिन अब जाकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर गरीबों के हिस्से का राशन कहां जा रहा है? क्यों स्टॉक और वितरण से जुड़े रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए? और सबसे बड़ा सवाल—सरकारी अधिकारी के साथ हाथापाई करने की हिम्मत राशन डीलर को कैसे हुई?
लक्सर क्षेत्र में इस घटना के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि समय रहते इस तरह की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी राशन व्यवस्था पर जनता का भरोसा पूरी तरह डगमगा सकता है।
अब आगे क्या ?
फिलहाल राशन की दुकान को सील कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। स्टॉक और वितरण रजिस्टर की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो राशन डीलर का लाइसेंस निरस्त होने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को और अधिक सख्त और सतर्क होने की जरूरत है। अब देखना होगा कि लक्सर प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।



