उत्तराखंड पुलिस में फिर से लौटे आईजी सदानंद दाते,, सीबीआई में छह साल की सेवा के बाद मुख्यालय में करेंगे ज्वाइनिंग,, चार अहम जिलों में एसएसपी रह चुके, रही है तेज़ और निष्पक्ष अफसर की पहचान

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड पुलिस में फिर से लौटे आईजी सदानंद दाते,,
सीबीआई में छह साल की सेवा के बाद मुख्यालय में करेंगे ज्वाइनिंग,,
चार अहम जिलों में एसएसपी रह चुके, रही है तेज़ और निष्पक्ष अफसर की पहचान

देहरादून।
उत्तराखंड पुलिस के लिए एक बार फिर एक जाना-पहचाना और चर्चित नाम वापस लौट रहा है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते सोमवार को उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में औपचारिक रूप से ज्वाइनिंग करेंगे। करीब छह वर्षों तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में डेपुटेशन पर सेवाएं देने के बाद उनकी यह वापसी पुलिस महकमे में अहम मानी जा रही है।
आईजी सदानंद दाते उन चुनिंदा अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिनकी पहचान कठोर अनुशासन, निष्पक्ष कार्यशैली और तेज़ निर्णय क्षमता के लिए रही है। उत्तराखंड में अपनी पिछली तैनाती के दौरान वे कई बड़े और संवेदनशील मामलों की निगरानी कर चुके हैं, जिसके चलते उनका नाम आम जनता से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक खासा चर्चित रहा।
उत्तराखंड प्रवास के दौरान सदानंद दाते ने नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून जैसे चार बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण जिलों में पुलिस कप्तान (एसएसपी) के रूप में सेवाएं दीं। इन जिलों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पर्यटन सुरक्षा और धार्मिक आयोजनों की दृष्टि से उनकी भूमिका हमेशा निर्णायक रही। खासतौर पर हरिद्वार और देहरादून जैसे संवेदनशील जिलों में उनकी तैनाती को प्रशासनिक रूप से बेहद अहम माना गया था।
सीबीआई में डेपुटेशन के दौरान भी आईजी सदानंद दाते ने कई संवेदनशील और जटिल मामलों में अपनी पेशेवर क्षमता का परिचय दिया। केंद्रीय एजेंसी में उनके अनुभव को देखते हुए अब उत्तराखंड पुलिस को उनसे जांच, रणनीतिक योजना और प्रशासनिक सुधारों में ठोस लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है।
पुलिस महकमे में उनकी वापसी को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब राज्य में अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध, साइबर क्राइम और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अपने केंद्रीय अनुभव के साथ दाते राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय स्तर पर उनकी तैनाती से नीतिगत फैसलों, जांच की गुणवत्ता और अनुशासनात्मक मामलों में तेजी आ सकती है। वहीं, पुलिस विभाग के भीतर भी उनकी वापसी को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, आईजी सदानंद दाते की उत्तराखंड वापसी न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए भी एक अहम घटनाक्रम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।



