रोहालकी किशनपुर में गुलदार के हमले के बाद हरकत में आया वन विभाग,, ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लगाए गए पिंजरे, लोगों में बढ़ा भरोसा,, लगातार निगरानी और ठोस कार्रवाई की मांग तेज

इन्तजार रजा हरिद्वार- रोहालकी किशनपुर में गुलदार के हमले के बाद हरकत में आया वन विभाग,,
ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लगाए गए पिंजरे, लोगों में बढ़ा भरोसा,,
लगातार निगरानी और ठोस कार्रवाई की मांग तेज
हरिद्वार। रोहालकी किशनपुर क्षेत्र में बीते दिन गुलदार के हमले से फैले डर और चिंता के माहौल के बीच आखिरकार वन विभाग हरकत में आता दिखाई दिया। ग्रामीणों की लगातार मांग और बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरे लगवा दिए हैं। इस कदम से गांव के लोगों में कुछ हद तक राहत और भरोसा जरूर पैदा हुआ है, हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अभी खतरा पूरी तरह टला नहीं है और विभाग को लगातार निगरानी बनाए रखनी होगी।
गौरतलब है कि रोहालकी किशनपुर में कल गुलदार के हमले की घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में गुलदार की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोग खासकर सुबह और शाम के समय घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
ग्रामीणों की चिंता के बाद सक्रिय हुआ वन विभाग
घटना के बाद आज वन विभाग की टीम रोहालकी किशनपुर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने उन स्थानों को चिन्हित किया जहां गुलदार के आने-जाने की आशंका ज्यादा है। इसके बाद विभाग की ओर से रणनीति के तहत गांव के आसपास पिंजरे लगवाए गए ताकि गुलदार को पकड़ने की कोशिश की जा सके।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से गांव के आसपास जंगल और खेतों के किनारे गुलदार के पदचिह्न देखे जा रहे थे। कई लोगों ने रात के समय गुलदार की आवाज भी सुनी थी, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ था। ऐसे में पिंजरे लगाए जाने से लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस खतरे से राहत मिल सकेगी।
बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
गांव के लोगों का कहना है कि गुलदार की मौजूदगी से सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और महिलाओं को है। बच्चे स्कूल जाते समय और महिलाएं खेतों या पशुओं के लिए चारा लेने जाते समय हमेशा भय के साये में रहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ी घटना भी हो सकती है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से यह भी मांग की है कि सिर्फ पिंजरे लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में नियमित गश्त भी जरूरी है। साथ ही जंगल से सटे इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाने और लोगों को जागरूक करने की भी जरूरत है ताकि कोई भी व्यक्ति लापरवाही न बरते।
ग्रामीणों की एकजुटता का दिखा असर
रोहालकी किशनपुर के ग्रामीणों का कहना है कि उनकी एकजुटता और लगातार उठाई गई आवाज का ही परिणाम है कि वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पिंजरे लगाए हैं। गांव के लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की थी कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि वन विभाग आगे भी इसी तरह सक्रिय रहेगा और क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखेगा। उनका कहना है कि अगर विभाग नियमित रूप से निगरानी करेगा तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा और गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
फिलहाल गांव के लोगों की नजर अब वन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीण चाहते हैं कि गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि क्षेत्र में फैला डर खत्म हो सके और लोग सामान्य जीवन जी सकें।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि जंगल से सटे गांवों में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।



