गुमशुदगी से मर्डर मिस्ट्री तक, 48 घंटे में हरिद्वार पुलिस ने खोली दरिंदगी की परतें,, मोबाइल के खातिर दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की हत्या, ब्लाइंड मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा,, एसएसपी हरिद्वार के नेतृत्व में रानीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, आरोपी अयान गिरफ्तार,, गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, हत्या तक पहुंची कड़ी,, मोबाइल बना सुराग, खुलने लगी साजिश की परतें,, ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा पढ़ें पुरी मर्डर मिस्ट्री

इन्तजार रजा हरिद्वार- गुमशुदगी से मर्डर मिस्ट्री तक, 48 घंटे में हरिद्वार पुलिस ने खोली दरिंदगी की परतें,,
मोबाइल के खातिर दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की हत्या, ब्लाइंड मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा,,
एसएसपी हरिद्वार के नेतृत्व में रानीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, आरोपी अयान गिरफ्तार,,
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, हत्या तक पहुंची कड़ी,,
मोबाइल बना सुराग, खुलने लगी साजिश की परतें,, ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा पढ़ें पुरी मर्डर मिस्ट्री
हरिद्वार।
कोतवाली रानीपुर पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर न सिर्फ अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि हरिद्वार पुलिस अपराध चाहे जितना शातिर क्यों न हो, उसे बेनकाब करना जानती है।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि मोबाइल फोन के लालच में इंसानियत की निर्मम हत्या की दिल दहला देने वाली कहानी है।
एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक, जो मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहा था, उसे केवल इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि उसने अपने छीने गए मोबाइल की शिकायत करने और पुलिस में जाने की हिम्मत की थी।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, हत्या तक पहुंची कड़ी
दिनांक 04 फरवरी 2026 को थाना रानीपुर पर रामआसरे पुत्र नाथूराम निवासी विष्णुलोक कॉलोनी, रानीपुर ने अपने 38 वर्षीय पुत्र मनीष के गुमशुदा होने की सूचना दी। मनीष दोनों पैरों से दिव्यांग था और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था।
मनीष 01 फरवरी 2026 से लापता था, जिसके आधार पर थाना रानीपुर में गुमशुदगी संख्या 06/26 दर्ज की गई।
प्रभारी निरीक्षक रानीपुर आशुतोष राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर गहन छानबीन की।
मोबाइल बना सुराग, खुलने लगी साजिश की परतें
जांच के दौरान पुलिस को अहम जानकारी मिली कि मनीष का मोबाइल फोन आखिरी बार पांवधोई मोहल्ला, ज्वालापुर निवासी अयान उर्फ सुन्नत के पास देखा गया था।
पता चला कि आरोपी ने बैरियर नंबर-05 के पास मनीष से “एक कॉल करने” के बहाने उसका Redmi मोबाइल लिया और फिर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर सिम तोड़ दी गई।
पुलिस ने इस सूचना को आधार बनाते हुए संदिग्ध अयान की तलाश तेज की और 06 फरवरी 2026 को उसे BHEL स्टेडियम के पास से दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया।
मोबाइल की शिकायत करना पड़ा भारी, रची गई खौफनाक साजिश
पूछताछ में अयान ने जो कबूलनामा किया, उसने पुलिस को भी झकझोर दिया।
आरोपी ने बताया कि जब मनीष अपने छीने गए मोबाइल को लेकर उसके घर पहुंचा और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी, तो अयान घबरा गया। उसने अपने साथी बिलाल (जो हाल ही में जेल से छूटा था) के साथ मिलकर मनीष को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
आरोपियों ने मनीष को शराब पीने के बहाने BHEL क्षेत्र की झाड़ियों में बुलाया। वहां विवाद होने पर बिलाल ने मनीष को पकड़ लिया और अयान ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर फेंका, ई-रिक्शा छोड़ा लावारिस
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए मनीष के शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर सुपरवाइजर हॉस्टल, BHEL के पास झाड़ियों में फेंक दिया।
मृतक का ई-रिक्शा भी घटनास्थल से दूर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया ताकि पुलिस गुमराह हो जाए।
हालांकि, पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर नहीं टिक सका। अयान की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक मनीष का शव बरामद कर लिया।
ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, धाराएं बढ़ाईं गईं
गुमशुदगी के इस मामले को पुलिस ने हत्या में तब्दील करते हुए 103(1), 303(2), 238, 61(2) BNS के तहत तरमीम किया है।
आरोपी अयान को हिरासत में लेकर जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है, जबकि दूसरे आरोपी बिलाल की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि
“यह एक जघन्य अपराध था, जिसे हरिद्वार पुलिस ने मात्र 48 घंटे में सुलझा लिया। आरोपी ने मोबाइल के लालच में एक दिव्यांग व्यक्ति की हत्या की। पुलिस टीम की तत्परता और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह संभव हो पाया। दूसरे आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”
पकड़ा गया आरोपी
अयान उर्फ सुन्नत
पुत्र – मेहराज
निवासी – कुत्तीमार गली, ईदगाह रोड, मोहल्ला पांवधोई
कोतवाली – ज्वालापुर, जनपद हरिद्वार
उम्र – 20 वर्ष
इस खुलासे से साफ संदेश
यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि छोटी-सी लालच भी कितनी बड़ी दरिंदगी में बदल सकती है। वहीं, हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए साफ संदेश है —
कानून से बचना नामुमकिन है।



