उत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

पत्रकारों के सम्मान में सरकार का संवेदनशील कदम,, मृतक पत्रकारों के आश्रितों व गंभीर रूप से बीमार पत्रकार को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता,, डीएम मयूर दीक्षित व एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने वितरित किए चेक, मुख्यमंत्री की पहल की सराहना

इन्तजार रजा हरिद्वार- पत्रकारों के सम्मान में सरकार का संवेदनशील कदम,,

मृतक पत्रकारों के आश्रितों व गंभीर रूप से बीमार पत्रकार को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता,,

डीएम मयूर दीक्षित व एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने वितरित किए चेक, मुख्यमंत्री की पहल की सराहना

हरिद्वार, 11 फरवरी 2026।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार गठित पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) के तहत हरिद्वार में एक संवेदनशील और सम्मानजनक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने मृतक पत्रकारों के आश्रितों तथा गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक सक्रिय पत्रकार को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।

कार्यक्रम में पत्रकार कल्याण कोष समिति के सदस्य श्रीमती शशि शर्मा एवं अमित शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, प्रेस क्लब हरिद्वार के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, जिला सूचना अधिकारी रतिलाल शाह सहित अनेक पत्रकार भी मौजूद रहे।

पत्रकारों के प्रति धामी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण

इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समाज के हर वर्ग के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, जो शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। ऐसे में यदि कोई पत्रकार आर्थिक रूप से कमजोर है या असमय मृत्यु अथवा गंभीर बीमारी का शिकार हो जाता है, तो उसके परिवार को सहारा देना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जो पत्रकार ईमानदारी, निष्पक्षता और नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज की सेवा में लगे रहते हैं और अल्प समय में इस दुनिया से चले जाते हैं, उनके परिजनों को मुख्यमंत्री की ओर से ₹5 लाख की सहायता राशि देकर सरकार ने एक अभिभावक की भूमिका निभाई है। यह पहल न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि एक भावनात्मक संबल भी है।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने भी अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज की आवाज़ होते हैं। वे कठिन परिस्थितियों में भी सच्चाई को सामने लाने का कार्य करते हैं। सरकार द्वारा दिया गया यह सहयोग पत्रकार समुदाय के प्रति सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने आशा जताई कि इस तरह की योजनाएं पत्रकारों का मनोबल और अधिक मजबूत करेंगी।

हरिद्वार के चार पत्रकार परिवारों को मिला संबल

पत्रकार कल्याण कोष समिति की सदस्य श्रीमती शशि शर्मा एवं अमित शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश तथा सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी की सकारात्मक पहल के चलते इस बार प्राप्त सभी आवेदनों को शत-प्रतिशत स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि राज्यभर में 15 मृतक पत्रकारों के परिजनों तथा 2 गंभीर बीमारियों से ग्रस्त पत्रकारों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। हरिद्वार जनपद से जिन लाभार्थियों को सहायता दी गई, उनमें—

  • श्रीमती अक्षिता शर्मा (पत्नी स्व. अरुण शर्मा)
  • श्रीमती सरिता (पत्नी स्व. अमर सिंह)
  • श्रीमती चंदा देवी (पत्नी स्व. नरोत्तम शर्मा)
  • गंभीर बीमारी से ग्रस्त पत्रकार विवेक शर्मा

को ₹5-5 लाख के चेक प्रदान किए गए।

इस दौरान लाभार्थी परिवारों के चेहरों पर भावुकता और कृतज्ञता स्पष्ट दिखाई दी। कई परिजनों ने कहा कि कठिन समय में यह सहायता उनके लिए आर्थिक ही नहीं, बल्कि मानसिक सहारा भी है। इससे उन्हें यह विश्वास मिला है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

पत्रकार कल्याण कोष: सुरक्षा और सम्मान की दिशा में मजबूत पहल

पत्रकार कल्याण कोष का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, असमय दिवंगत या गंभीर बीमारी से जूझ रहे पत्रकारों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करना है। मीडिया कर्मी अक्सर जोखिम भरी परिस्थितियों में कार्य करते हैं, विशेषकर कानून-व्यवस्था, आपदा, महामारी या संवेदनशील घटनाओं की रिपोर्टिंग के दौरान। ऐसे में उनके लिए सामाजिक सुरक्षा का तंत्र आवश्यक माना जाता रहा है।मुख्यमंत्री की पहल पर गठित यह कोष पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में उभर रहा है। शत-प्रतिशत आवेदनों की स्वीकृति इस बात का संकेत है कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं के प्रति गंभीर और संवेदनशील है।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी और एसएसपी ने लाभार्थियों से संवाद भी किया और आश्वस्त किया कि भविष्य में भी पत्रकारों के हित में हर संभव कदम उठाए जाएंगे।हरिद्वार में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल आर्थिक सहायता वितरण का अवसर था, बल्कि पत्रकारों के योगदान को सम्मानित करने का भी प्रतीक बन गया। सरकार की इस पहल से पत्रकार समुदाय में सकारात्मक संदेश गया है कि उनकी मेहनत, प्रतिबद्धता और समाज के प्रति समर्पण को पहचाना और सराहा जा रहा है।

Related Articles

Back to top button