ध्वज वंदन के साथ शताब्दी समारोह का भव्य शुभारंभ,, माताजी का जीवन त्याग, तप और साधना की अनुपम गाथा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,, सामूहिक चरित्र निर्माण से ही महान सभ्यताओं का उदय: केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत

इन्तजार रजा हरिद्वार- ध्वज वंदन के साथ शताब्दी समारोह का भव्य शुभारंभ,,
माताजी का जीवन त्याग, तप और साधना की अनुपम गाथा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,,
सामूहिक चरित्र निर्माण से ही महान सभ्यताओं का उदय: केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत
हरिद्वार, 18 जनवरी 2026।
राजा दक्ष की पावन नगरी कनखल स्थित वैरागी द्वीप पर उस समय ऐतिहासिक और भावविभोर क्षण साक्षात हुआ, जब शताब्दी ध्वज आकाश में लहराया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखण्ड दीपक के शताब्दी समारोह का शुभारंभ ध्वज वंदन के साथ श्रद्धा, साधना और संकल्प के वातावरण में हुआ। यह महोत्सव 23 जनवरी तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से हजारों स्वयंसेवक सहभागिता कर रहे हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि यह शताब्दी समारोह माताजी के तपस्वी, त्यागमय और निःस्वार्थ जीवन के प्रति राष्ट्र की सामूहिक कृतज्ञता का प्रतीक है। माताजी का सम्पूर्ण जीवन सेवा, बलिदान और अखण्ड साधना की ऐसी ज्योति है, जिसने असंख्य जीवनों को दिशा, दृष्टि और उद्देश्य प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गायत्री परिवार किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युग चेतना का वह प्रवाह है, जो व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करता है।
मुख्यमंत्री धामी ने देवभूमि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक गरिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और आदि कैलाश जैसे तीर्थस्थल भारत की आत्मा की धड़कन हैं। ऐसे पावन वातावरण में आयोजित यह शताब्दी समारोह भारतीय संस्कृति, संस्कार और साधना परंपरा के नवजागरण का सशक्त संदेश दे रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सेवा, साधना और संस्कार की त्रिवेणी से सुसज्जित यह शताब्दी समारोह नवयुग के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण से ही संभव हुआ है। जब समाज के व्यक्ति नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तभी सशक्त संस्कृति और स्थायी सभ्यता का विकास होता है। शताब्दी समारोह इसी सामूहिक चेतना को जाग्रत करने का सशक्त प्रयास है।
शताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने समारोह के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आयोजन किसी एकांत तपोभूमि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युगऋषि पूज्य आचार्यश्री के “खोया-पाया विभाग” का सजीव रूप है, जहाँ व्यक्ति स्वयं को और अपने दायित्वों को पुनः पहचानता है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य किसी के द्वार पर प्रतीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि यह आयोजन स्वयं सौभाग्य का द्वार खोलने का अवसर है।
डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने समाज परिवर्तन का आह्वान करते हुए कहा—“गंगा की कसम, यमुना की कसम, यह ताना-बाना बदलेगा। कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा।” उन्होंने कहा कि आत्मपरिवर्तन ही सामाजिक परिवर्तन की प्रथम शर्त है। जब व्यक्ति स्वयं बदलने का साहस करता है, तभी राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण की नींव मजबूत होती है। शताब्दी समारोह का मूल उद्देश्य भी यही है कि विचार, आचरण और कर्म के स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हो।
समारोह के दौरान पर्यटन मंत्री स्वामी सतपाल महाराज, राज्य मंत्री विनय रुहेला, सुदर्शन न्यूज़ के प्रबंध निदेशक सुरेश चव्हाण, ईडी के पूर्व निदेशक राजेश्वर सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने विशिष्ट अतिथियों के साथ न्यायाधीश परविन्दर सिंह, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, स्वामी सम्पूर्णानंद जी, स्वामी वेलु बापू जी, के. नारायण राव, रमेश भट्ट, दिनेश काण्डपाल, आचार्य डॉ. दयाशंकर विद्यालंकार सहित अन्य विभूतियों को शांतिकुंज का प्रतीक चिह्न, गंगाजली, रुद्राक्ष माला एवं युग साहित्य भेंट कर सम्मानित किया।
जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पुस्तक भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
शताब्दी समारोह में विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा उपाध्यक्ष लव शर्मा, श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र सहित अमेरिका, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका समेत अनेक देशों और भारत के कोने-कोने से आए हजारों स्वयंसेवकों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।



