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स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान के तहत इमलीखेड़ा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन,, 221 लोगों को मिला निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार,, अध्यक्ष नगर पंचायत मनोज कुमार सैनी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में शिविर सफल,, जनपद वासियों के स्वास्थ्य हित में बड़ा कदम

इन्तजार रजा हरिद्वार- स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान के तहत इमलीखेड़ा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन,,

221 लोगों को मिला निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार,,

अध्यक्ष नगर पंचायत मनोज कुमार सैनी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में शिविर सफल,,

जनपद वासियों के स्वास्थ्य हित में बड़ा कदम

हरिद्वार, 25 सितंबर 2025।
जनपद वासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान’ के तहत इमलीखेड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस शिविर का शुभारंभ नगर पंचायत इमलीखेड़ा के अध्यक्ष मनोज कुमार सैनी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग की यह पहल महिलाओं, बच्चों व समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी है। ग्रामीण व अर्द्धशहरी क्षेत्रों के लोग, जो अक्सर छोटे-मोटे रोगों के लिए बड़े अस्पताल नहीं जा पाते, उन्हें ऐसे शिविरों से निःशुल्क जांच व उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आगामी शिविरों में भी अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएँ। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से कहा कि वे नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएँ ताकि परिवार और समाज स्वस्थ रह सके।

शिविर में दी गई विविध स्वास्थ्य सेवाएँ

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने जानकारी दी कि इस स्वास्थ्य शिविर में 221 लोगों का पंजीकरण कर जांच व उपचार किया गया।
विभिन्न विभागों के आंकड़े इस प्रकार रहे —

  • जनरल सर्जरी: 38 मरीज
  • बालरोग: 21 मरीज
  • दंत चिकित्सा: 13 मरीज
  • प्रसूति एवं स्त्री रोग: 52 मरीज
  • बीपी जांच: 82
  • शुगर जांच: 67
  • ओरल कैंसर स्क्रीनिंग: 28
  • एएनसी (गर्भवती महिलाओं की जांच): 17
  • बलगम जांच के सैंपल: 27

इसके साथ ही 15 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 64 लोगों के एक्सरे किए गए तथा 18 दिव्यांग प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
शिविर में सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर रोगों तक की प्रारंभिक जांच की सुविधा दी गई, साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी

शिविर में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे। इनमें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रुड़की डॉ. रमेश कुंवर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राव अकरम, डॉ. डिल्ली रमन, डॉ. राजकुमार, डॉ. राजीव रंजन तिवारी, डॉ. राजकेश पांडे, डॉ. श्रेयांश सैनी, डॉ. पृथा चौधरी, डॉ. शिखा सिंह शामिल रहे।
इन सभी ने अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएँ दीं और लोगों को रोगों के प्रति जागरूक किया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व विभिन्न क्षेत्रों से आए क्षेत्रवासी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह शिविर स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत पखवाड़ेभर तक जनपद में अलग-अलग स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जनजागरूकता पर विशेष बल

अधिकारियों का कहना था कि केवल उपचार ही नहीं, बल्कि लोगों में रोकथाम और जागरूकता का संदेश देना भी इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य है। खासकर महिलाओं को प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी समस्याओं की समय रहते जांच करानी चाहिए, जिससे गंभीर जटिलताओं से बचाव हो सके।
डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि ओरल कैंसर, बीपी, शुगर जैसी बीमारियाँ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से समय रहते जांच और परामर्श देना अत्यंत आवश्यक है।

आगामी शिविरों की तैयारियाँ

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि आगामी दिनों में भी जनपद के विभिन्न हिस्सों में इसी प्रकार के शिविर आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे निःशुल्क जांच और दवाओं का लाभ उठाएँ और अपने पड़ोसियों व परिचितों को भी जागरूक करें।
इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार सैनी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की सराहना की और कहा कि सरकार व विभाग की इस पहल से समाज में स्वास्थ्य के प्रति एक सकारात्मक सोच पैदा हो रही है। इमलीखेड़ा में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल का स्पष्ट उदाहरण है। ग्रामीण व अर्द्धशहरी क्षेत्रों के लोगों को घर के पास ही मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मिलना एक बड़ा कदम है। स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान की यह कड़ी न केवल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करेगी बल्कि पूरे समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा का भाव भी विकसित करेगी।

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