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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का लोकार्पण,, योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से देश को मिला विश्व का पहला इंटीग्रेटेड हाइब्रिड हॉस्पिटल,, भारत बनेगा पूरी दुनिया का हेल्थ डेस्टिनेशन, गैर-जरूरी दवा व ऑपरेशन के खिलाफ पतंजलि का संकल्प

इन्तजार रजा हरिद्वार- केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का लोकार्पण,,

योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से देश को मिला विश्व का पहला इंटीग्रेटेड हाइब्रिड हॉस्पिटल,,

भारत बनेगा पूरी दुनिया का हेल्थ डेस्टिनेशन, गैर-जरूरी दवा व ऑपरेशन के खिलाफ पतंजलि का संकल्प

हरिद्वार | 22 जनवरी 2026

पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित विश्व के प्रथम इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम आधारित पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का गुरुवार को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर गृह मंत्री ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण करते हुए योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा के समन्वय से विकसित इस अभिनव मॉडल को स्वास्थ्य के क्षेत्र में “नए युग की शुरुआत” बताया।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पतंजलि द्वारा स्थापित यह अस्पताल विश्व का पहला ऐसा हाइब्रिड हॉस्पिटल है, जहां रोग के उपचार के साथ-साथ उसके मूल कारण पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले समय में शिक्षा, चिकित्सा और स्वस्थ जीवन पद्धति के क्षेत्र में पूरी दुनिया का मार्गदर्शक बनेगा और पतंजलि इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्री श्री अमित शाह दो दिवसीय पतंजलि प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने योग, आयुर्वेद और सनातन जीवन पद्धति को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने को लेकर योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ गहन विमर्श किया। रात्रि विश्राम भी उन्होंने पतंजलि योगपीठ परिसर में किया। उनके आत्मीय आगमन से पतंजलि परिवार में उत्साह और ऊर्जा का संचार देखने को मिला। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में संतों, साधकों और विद्यार्थियों ने उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि यह पतंजलि परिवार के लिए गौरव का क्षण है कि विश्व के पहले इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल का लोकार्पण देश के ऐसे गृह मंत्री के कर-कमलों से हुआ है, जो राष्ट्रधर्म और सनातन मूल्यों के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि का लक्ष्य 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, पंचकर्म, षट्कर्म, उपवास और जीवनशैली सुधार के माध्यम से स्वस्थ करना है, ताकि उन्हें सर्जरी या भारी दवाओं की आवश्यकता न पड़े।

स्वामी रामदेव ने स्पष्ट कहा कि पतंजलि गैर-जरूरी दवा, गैर-जरूरी ऑपरेशन और गैर-जरूरी टेस्टिंग के खिलाफ है। यहां हार्ट, ब्रेन और स्पाइन जैसी जटिल सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन केवल उन्हीं रोगियों के लिए जिनमें यह नितांत आवश्यक हो। उन्होंने बताया कि हृदय रोग, डायबिटीज, बीपी, थायराइड, किडनी और लिवर जैसी बीमारियों को प्राकृतिक और वैज्ञानिक पद्धतियों से रिवर्स करने के ठोस क्लीनिकल डेटा पतंजलि के पास मौजूद हैं।

स्वामी रामदेव ने बताया कि वर्तमान में यह अत्याधुनिक अस्पताल 250 बेड क्षमता के साथ प्रारंभ हुआ है, जिसमें कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, आईसीयू, ट्रॉमा और इमरजेंसी मेडिसिन की 24×7 सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। अत्याधुनिक मशीनों से जांच, कैथ लैब, एंजियोप्लास्टी, बायपास सर्जरी, ब्रेन व स्पाइन सर्जरी की सुविधा भी यहां उपलब्ध है।

पंतजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि अब तक योग और आयुर्वेद के माध्यम से देश-विदेश के 1 करोड़ 38 लाख से अधिक रोगियों का उपचार कर चुका है। क्रिटिकल और इमरजेंसी के मामलों में आधुनिक सपोर्ट सिस्टम की आवश्यकता को देखते हुए इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना की गई है। यहां मुख्य चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद होगी, जबकि एलोपैथी सहायक विकल्प के रूप में उपलब्ध रहेगी, जिससे रोगीहित सर्वोपरि बना रहे।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में 24×7 इमरजेंसी, ट्रॉमा केयर, हाई-एंड ICU, वेंटिलेटर सपोर्ट और एडवांस एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही कम खर्च में उच्च स्तरीय MRI, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच सुविधाएं भी रोगियों को मिलेंगी।

लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प दोहराया गया कि पतंजलि के माध्यम से भारत को विश्व का हेल्थ डेस्टिनेशन बनाया जाएगा, जहां उपचार के साथ-साथ स्वस्थ जीवन की शिक्षा भी दी जाएगी।

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