दादुपुर गोविंदपुर और सलेमपुर के कई हिस्सों में लधु उद्योग रुपी कबाड़खानों में प्लास्टिक कचरा जलाने से बढ़ रहा लगातार प्रदूषण का खतरा,, रात भर जहरीले धुएं से जूझ रहे ग्रामीण, वर्षों से लगा रहे प्रशासन के चक्कर, दर्जनों परिवार कर चुके पलायन,, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औचक निरीक्षण और रात में छापेमारी के आदेश, अब लोगों को राहत की उम्मीद जगी

इन्तजार रजा हरिद्वार- दादुपुर गोविंदपुर और सलेमपुर के कई हिस्सों में लधु उद्योग रुपी कबाड़खानों में प्लास्टिक कचरा जलाने से बढ़ रहा लगातार प्रदूषण का खतरा,,
रात भर जहरीले धुएं से जूझ रहे ग्रामीण, वर्षों से लगा रहे प्रशासन के चक्कर, दर्जनों परिवार कर चुके पलायन,,
डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औचक निरीक्षण और रात में छापेमारी के आदेश, अब लोगों को राहत की उम्मीद जगी

हरिद्वार। बहादराबाद क्षेत्र के ग्राम दादूपुर गोविंदपुर के अंतर्गत आने वाली शिवगंगा विहार कॉलोनी, सुमन नगर और सलेमपुर में प्लास्टिक कचरे के अवैध गोदाम और उसे जलाकर सामान बनाने की गतिविधियों से क्षेत्र के लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। कॉलोनीवासियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्लास्टिक कचरे के गोदाम बन गए हैं और रात के समय कचरे को जलाकर प्लास्टिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिससे पूरे इलाके में जहरीला धुआं फैल जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से लगातार बनी हुई है। कई बार शिकायत करने और अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अब एक बार फिर ग्रामीणों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक फैलता है जहरीला धुआं

दादुपुर गोविंदपुर और सलेमपुर के विभिन्न हिस्सों सहित शिवगंगा विहार और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि प्लास्टिक कचरे को जलाने की गतिविधियां अधिकतर रात के समय की जाती हैं। लोगों के अनुसार शाम लगभग 9 बजे से यह प्रक्रिया शुरू हो जाती है और सुबह करीब 5 बजे तक चलती रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक हो जाता है और रात 12 बजे से 1 बजे के बीच पूरे इलाके में तेज बदबू और धुएं का असर साफ महसूस किया जा सकता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार इस धुएं के कारण लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत, जुकाम, खांसी और फेफड़ों में जलन जैसी समस्याएं लगातार हो रही हैं।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि जब यह धुआं फैलता है तो घरों के अंदर रहना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने बताया कि कई परिवारों ने इस प्रदूषण से परेशान होकर अपने मकान तक बेच दिए और दूसरी जगह रहने चले गए।
लगातार खुल रहे नए गोदाम, विभाग के आने से पहले लग जाते हैं ताले
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे के नए-नए गोदाम लगातार खुलते जा रहे हैं। दादूपुर गोविंदपुर और शिवगंगा विहार के पीछे की कॉलोनियों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा जमा किया जाता है और वहीं उसे जलाकर सामान तैयार किया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी कई बार सर्वे और निरीक्षण के लिए आते हैं, लेकिन हर बार उन्हें गोदामों पर ताले लगे मिलते हैं। लोगों का आरोप है कि जैसे ही विभागीय टीम आने वाली होती है, गोदाम मालिकों को पहले ही इसकी जानकारी मिल जाती है और वे ताला लगाकर वहां से चले जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार जब अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं तो उन्हें गोदाम मालिक नहीं मिलते, केवल कुछ बाहरी मजदूर ही दिखाई देते हैं। इसके बाद अधिकारी दोबारा निरीक्षण करने की बात कहकर लौट जाते हैं, लेकिन फिर लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होती।स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यह स्थिति कहीं न कहीं मिलीभगत की ओर इशारा करती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाए तो इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सकती है।
आठ वर्षों से लगा रहे प्रशासन के चक्कर
कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे पिछले करीब आठ वर्षों से इस समस्या को लेकर प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं और अधिकारियों से भी मुलाकात की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में जिला प्रशासन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि जब वे इस मुद्दे को उठाते हैं तो कुछ लोगों की ओर से उन्हें धमकियां भी मिलती हैं। उन्हें कहा जाता है कि इस मामले में कुछ नहीं होने वाला और शिकायत करना बेकार है।
डीएम मयूर दीक्षित ने दिए कार्रवाई के निर्देश
इस मामले में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि उन्हें यह शिकायत प्राप्त हुई है और इसे गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तत्काल औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने बताया कि शिकायतकर्ताओं ने यह भी जानकारी दी है कि प्लास्टिक कचरा जलाने की गतिविधियां मुख्य रूप से रात के समय की जाती हैं। इसलिए प्रशासन की ओर से रात में भी छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में प्लास्टिक कचरा जलाने या अवैध गोदाम संचालित होने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतकर्ताओं के संपर्क में रहें ताकि मौके पर सही समय पर कार्रवाई की जा सके और इस समस्या का प्रभावी समाधान निकाला जा सके।
ग्रामीणों को अब ठोस कार्रवाई की उम्मीद
शिवगंगा विहार कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस बार सख्त कदम उठाएगा और प्लास्टिक कचरा जलाने की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अवैध गोदामों को बंद कर दिया जाए और इस तरह की गतिविधियों को औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए तो क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सकती है।
अब प्रशासन के निर्देश के बाद यह देखना होगा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों की कार्रवाई से इस इलाके में चल रही अवैध गतिविधियों पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।



