रमज़ान में रिश्वतखोरी का दाग,, 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दारोगा अनवर अहमद रंगे हाथ गिरफ्तार

इन्तजार रजा हरिद्वार- रमज़ान में रिश्वतखोरी का दाग,,
15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दारोगा अनवर अहमद रंगे हाथ गिरफ्तार

हरिद्वार/उधम सिंह नगर, 24 फरवरी 2026।
प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक और बड़ी कार्रवाई ने पुलिस महकमे को हिला दिया है। की टीम ने बिजली चोरी के मुकदमे को निपटाने के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दारोगा अनवर अहमद को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दारोगा थाने में तैनात था।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग को सूचना दी थी कि बिजली चोरी के एक मामले में कार्रवाई को हल्का करने और मुकदमा रफा-दफा करने के बदले दारोगा द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम ने गोपनीय जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।निर्धारित योजना के तहत जैसे ही आरोपी दारोगा ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में उधम सिंह नगर और हरिद्वार जनपद में रिश्वतखोरी के मामलों में इजाफा देखा गया है। ऐसे में सतर्कता अधिष्ठान लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी, जिसमें निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई संभव है।इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। रमज़ान जैसे पाक महीने में रिश्वत लेने की घटना ने नैतिक सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आम जनता के बीच यह चर्चा है कि जिन पर कानून लागू कराने की जिम्मेदारी है, यदि वही कानून से खिलवाड़ करें तो व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रहेगा।
विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कानून से ऊपर नहीं है। यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है तो आमजन सतर्कता अधिष्ठान से संपर्क कर सकते हैं।प्रदेश में इस तरह की कार्रवाइयों से साफ है कि अब रिश्वतखोरी पर नकेल कसने के लिए तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।



