सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने पर्यावरण-अनुकूल महिला उद्यमों को दिया नया सिंबल,, लक्सर के आदर्श सीएलएफ की दोना-पत्तल व पेपर कप इकाई का प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण,, कुंभ मेला लक्ष्य, महिला सशक्तिकरण और प्लास्टिक-मुक्त हरिद्वार की दिशा में ठोस पहल

इन्तजार रजा हरिद्वार- सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने पर्यावरण-अनुकूल महिला उद्यमों को दिया नया सिंबल,,
लक्सर के आदर्श सीएलएफ की दोना-पत्तल व पेपर कप इकाई का प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण,,
कुंभ मेला लक्ष्य, महिला सशक्तिकरण और प्लास्टिक-मुक्त हरिद्वार की दिशा में ठोस पहल
हरिद्वार | 06 जनवरी 2026
जनपद हरिद्वार के लक्सर विकासखंड अंतर्गत स्थित आदर्श क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका संवर्धन हेतु स्थापित दोना-पत्तल एवं पेपर कप निर्माण इकाई का मंगलवार को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण एवं भ्रमण किया गया। यह दौरा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन की गंभीर मंशा को दर्शाता है।
निरीक्षण का नेतृत्व मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार डॉ. ललित नारायण मिश्र ने किया। उनके साथ उप जिलाधिकारी (एसडीएम), अपर जिलाधिकारी (एडीएम) तथा खंड विकास अधिकारी, लक्सर भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उत्पादन इकाई में पहुंचकर कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की पूरी प्रक्रिया को देखा और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके अनुभव, आय और चुनौतियों की जानकारी ली।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह इकाई महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी न बनें, बल्कि स्वरोजगार से जुड़कर उद्यमी की भूमिका निभाएं। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना इसी उद्देश्य के साथ जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही है।
सीडीओ ने बताया कि सीएलएफ के माध्यम से संचालित यह इकाई न केवल महिलाओं को नियमित रोजगार उपलब्ध करा रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं समूह में संगठित होकर कार्य करती हैं, तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार आता है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. ललित नारायण मिश्र ने आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की भारी मांग रहती है। ऐसे में कागज की पत्तल, पत्तों से बनी पत्तल और पेपर कप जैसे उत्पाद प्लास्टिक का बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएलएफ अभी से उत्पादन योजना, स्टॉक प्रबंधन और विपणन रणनीति तैयार करे, ताकि मांग के समय किसी प्रकार की कमी न रहे।
सीडीओ ने यह भी कहा कि प्लास्टिक-मुक्त हरिद्वार प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें इस तरह की महिला-संचालित इकाइयों की भूमिका बेहद अहम है। यदि गुणवत्ता और आपूर्ति दोनों को संतुलित रखा जाए, तो यह इकाई न केवल जनपद बल्कि राज्य स्तर पर पहचान बना सकती है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मशीनों की क्षमता, उत्पादन की गति और तकनीकी जरूरतों की समीक्षा की। सीडीओ ने आवश्यकतानुसार मशीनों के उन्नयन और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी मजबूती से उत्पादन बढ़ेगा और महिलाओं की आय में भी वृद्धि होगी।
महिला उद्यमियों से संवाद के दौरान सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर महिला ही आत्मनिर्भर परिवार और आत्मनिर्भर गांव की नींव होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन प्रशिक्षण, विपणन और बाजार से जोड़ने में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई, ताकि बड़े आयोजनों और थोक बाजारों तक सीधी पहुंच बनाई जा सके।
अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी ने भी इस पहल को ग्रामीण विकास का सफल मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की इकाइयों को अन्य विकासखंडों में भी बढ़ावा दिया जाए, तो बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
निरीक्षण के अंत में सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सीएलएफ पदाधिकारियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आश्वस्त किया कि यह इकाई भविष्य में हरिद्वार जनपद की पहचान बनने वाला मॉडल पर्यावरण-अनुकूल उद्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश रहेगी कि यह पहल केवल सीमित न रहे, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बने।
इस अवसर पर ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के ब्लॉक स्टाफ प्रिंस चौहान, चंद्रशेखर, सीएलएफ की अध्यक्षा, सीएलएफ स्टाफ सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल को महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य और स्वच्छ, हरित हरिद्वार की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।



