राष्ट्रीय राजमार्ग–334 का संयुक्त निरीक्षण,, 🛣️ हरिद्वार–फेरुपुर मार्ग पर सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार पर बड़ा फोकस,, 📌 भारी वाहनों पर दिन में No Entry लागू करने की तैयारी, अतिक्रमण हटाने और चिन्हों की बहाली की सिफारिश,, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ब्लिंकर और रंबल स्ट्रिप लगाने की आवश्यकता

इन्तजार रजा हरिद्वार 🚦 राष्ट्रीय राजमार्ग–334 का संयुक्त निरीक्षण,,
🛣️ हरिद्वार–फेरुपुर मार्ग पर सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार पर बड़ा फोकस,,
📌 भारी वाहनों पर दिन में No Entry लागू करने की तैयारी, अतिक्रमण हटाने और चिन्हों की बहाली की सिफारिश,,
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ब्लिंकर और रंबल स्ट्रिप लगाने की आवश्यकता

हरिद्वार–फेरुपुर खंड के राष्ट्रीय राजमार्ग–334 पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव, सड़क सुरक्षा स्थिति और दुर्घटनाओं की निरंतर घटनाओं को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को उच्च स्तरीय निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और लोक निर्माण विभाग एनएच डिवीजन की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें सड़क सुरक्षा मानकों, यातायात दबाव, अतिक्रमण और संकेतकों की स्थिति का वास्तविक मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण टीम में एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा, परिवहन कर अधिकारी गोवर्धनपुर रविंद्र पाल सैनी, पुलिस विभाग की ओर से ट्रैफिक इंस्पेक्टर संदीप नेगी तथा लोक निर्माण विभाग एनएच डिवीजन से सहायक अभियंता मनु सिंह शामिल रहे।टीमें राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों पर पहुंचकर स्थितियों का भौतिक निरीक्षण करती रहीं और सभी आवश्यक बिंदुओं को दस्तावेज़ित किया। यह रिपोर्ट आगामी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें सुधारात्मक कदमों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
🔍 निरीक्षण के दौरान सामने आए प्रमुख मुद्दे
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ब्लिंकर और रंबल स्ट्रिप लगाने की आवश्यकता
देशरक्षक तिराहा, बूढ़ी माता मंदिर तिराहा, राजा गार्डन तिराहा, मैंगो फार्म एस-बेंड और जिया–पोटा क्षेत्र में सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव पाया गया। टीम ने पाया कि इन स्थानों पर तीव्र मोड़, लगातार ट्रैफिक और स्थानीय आवागमन के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
➡️ टीम ने इन बिंदुओं पर ब्लिंकर लाइटें, रंबल स्ट्रिप्स, Warning Boards और ट्रैफिक-Calming उपायों की तत्काल आवश्यकता बताई।
🚧अतिक्रमण बना सड़क सुरक्षा में सबसे बड़ा अवरोध
निरीक्षण में पाया गया कि राजमार्ग के कई हिस्से विशेषकर आबादी वाले क्षेत्रों में दुकानों, ठेलों और निर्माण सामग्री की अतिक्रमण के कारण आधे से अधिक हिस्से घिर चुके हैं।
➡️ इस कारण वाहन ओवरटेकिंग करने पर मजबूर होते हैं, जिससे हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। टीम ने साफ कहा कि सड़क सुरक्षा समिति के समक्ष अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का प्रस्ताव रखा जाएगा, ताकि सड़क की चौड़ाई पूरी तरह से उपयोग में लाई जा सके।
⚠️सड़क संकेतक और सुरक्षा उपकरण क्षतिग्रस्त
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर मीडियन मार्किंग, कैट-आईज, डिलिनेटर्स और अन्य ट्रैफिक संकेतक या तो क्षतिग्रस्त हैं या पूरी तरह अनुपस्थित हैं।
➡️ इसके कारण रात और धुंध के मौसम में वाहन चालकों को मार्ग पहचानने में कठिनाई होती है। इसके अलावा विद्यालयों और घनी आबादी वाले हिस्सों में स्पीड लिमिट बोर्ड, चेतावनी संकेत और School Ahead signage लगाने की आवश्यकता भी स्पष्ट हुई।
🚛दिन में भारी वाहनों पर No Entry की तैयारी
राजमार्ग के किनारे स्थित स्कूलों, बस्तियों और औद्योगिक क्षेत्रों के कारण दिन में भारी वाहनों का आवागमन ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है।
➡️ इसीलिए निरीक्षण दल ने सड़क सुरक्षा समिति में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर No Entry लागू करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। यह प्रस्ताव लागू होने पर स्कूल समय औरピーक ऑवर्स में ट्रैफिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
📝 आगे की कार्यवाही
निरीक्षण में दर्ज सभी बिंदुओं और सुधारात्मक सुझावों को दस्तावेज़ीकृत किया जा रहा है। यह रिपोर्ट सड़क सुरक्षा समिति की आगामी बैठक में रखी जाएगी, जहां विभिन्न विभागों को कार्रवाई का दायरा और समयसीमा तय की जाएगी।



