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सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग का व्यापक अभियान,, आरटीओ डॉ. अनीता चमोला के नेतृत्व में रिफ्लेक्टिव टेप ड्राइव व हेलमेट वितरण,, “नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं की रोकथाम का सबसे बड़ा उपाय” – अनीता चमोला,, आमजन से परिवहन विभाग की अपील

जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग हरिद्वार द्वारा विशेष सड़क सुरक्षा अभियान संचालित किया गया। इस अभियान का नेतृत्व संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) डॉ. अनीता चमोला ने किया। अभियान के दौरान जागरूकता, निरीक्षण और कार्रवाई—तीनों स्तरों पर सख्त और प्रभावी कदम उठाए गए।

इन्तजार रजा हरिद्वार- सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग का व्यापक अभियान,,
आरटीओ डॉ. अनीता चमोला के नेतृत्व में रिफ्लेक्टिव टेप ड्राइव व हेलमेट वितरण,,
“नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं की रोकथाम का सबसे बड़ा उपाय” – अनीता चमोला,,

आमजन से परिवहन विभाग की अपील

हरिद्वार।
जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग हरिद्वार द्वारा विशेष सड़क सुरक्षा अभियान संचालित किया गया। इस अभियान का नेतृत्व संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) डॉ. अनीता चमोला ने किया। अभियान के दौरान जागरूकता, निरीक्षण और कार्रवाई—तीनों स्तरों पर सख्त और प्रभावी कदम उठाए गए।

रिफ्लेक्टिव टेप ड्राइव से रात्रिकालीन हादसों पर अंकुश
अभियान के अंतर्गत मालवाहक एवं यात्री वाहनों पर विशेष रिफ्लेक्टिव टेप ड्राइव चलाई गई। रात्रि के समय अक्सर भारी और मालवाहक वाहनों की सही दृश्यता न होने के कारण गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग की टीम ने विभिन्न मार्गों पर वाहनों की जांच की।
जिन वाहनों पर मानकों के अनुरूप रिफ्लेक्टिव टेप नहीं पाया गया, उन्हें मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वाहन स्वामियों को यह भी बताया गया कि रिफ्लेक्टिव टेप लगाना केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि स्वयं चालक और अन्य राहगीरों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।
दो-पहिया चालकों को हेलमेट वितरण, सीट बेल्ट पर भी जोर
सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान दो-पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन चालकों को प्रेरित करना था, जो अब तक हेलमेट को अनावश्यक समझकर इसकी अनदेखी कर रहे थे।
आरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने मौके पर मौजूद वाहन चालकों को समझाया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि दुर्घटना के समय जीवन रक्षक सुरक्षा कवच हैं। चार पहिया वाहन चालकों को भी सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
यातायात जागरूकता कार्यक्रम, नियमों के दुष्परिणाम बताए
अभियान के तहत सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए गए। इन कार्यक्रमों में आमजन को ओवर-स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में ड्राइविंग और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाने जैसे नियम उल्लंघनों के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश सड़क हादसे मानवीय लापरवाही के कारण होते हैं और यदि चालक थोड़ी सी सतर्कता बरतें, तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं।
बाइट – आरटीओ डॉ. अनीता चमोला
इस अवसर पर संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनीता चमोला ने कहा—
“सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल चालान ही समाधान नहीं है, बल्कि जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। यदि प्रत्येक नागरिक यातायात नियमों को अपनी जिम्मेदारी समझकर पालन करे, तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। हेलमेट, सीट बेल्ट और रिफ्लेक्टिव टेप जैसे सुरक्षा उपाय जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। परिवहन विभाग का प्रयास है कि हर वाहन चालक सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत अपनाए।”
नियम उल्लंघन पर ई-चालान, सख्त संदेश
अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत ई-चालान की कार्रवाई भी की गई। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवर-स्पीडिंग और अन्य नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती दिखाई गई।
इस कार्रवाई से सड़कों पर अनुशासन का स्पष्ट संदेश गया और कई वाहन चालकों ने मौके पर ही नियमों के पालन का आश्वासन दिया।
आमजन से परिवहन विभाग की अपील
परिवहन विभाग हरिद्वार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं की और दूसरों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यातायात नियमों का पालन करें। दो-पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। जागरूकता और सहयोग से ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था संभव है।

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