महंत की गुमशुदगी निकली सनसनीखेज हत्या,, एसएसपी नवनीत सिंह की अगुवाई में हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा,, दंपत्ति समेत तीन गिरफ्तार, कुल्हाड़ी से वार कर शव नदी में बहाया
हरिद्वार में नवनियुक्त एसएसपी की अगुवाई में पुलिस ने अपने कार्यकाल का पहला बड़ा खुलासा करते हुए एक गुमशुदगी को हत्या की वारदात में बदलने वाले सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है। थाना भगवानपुर क्षेत्र से लापता हुए महंत बृजेश दास की गुमशुदगी आखिरकार निर्मम हत्या में तब्दील निकली। पुलिस ने इस मामले में एक दंपत्ति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया

इन्तजार रजा हरिद्वार- महंत की गुमशुदगी निकली सनसनीखेज हत्या,,
एसएसपी नवनीत सिंह की अगुवाई में हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा,,
दंपत्ति समेत तीन गिरफ्तार, कुल्हाड़ी से वार कर शव नदी में बहाया
भगवानपुर/हरिद्वार, 17 फरवरी 2026।
जनपद हरिद्वार में नवनियुक्त एसएसपी की अगुवाई में पुलिस ने अपने कार्यकाल का पहला बड़ा खुलासा करते हुए एक गुमशुदगी को हत्या की वारदात में बदलने वाले सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है। थाना भगवानपुर क्षेत्र से लापता हुए महंत बृजेश दास की गुमशुदगी आखिरकार निर्मम हत्या में तब्दील निकली। पुलिस ने इस मामले में एक दंपत्ति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गुमशुदगी से हत्या तक की कहानी
10 फरवरी 2026 को ग्राम मोहम्मद बेगपुर उर्फ टकाभरी निवासी श्याम सिंह ने कोतवाली भगवानपुर में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि रविदास आश्रम में निवासरत महात्मा बृजेश दास 5 फरवरी 2026 से लापता हैं। उनके अचानक बिना बताए चले जाने और कोई संपर्क न होने पर गुमशुदगी दर्ज की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना भगवानपुर और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, स्थानीय पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। पड़ताल में एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा—मृतक अंतिम बार बागपत निवासी एक महिला से मोबाइल पर बातचीत करते पाए गए थे।
पूछताछ में खुला हत्या का राज
पुलिस ने जब संदिग्ध महिला और उसके पति से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। महिला ने स्वीकार किया कि बृजेश दास उसके पुराने परिचित थे और रिश्तेदारी के कारण उनका घर आना-जाना था।
महिला के अनुसार, बृजेश दास द्वारा लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव बनाए जाने से वह और उसका पति परेशान थे। इसी तनाव के चलते 5 फरवरी 2026 को महिला ने उन्हें फोन कर घर बुलाया। पहले से बनाई गई योजना के तहत महिला के पति संजीव ने घर पहुंचते ही कुल्हाड़ी से बृजेश दास पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी संजीव ने अपने भाई जोगेंद्र की मदद से शव और मृतक की मोटरसाइकिल को रात के अंधेरे में नदी में बहा दिया, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।
सबूत मिटाने की साजिश
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन, बिस्तर की चादर, गद्दा, कुछ कपड़े और शव लपेटने में इस्तेमाल चादर को आग के हवाले कर दिया गया।
लेकिन पुलिस की सूझबूझ और वैज्ञानिक जांच के चलते आरोपियों की योजना ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी किनारे से महंत बृजेश दास का शव बरामद कर लिया। इसके अलावा भूसे के ढेर में छिपाई गई कुल्हाड़ी, अधजले मोबाइल पार्ट्स, बैटरी और जले कपड़ों की राख भी बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:
- संजीव पुत्र स्व. रामपाल, निवासी ग्राम गांगनौली, थाना दोघट, जिला बागपत (उ.प्र.)
- महिला (पत्नी संजीव), निवासी उपरोक्त
- जोगेंद्र पुत्र स्व. रामपाल, वर्तमान निवासी सोनीपत, हरियाणा
तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस जटिल मामले के खुलासे में थाना भगवानपुर की टीम ने अहम भूमिका निभाई। प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण के नेतृत्व में उ0नि0 नीरज रावत, उ0नि0 बालाराम जोशी, अ0उ0नि0 मनोज कुमार, कांस्टेबल संजीव यादव, उवैदउल्लाह, संजय पंवार, महिला कांस्टेबल अनुपमा और सीआईयू रुड़की के कांस्टेबल महिपाल ने सटीक जांच कर मामले को सुलझाया।
एसएसपी नवनीत सिंह ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर गंभीर अपराध की तह तक जाकर दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
क्षेत्र में सनसनी
महंत बृजेश दास की हत्या की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। रविदास आश्रम और आसपास के ग्रामीणों में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति को धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन से जोड़ा जाता था, उसकी हत्या इस तरह होना बेहद दुखद है।
पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या के पीछे केवल मानसिक और आर्थिक दबाव ही कारण था या कोई अन्य एंगल भी शामिल है। फिलहाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच ने एक गुमशुदगी को हत्या में बदलने वाले रहस्य से पर्दा उठाकर जनपद में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दे दिया है।



