मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई,, फर्जी जन सेवा केन्द्र का भंडाफोड़, सिडकुल में नौकरियों के लिए बन रहे थे नकली आधार-पैन कार्ड,, ऊधम सिंह नगर के ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र में छापा, भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज बरामद

इन्तजार रजा हरिद्वार- मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई,,
फर्जी जन सेवा केन्द्र का भंडाफोड़, सिडकुल में नौकरियों के लिए बन रहे थे नकली आधार-पैन कार्ड,,
ऊधम सिंह नगर के ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र में छापा, भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज बरामद
ऊधम सिंह नगर/देहरादून, 18 फरवरी 2026।
मा० मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत (एसटीएफ) ने जनपद ऊधम सिंह नगर के थाना ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र में संचालित एक फर्जी जन सेवा केन्द्र का भंडाफोड़ किया है। यह केन्द्र बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था, जहां फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और मार्कशीट तैयार कर बाहरी व्यक्तियों को उपलब्ध कराए जा रहे थे।
सत्यापन अभियान के तहत विकसित की गई अभिसूचना
पुलिस महानिदेशक द्वारा राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों तथा संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध सघन सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने सभी टीमों को फर्जी जन सेवा केन्द्रों, फर्जी आधार, आयुष्मान और राशन कार्ड बनाने वाले गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के आदेश दिए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री विवेक कुमार के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक श्री आर.बी. चमोला के निर्देशन में एसटीएफ कुमाऊं यूनिट ने लगातार सूचनाएं विकसित कीं। इसी क्रम में 17 फरवरी 2026 को निरीक्षक विकास चौधरी के नेतृत्व में एसटीएफ टीम ने थाना ट्रांजिट कैम्प पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की।
कम्प्यूटर पर बन रही थी फर्जी मार्कशीट, मौके से गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान “गंगवार जन सेवा केन्द्र” में एक युवक को कम्प्यूटर पर फर्जी मार्कशीट तैयार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान चेतन कुमार (21 वर्ष), पुत्र राजपाल, निवासी ग्राम एंचैरा, थाना पटवाई, जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वर्तमान में वह गड्डा कॉलोनी, ट्रांजिट कैम्प में रह रहा था।
पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह पिछले एक वर्ष से यह अवैध कार्य कर रहा था। ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र सिडकुल के समीप और अत्यधिक भीड़भाड़ वाला होने के कारण यहां बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आकर रह रहे हैं। सिडकुल की औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलने के कारण बाहरी व्यक्ति फर्जी स्थानीय पहचान पत्र बनवाने उसके पास आते थे।
अभियुक्त ने बताया कि वह एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के माध्यम से ग्राहकों की फोटो लेकर उनके बताए गए नाम और पते को संपादित कर आधार कार्ड प्रिंट कर देता था और इसके बदले मनमाना धन लेता था। इसी प्रकार फर्जी पैन कार्ड और मार्कशीट भी तैयार की जाती थीं।
भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद
दुकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने 42 आधार कार्ड, 55 प्लास्टिक पैन कार्ड, 09 मार्कशीट, 01 मॉनिटर, 01 सीपीयू, 01 प्रिंटर तथा 01 बायोमैट्रिक फिंगर स्कैनर बरामद किया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बरामद आधार कार्डों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पते अंकित थे, जिन्हें परिवर्तित कर उत्तराखंड का पता दर्शाया जाना था।
एसटीएफ के अनुसार अभियुक्त अब तक लगभग 400 से 500 लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि कई बाहरी व्यक्ति अपने दस्तावेजों में नाम और पता बदलवाकर उत्तराखंड निवासी दर्शाते हुए सिडकुल में नौकरी प्राप्त कर रहे थे।
एसएसपी एसटीएफ श्री अजय सिंह ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय युवाओं के रोजगार अधिकारों के लिए गंभीर चुनौती हैं। थाना ट्रांजिट कैम्प में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर फर्जी तरीके से संचालित जन सेवा केन्द्र को सील कर दिया गया है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश जारी है।
इस संयुक्त कार्रवाई में एसटीएफ कुमाऊं यूनिट तथा थाना ट्रांजिट कैम्प पुलिस की टीम शामिल रही। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि राज्य में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




