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अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई,, राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्ती,, मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर हरिद्वार प्रशासन सक्रिय खनन माफियाओं में हड़कंप — आठ रिटेल भंडारण सीज, ई-रवन्ना पोर्टल निलंबित

इन्तजार रजा हरिद्वार- अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई,,

राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्ती,,
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर हरिद्वार प्रशासन सक्रिय

खनन माफियाओं में हड़कंप — आठ रिटेल भंडारण सीज, ई-रवन्ना पोर्टल निलंबित

हरिद्वार, 02 दिसम्बर 2025

प्रदेश में लगातार बढ़ते अवैध खनन और उससे हो रहे राजस्व नुकसान को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद हरिद्वार जनपद में प्रशासन और खनन विभाग ने अवैध खनन पर बड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को खनन विभाग की टीम ने लक्सर क्षेत्र में औचक छापेमारी करते हुए अवैध खनन कर रहे 08 रिटेल भंडारणों को सील कर दिया।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलेभर में अवैध खनन और बिना लाइसेंस संचालित भंडारणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारी (SDM), तहसीलदारों और खनन विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में कठोर निरीक्षण करने व किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के आदेश दिए हैं।

मौखिक शिकायत के बाद कार्रवाई, मौके पर हुआ औचक निरीक्षण

जिला खान अधिकारी मौ. काज़िम खान ने जानकारी दी कि उन्हें बुधवार सुबह दूरभाष के माध्यम से ग्राम रामपुर रायघटी में अवैध खनन किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खनन विभाग, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट पाया गया कि क्षेत्र में बिना अनुमति गंगा नदी से रेत लाकर भंडारण किया जा रहा था और परिवहन में ई-रवन्ना प्रक्रिया का नियम पालन भी नहीं किया गया था।

टीम ने मौके पर मौजूद रेत के ढेर, परिवहन रिकॉर्ड और पोर्टल एंट्री की जांच की। जांच में अनियमितताएं और अवैध खनन की पुष्टि होने पर जिला प्रशासन ने कठोर कार्रवाई करते हुए आठों भंडारण स्थलों को सीज कर दिया। इसके साथ ही सभी संबंधित रिटेल स्टोरेज यूनिट्स के ई-रवन्ना पोर्टल को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, जिससे अब वे किसी भी प्रकार की वाणिज्यिक रेत या उपखनिज की आवाजाही नहीं कर पाएंगे।

खनन माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि अवैध खनन न केवल सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाता है बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

उन्होंने दो टूक कहा:

“हरिद्वार में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई होगी, चाहे दोषी कोई भी हो।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए किसी भी खनन ठेकेदार, भंडारण संचालक या वाहन संचालक के खिलाफ एफआईआर, अर्थदंड एवं लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।

ग्रामीणों ने राहत की सांस ली — months से हो रही थी शिकायतें

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में महीनों से बिना अनुमति रेत खनन और परिवहन किया जा रहा था। देर रात ट्रक और ट्रैक्टरों की आवाजाही से सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ खेतों और गांवों में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा था। कार्रवाई के बाद ग्रामवासियों ने प्रशासन के प्रति राहत और संतोष जताया।

अब लगातार चलेगी निगरानी — और भी कार्रवाई की संभावना

सूत्रों के अनुसार खनन विभाग ने पूरे जनपद में ब्लैकलिस्टेड वाहनों, संदिग्ध लाइसेंस और अवैध स्टॉक की जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। जिन क्षेत्रों में डंपिंग यार्ड या अवैध स्टॉक की शिकायतें प्राप्त होंगी, वहां भी जल्द ही छापेमारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई यह कार्रवाई अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में जिले में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।हरिद्वार प्रशासन की यह मोर्चाबंदी अब खनन कारोबार में पारदर्शिता और नियम पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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