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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शिक्षा का बड़ा सुधार,, 452 मदरसों को बोर्ड से जोड़ने का ऐतिहासिक फैसला, 43 हजार छात्र होंगे मुख्यधारा में शामिल,, आधुनिक शिक्षा और धार्मिक मूल्यों का संतुलन, उत्तराखंड बनेगा शिक्षा का मॉडल राज्य

इन्तजार रजा हरिद्वार- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शिक्षा का बड़ा सुधार,,

452 मदरसों को बोर्ड से जोड़ने का ऐतिहासिक फैसला, 43 हजार छात्र होंगे मुख्यधारा में शामिल,,

आधुनिक शिक्षा और धार्मिक मूल्यों का संतुलन, उत्तराखंड बनेगा शिक्षा का मॉडल राज्य

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा 452 मदरसों को उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड से जोड़ने का निर्णय न केवल शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह 43,000 से अधिक छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की मजबूत पहल भी है।

यह फैसला उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है, जो अब तक केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित थे। अब इन मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र, उच्च शिक्षा के अवसर और सरकारी नौकरी में प्रवेश के नए रास्ते मिलेंगे। इससे सामाजिक समानता, अवसरों की बराबरी और सम्मानजनक भविष्य की नींव मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री धामी सरकार की यह पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ आगे बढ़ रही है। आधुनिक विषयों जैसे गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल कर, छात्रों को समय के अनुरूप सक्षम बनाया जा रहा है, वहीं धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।

सरकार का मानना है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का सबसे मजबूत हथियार है। मदरसा बोर्ड से जुड़ने के बाद छात्रों को मिलने वाली शैक्षणिक मान्यता उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक पहुंच प्रदान करेगी, जिससे उनका आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी दोनों बढ़ेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्णय शिक्षा में समावेशिता (Inclusive Education) का बेहतरीन उदाहरण है। इससे न केवल अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य में शैक्षणिक गुणवत्ता और मानव संसाधन विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

धामी सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम उत्तराखंड को शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम न केवल शिक्षा व्यवस्था में दिखेंगे, बल्कि सामाजिक सौहार्द, आर्थिक मजबूती और युवा सशक्तिकरण में भी नजर आएंगे।

कुल मिलाकर, मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने का यह निर्णय उत्तराखंड के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य शिक्षा सुधार की एक नई कहानी लिख रहा है।

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