उत्तराखंड में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल,, 🔁 कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव,, 👮♂️ प्रमेन्द्र डोभाल बने दून एसएसपी, नवनीत सिंह हरिद्वार की कमान संभालेंगे

इन्तजार रजा हरिद्वार 🚨 उत्तराखंड में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल,,
🔁 कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव,,
👮♂️ प्रमेन्द्र डोभाल बने दून एसएसपी, नवनीत सिंह हरिद्वार की कमान संभालेंगे

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के तहत कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए महत्वपूर्ण जिलों और विशेष इकाइयों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है। इस बदलाव को कानून व्यवस्था की मजबूती, अपराध नियंत्रण और आगामी प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए अहम माना जा रहा है।
शासन के आदेशानुसार प्रमेंद्र सिंह डोबाल को देहरादून का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नियुक्त किया गया है। राजधानी देहरादून की कानून व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, बढ़ते साइबर अपराध और शहरी अपराधों की चुनौतियों को देखते हुए उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रमेन्द्र डोभाल इससे पहले भी विभिन्न जनपदों में प्रभावी नेतृत्व के लिए जाने जाते रहे हैं। पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में दून पुलिस और अधिक सक्रिय और जवाबदेह नजर आएगी।
वहीं नवनीत सिंह को हरिद्वार जनपद की कमान सौंपी गई है। हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से संवेदनशील जिला है, जहां सालभर बड़े धार्मिक आयोजन, वीआईपी दौरे और भीड़ प्रबंधन की चुनौती रहती है। आगामी आयोजनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखते हुए यह तैनाती बेहद अहम मानी जा रही है। नवनीत सिंह के सामने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के साथ-साथ ट्रैफिक और अपराध नियंत्रण पर भी विशेष फोकस रहेगा।
इसके अलावा अजय सिंह को एसएसपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की जिम्मेदारी दी गई है। एसटीएफ की भूमिका राज्य में संगठित अपराध, साइबर क्राइम, नशा तस्करी, फर्जीवाड़ा और अंतरराज्यीय गिरोहों पर कार्रवाई में बेहद महत्वपूर्ण होती है। अजय सिंह की नियुक्ति को राज्य स्तर पर अपराध के खिलाफ तेज और सख्त अभियान के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि एसटीएफ अब बड़े आपराधिक नेटवर्क पर और अधिक प्रभावी ढंग से शिकंजा कसेगी।
पुलिस मुख्यालय सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसे प्रदर्शन आधारित समीक्षा और आगामी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल के महीनों में बढ़ते अपराध, साइबर ठगी और नशा तस्करी के मामलों को देखते हुए सरकार और पुलिस मुख्यालय ने सख्त संदेश देने की कोशिश की है।
राजधानी देहरादून और हरिद्वार जैसे संवेदनशील जिलों में नए एसएसपी की तैनाती से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि सरकार कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले समय में पुलिस की कार्यशैली, अपराध नियंत्रण की रणनीति और जनसंपर्क व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, नए नियुक्त अधिकारियों ने कार्यभार संभालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में पुलिस महकमे में और भी आंतरिक बदलाव संभव माने जा रहे हैं।



