प्री-एसआईआर में उत्कृष्ट इलेक्टर मैपिंग पर हरिद्वार को राष्ट्रीय पहचान,, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ को राज्यपाल ने किया सम्मानित,, “यह व्यक्तिगत नहीं, पूरी निर्वाचन टीम की सामूहिक उपलब्धि है” — दीपक सेठ,, जिलाधिकारी के नेतृत्व में मिला स्पष्ट मार्गदर्शन
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित प्री-स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Pre-SIR) कार्यक्रम के अंतर्गत इलेक्टर मैपिंग में किए गए उत्कृष्ट, नवाचारी एवं सराहनीय कार्य के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र शेट को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ अचीवमेंट प्रदान किया

इन्तजार रजा हरिद्वार- प्री-एसआईआर में उत्कृष्ट इलेक्टर मैपिंग पर हरिद्वार को राष्ट्रीय पहचान,,
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ को राज्यपाल ने किया सम्मानित,,
“यह व्यक्तिगत नहीं, पूरी निर्वाचन टीम की सामूहिक उपलब्धि है” — दीपक सेठ,,
जिलाधिकारी के नेतृत्व में मिला स्पष्ट मार्गदर्शन

हरिद्वार।
निर्वाचक नामावलियों के शुद्धिकरण एवं अद्यतन के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित प्री-स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Pre-SIR) कार्यक्रम के अंतर्गत इलेक्टर मैपिंग में किए गए उत्कृष्ट, नवाचारी एवं सराहनीय कार्य के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र शेट को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ अचीवमेंट प्रदान किया गया।
यह सम्मान न केवल एक अधिकारी की प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक है, बल्कि जनपद हरिद्वार की पूरी निर्वाचन व्यवस्था की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और टीमवर्क का भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है।
निर्वाचन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल
प्री-एसआईआर अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी, अद्यतन और विश्वसनीय बनाना है। इसी क्रम में जनपद हरिद्वार में इलेक्टर मैपिंग को बेहद योजनाबद्ध, तकनीकी और फील्ड-आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया गया।
मतदाता क्षेत्रों का भौगोलिक और जनसांख्यिकीय विश्लेषण, डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान, मृतक मतदाताओं के नाम हटाना, स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन तथा नए पात्र मतदाताओं का समावेशन—इन सभी बिंदुओं पर ग्राउंड-लेवल से लेकर डाटा एनालिसिस तक सटीक कार्यप्रणाली अपनाई गई।
इसी सुव्यवस्थित और पारदर्शी कार्यशैली के चलते हरिद्वार की इलेक्टर मैपिंग मॉडल को उच्च स्तर पर सराहना मिली, जिसके परिणामस्वरूप यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
“यह सम्मान पूरी टीम का है”
सम्मान प्राप्त करने के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र शेट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह उपलब्धि किसी एक अधिकारी की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि तहसील रुड़की की संपूर्ण निर्वाचन टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्यालय, राजस्व विभाग, बीएलओ, सुपरवाइज़र, डाटा टीम तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया।
“यदि फील्ड से लेकर कार्यालय तक समन्वय न होता, तो यह उपलब्धि संभव नहीं थी,”—उन्होंने टीम भावना को इस सफलता का आधार बताया।
जिलाधिकारी के नेतृत्व में मिला स्पष्ट मार्गदर्शन
संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की ने यह भी कहा कि यह कार्य जनपद हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
डीएम द्वारा समय-समय पर की गई समीक्षा बैठकों, स्पष्ट दिशा-निर्देशों और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया ने प्री-एसआईआर अभियान को प्रभावी बनाया।
प्रशासनिक नेतृत्व और फील्ड-लेवल क्रियान्वयन के बीच यह संतुलन ही हरिद्वार मॉडल की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा।
नागरिक-केंद्रित निर्वाचन व्यवस्था की ओर मजबूत कदम
प्री-एसआईआर अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की बुनियाद है। शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची से न केवल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित होते हैं, बल्कि आम नागरिक का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास भी बढ़ता है।
हरिद्वार में अपनाई गई कार्यप्रणाली ने यह सिद्ध किया कि यदि तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और फील्ड-लेवल मेहनत को जोड़ा जाए, तो निर्वाचन सुधार वास्तविक रूप ले सकते हैं।
पूरे जनपद के लिए गर्व का क्षण
महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रदान किया गया यह सर्टिफिकेट ऑफ अचीवमेंट पूरे जनपद हरिद्वार के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान भविष्य में भी निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, नागरिक-केंद्रित एवं भरोसेमंद बनाने की दिशा में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित करेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र में इस प्रकार की राष्ट्रीय स्तर की मान्यता यह दर्शाती है कि हरिद्वार जनपद न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।



