हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में परिवहन प्रशासन की नई पहल,, सरकारी और निजी वाहनों में लगाए जाएंगे डस्टबिन, कलेक्ट्रेट परिसर से हुआ शुभारंभ,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित बोले – स्वच्छ हरिद्वार हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में परिवहन प्रशासन की नई पहल,,
सरकारी और निजी वाहनों में लगाए जाएंगे डस्टबिन, कलेक्ट्रेट परिसर से हुआ शुभारंभ,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित बोले – स्वच्छ हरिद्वार हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार को साफ, स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में परिवहन विभाग द्वारा सरकारी और गैर-सरकारी वाहनों में डस्टबिन लगाने की योजना शुरू की गई है। इस अभियान का शुभारंभ शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। यदि लोग यात्रा के दौरान वाहनों से कूड़ा सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने से बचें और वाहनों में डस्टबिन का उपयोग करें तो शहर को साफ रखने में बड़ी मदद मिल सकती है। उन्होंने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी सरकारी वाहनों के साथ-साथ निजी और वाणिज्यिक वाहनों में भी डस्टबिन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई बार यात्रा के दौरान लोग खाने-पीने की वस्तुओं के रैपर, बोतलें और अन्य कूड़ा सीधे सड़क पर फेंक देते हैं, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित होती है। यदि वाहनों में डस्टबिन उपलब्ध होंगे तो यात्री और चालक आसानी से कूड़ा उसमें डाल सकेंगे और उसे बाद में निर्धारित स्थान पर निस्तारित किया जा सकेगा। इससे सड़कें और सार्वजनिक स्थान स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत जनपद के सरकारी वाहनों में डस्टबिन लगाए जा रहे हैं, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला अभियान है।
उन्होंने निजी एवं वाणिज्यिक वाहन संचालकों से भी अपील की कि वे अपने वाहनों में डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखें, ताकि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय सुरक्षित तरीके से एकत्र किया जा सके। इससे स्वच्छता के प्रति लोगों में सकारात्मक संदेश जाएगा और शहर को साफ रखने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन समय-समय पर ऐसे नवाचार कर रहा है। यदि सभी लोग इस पहल को गंभीरता से अपनाएं और अपने स्तर पर भी स्वच्छता का ध्यान रखें, तो हरिद्वार को साफ और सुंदर बनाए रखने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
इस अभियान के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सभी सरकारी वाहनों के चालकों को डस्टबिन वितरित किए गए और उन्हें निर्देश दिए गए कि वाहन में मौजूद डस्टबिन का नियमित रूप से उपयोग किया जाए। अधिकारियों ने वाहन चालकों को यह भी बताया कि कूड़े को निर्धारित स्थानों पर ही डाला जाए ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
इस मौके पर अधिकारियों ने जनपदवासियों और वाहन संचालकों से अपील की कि वे इस स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ हरिद्वार केवल प्रशासन का लक्ष्य नहीं बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हर नागरिक स्वच्छता को अपनी आदत बना ले, तो ‘हरिद्वार स्वच्छ हो अपना’ का संकल्प अवश्य साकार होगा।”
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, परिवहन कर अधिकारी वरना सैनी, परिवहन सहायक निरीक्षक अनिल कुमार, पुनीत नागर, तथा परिवहन आरक्षी सचिन, अर्जुन और राहुल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



