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फार्मा उद्योग को नई मजबूती,, हरिद्वार में रिवाइज्ड जीएमपी पर बड़ा ट्रेनिंग सेशन,, अंतरराष्ट्रीय मानकों की ओर बढ़ते उत्तराखंड के फार्मा उद्योग

उत्तराखंड को फार्मा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में हरिद्वार से एक सकारात्मक और दूरगामी संदेश सामने आया है। जिले के फार्मास्युटिकल उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से रिवाइज्ड जीएमपी (Revised Good Manufacturing Practices) पर आधारित एक विशेष लर्निंग सेशन व ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने किया, जबकि तकनीकी मार्गदर्शन ISHRE इंजीनियर्स की विशेषज्ञ टीम द्वारा प्रदान किया गया।

इन्तजार रजा हरिद्वार- फार्मा उद्योग को नई मजबूती,,

हरिद्वार में रिवाइज्ड जीएमपी पर बड़ा ट्रेनिंग सेशन,,

अंतरराष्ट्रीय मानकों की ओर बढ़ते उत्तराखंड के फार्मा उद्योग

हरिद्वार।
उत्तराखंड को फार्मा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में हरिद्वार से एक सकारात्मक और दूरगामी संदेश सामने आया है। जिले के फार्मास्युटिकल उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से रिवाइज्ड जीएमपी (Revised Good Manufacturing Practices) पर आधारित एक विशेष लर्निंग सेशन व ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने किया, जबकि तकनीकी मार्गदर्शन ISHRE इंजीनियर्स की विशेषज्ञ टीम द्वारा प्रदान किया गया।

इस अहम ट्रेनिंग में हरिद्वार जनपद की लगभग सभी फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के प्रतिनिधियों, टेक्निकल हेड्स, क्वालिटी कंट्रोल और प्रोडक्शन मैनेजर्स ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फार्मा कंपनियों को आगामी संशोधित आर.जीएमपी नियमों के प्रति जागरूक करना और उन्हें व्यावहारिक रूप से लागू करने की दिशा में सक्षम बनाना रहा।

जल्द लागू होंगे संशोधित आर.जीएमपी नियम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में जल्द ही Revised GMP को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। इसके तहत फार्मा कंपनियों को अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया, डॉक्यूमेंटेशन, क्लीनरूम, एचवीएसी सिस्टम, क्वालिटी कंट्रोल और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को अपडेट करना होगा।

उन्होंने कहा कि,

“रिवाइज्ड जीएमपी केवल एक नियम नहीं, बल्कि फार्मा इंडस्ट्री के भविष्य की नींव है। इसका उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य बनाना है।”

अनीता भारती ने बताया कि इस ट्रेनिंग में विशेष रूप से HVAC सिस्टम, क्लीनरूम डिज़ाइन, एयर फ्लो मैनेजमेंट, कंटैमिनेशन कंट्रोल और एनर्जी एफिशिएंसी जैसे तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। ISHRE इंजीनियर्स की टीम ने प्रेजेंटेशन और केस स्टडी के माध्यम से उद्योग प्रतिनिधियों को व्यावहारिक जानकारी दी।

हरिद्वार की 90% कंपनियां पहले ही मानकों पर खरी

वरिष्ठ ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने हरिद्वार के फार्मा उद्योग की सराहना करते हुए बताया कि

“पिछले तीन वर्षों में हरिद्वार की लगभग 90 प्रतिशत फार्मा कंपनियां जीएमपी मानकों का पूरी तरह पालन कर रही हैं, जबकि शेष 10 प्रतिशत कंपनियां भी तेजी से सुधार की दिशा में काम कर रही हैं।”

उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड की फार्मा इंडस्ट्री न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि एक्सपोर्ट और WHO सर्टिफिकेशन के क्षेत्र में भी मजबूत पहचान बनाएगी। यह राज्य के लिए गर्व का विषय होगा और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा।

प्रदेश की रीढ़ है फार्मा उद्योग: विधायक रवि बहादुर

कार्यक्रम में मौजूद ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने फार्मा उद्योग से जुड़े उद्यमियों और कर्मचारियों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि फार्मा इंडस्ट्री उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

विधायक रवि बहादुर ने कहा,

“फार्मा उद्योग न केवल टैक्स के माध्यम से सरकार को मजबूत करता है, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी देता है। ये उद्योग प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।”

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि फार्मा उद्योगों को किसी भी प्रकार की नीतिगत, प्रशासनिक या तकनीकी समस्या आती है, तो उसे जनप्रतिनिधि के रूप में वे सदन तक पहुंचाने का पूरा प्रयास करेंगे।

ट्रेनिंग से बढ़ेगी गुणवत्ता, खुलेगा वैश्विक बाजार

कार्यक्रम में मौजूद उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया। उनका कहना था कि रिवाइज्ड जीएमपी को समझना और समय रहते लागू करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे न केवल दवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि रिवाइज्ड जीएमपी लागू होने के बाद कंपनियों को नियमित ऑडिट, ट्रेसबिलिटी और डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन पर विशेष ध्यान देना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नकली या घटिया दवाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।

उत्तराखंड को फार्मा हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम

हरिद्वार में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम यह स्पष्ट करता है कि राज्य प्रशासन, नियामक एजेंसियां और उद्योग जगत मिलकर उत्तराखंड को नेशनल और इंटरनेशनल फार्मा हब बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहे हैं।

रिवाइज्ड जीएमपी पर आधारित यह पहल न केवल फार्मा उद्योगों को तकनीकी रूप से मजबूत करेगी, बल्कि मरीजों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएगी

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