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ऑडियो वायरल से फिर गरमाया अंकिता भंडारी हत्याकांड,, पूर्व विधायक सुरेश राठौर बोले – AI से बनाया गया मेरा फर्जी ऑडियो,, भाजपा को बदनाम करने की साजिश, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

इन्तजार रजा हरिद्वार- ऑडियो वायरल से फिर गरमाया अंकिता भंडारी हत्याकांड,,
पूर्व विधायक सुरेश राठौर बोले – AI से बनाया गया मेरा फर्जी ऑडियो,,
भाजपा को बदनाम करने की साजिश, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ के नाम वाले ऑडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। इस पूरे मामले में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर ने मीडिया के सामने आकर अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया और दावा किया कि वायरल हो रहा ऑडियो एआई (Artificial Intelligence) तकनीक से तैयार किया गया फर्जी ऑडियो है। उन्होंने इसे न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत छवि बल्कि भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश करार दिया।
देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सुरेश राठौर ने साफ शब्दों में कहा कि बीते डेढ़ से दो वर्षों से उन्हें और पार्टी के अन्य नेताओं को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार ऑडियो और वीडियो वायरल कर राजनीतिक माहौल को जानबूझकर विषाक्त किया जा रहा है, जिससे अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले को भी राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है।
AI से जनरेटेड ऑडियो का आरोप, फोरेंसिक जांच की मांग

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरेश राठौर ने कहा कि वायरल ऑडियो में जो आवाज सुनाई दे रही है, वह उनकी नहीं है।
उन्होंने दावा किया,
“आज के दौर में एआई तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की भी आवाज तैयार की जा सकती है। मेरे नाम से जो ऑडियो वायरल किया जा रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है और इसका मकसद मुझे और भाजपा को बदनाम करना है।”

पूर्व विधायक ने इस पूरे प्रकरण की फोरेंसिक जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई खुद सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी मांग की कि संबंधित महिला के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऑडियो किस तरह और किन माध्यमों से तैयार किया गया।

सुरेश राठौर ने सहारनपुर निवासी उर्मिला सनावर पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वह लगातार भाजपा से जुड़े नेताओं को निशाना बना रही हैं।
उन्होंने कहा,
“यह केवल मेरी बात नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से प्रदेश ही नहीं, देशभर में भाजपा नेताओं के खिलाफ इसी तरह के ऑडियो और वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। यह एक सोची-समझी साजिश है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक विरोधियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। सुरेश राठौर ने कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस षड्यंत्र के पीछे राजनीतिक लाभ लेने की मंशा हो सकती है।
‘भाजपा मेरी मां समान’, 1980 से पार्टी से जुड़ा हूं – राठौर
पूर्व विधायक ने भावुक होते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके लिए मां समान है।
उन्होंने कहा,
“मैं वर्ष 1980 से भाजपा से जुड़ा हूं। पार्टी के लिए संघर्ष किया, जनता की सेवा की। आज उसी पार्टी को बदनाम करने के लिए मेरे नाम से फर्जी ऑडियो वायरल किए जा रहे हैं। यह बेहद दुखद है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर पार्टी की छवि धूमिल नहीं होने देंगे और इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सुरेश राठौर ने प्रेस वार्ता में साफ कहा कि यदि इस तरह के फर्जी ऑडियो वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह न केवल मानहानि का मामला है, बल्कि कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि बिना देरी किए इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाए और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सच्चाई सामने लाई जाए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर चर्चा में
लगातार सामने आ रहे ऑडियो वायरल मामलों के चलते अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। ‘वीआईपी’ के नाम के कथित जिक्र ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। हालांकि, सुरेश राठौर ने साफ किया कि इस हत्याकांड से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उनके नाम को जानबूझकर इसमें घसीटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक ड्रामे में बदलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजनीतिक हलकों में हलचल, जांच पर टिकी निगाहें
इस पूरे प्रकरण ने भाजपा के भीतर और बाहर दोनों जगह हलचल मचा दी है। एक ओर जहां ऑडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एआई तकनीक के दुरुपयोग पर भी बहस तेज हो गई है।
अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती हैं।
सुरेश राठौर, पूर्व विधायक, भाजपा ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा:

“मेरे नाम से जो ऑडियो वायरल किया जा रहा है, वह एआई से बनाया गया फर्जी ऑडियो है। यह भाजपा और मुझे बदनाम करने की साजिश है। इसकी फोरेंसिक जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”
फिलहाल, ऑडियो वायरल प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तकनीक के इस दौर में सच्चाई और साजिश के बीच फर्क करना कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस हाई-प्रोफाइल विवाद की असल हकीकत क्या सामने आती है।

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