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कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर हरिद्वार पुलिस और प्रशासन ने कसी कमर,, ऋषिकुल ऑडिटोरियम में की गई फोर्स की ब्रीफिंग, घाटों से लेकर हाईवे तक सुरक्षा के सख्त इंतजाम,, डूबने की घटनाओं पर रोक के लिए जल पुलिस सतर्क, सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर रहेगी नजर,, सुरक्षा के लिहाज से हरिद्वार मेला क्षेत्र को 11 जोन और 36 सेक्टरों में बांटा गया

इन्तजार रजा हरिद्वार-कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर हरिद्वार पुलिस और प्रशासन ने कसी कमर,,
ऋषिकुल ऑडिटोरियम में की गई फोर्स की ब्रीफिंग, घाटों से लेकर हाईवे तक सुरक्षा के सख्त इंतजाम,,
डूबने की घटनाओं पर रोक के लिए जल पुलिस सतर्क, सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर रहेगी नजर,,

सुरक्षा के लिहाज से हरिद्वार मेला क्षेत्र को 11 जोन और 36 सेक्टरों में बांटा गया

हरिद्वार। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व के सकुशल संपादन हेतु हरिद्वार पुलिस ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देशन में सोमवार को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में स्नान पर्व में नियुक्त समस्त पुलिस बल की विस्तृत ब्रीफिंग की गई। इस दौरान घाटों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, डूबने की घटनाओं की रोकथाम और जनसुविधाओं के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।

मेला क्षेत्र 11 जोन और 36 सेक्टरों में विभक्त

हरिद्वार मेला क्षेत्र को 11 जोन और 36 सेक्टरों में बांटा गया है, ताकि कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दौरान लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने बताया कि हर की पैड़ी, मालवीय घाट, गौघाट, और मनसा देवी-चंडी देवी रोपवे क्षेत्र विशेष निगरानी में रहेंगे।
प्रत्येक जोनल अधिकारी को भीड़ बढ़ने की दशा में वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग कर जनसंख्या के दबाव को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारी पूरे क्षेत्र में गुप्त रूप से निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

जल पुलिस, घुड़सवार दस्ते और सीसीटीवी से निगरानी

डूबने की घटनाओं पर रोक के लिए जल पुलिस की छह टीमें घाटों पर 24 घंटे तैनात रहेंगी। साथ ही घुड़सवार पुलिस की दो टीमें भीड़ नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख घाटों पर पर्याप्त मात्रा में रस्सा और डिवाइडर रखे गए हैं ताकि अचानक भीड़ बढ़ने पर नियंत्रित रूप से डायवर्ट किया जा सके।
पूरा मेला क्षेत्र सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

महिला घाटों पर विशेष व्यवस्था

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। महिला घाटों पर 46 महिला आरक्षी ड्यूटी पर रहेंगी, जिन्हें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से स्नान के बाद शीघ्र बाहर निकालें।
मनसा देवी और चंडी देवी में ड्यूटी प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि श्रद्धालु निर्धारित कतार में ही आगे बढ़ें और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर रहेगा विशेष ध्यान

एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु विशेष योजना तैयार की गई है। पांच प्रमुख स्थानों पर टो वैन (रिकवरी वाहन) तैनात रहेंगे, ताकि किसी खराब वाहन से जाम की स्थिति न बने।
साथ ही पर्व की अवधि में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश हैं कि कोई भी बड़ा वाहन मेला क्षेत्र या हाईवे में प्रवेश न कर सके।
वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित स्थलों पर ही की जाएगी और किसी भी मार्ग पर अवैध पार्किंग की स्थिति में तुरंत कार्रवाई होगी।

ड्यूटी में अनुशासन और समन्वय पर जोर

ब्रीफिंग में बताया गया कि पुलिस बल दो पारियों में 12-12 घंटे की ड्यूटी करेगा। कोई भी अधिकारी या कर्मी अपने प्रतिस्थानी के आने से पूर्व ड्यूटी स्थल नहीं छोड़ेगा।
सभी जोनल और सेक्टर प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्रों में नियुक्त पुलिस बल को ब्रीफ करने और अनुपस्थित कर्मियों की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को भेजने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि सभी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं से मधुर व्यवहार रखें और अनावश्यक मोबाइल फोन प्रयोग से बचें। घाटों पर बैठे श्रद्धालुओं को बार-बार समझाकर स्नान के बाद बाहर निकालना सुनिश्चित किया जाएगा।

सुरक्षा में बीडीएस टीम, डॉग स्क्वायड और फायर यूनिट भी तैनात

संभावित अप्रिय घटनाओं की रोकथाम हेतु बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीमों को भी तैनात किया गया है। ये टीमें लगातार रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और अपर रोड क्षेत्र में गश्त करेंगी।
इसके अलावा दो फायर यूनिट्स भी पूरे उपकरणों के साथ तैयार रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य किया जा सके।

स्नान बल की संरचना

कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए कुल पुलिस बल का विवरण इस प्रकार है —

  • पुलिस उपाधीक्षक : 09
  • निरीक्षक/थानाध्यक्ष/वरिष्ठ उपनिरीक्षक : 18
  • उपनिरीक्षक/अपर उपनिरीक्षक : 89
  • महिला उपनिरीक्षक/महिला उपनिरीक्षक : 14
  • मुख्य आरक्षी/आरक्षी : 408
  • महिला आरक्षी : 46
  • टीआई : 02, टीएसआई : 13
  • यातायात पुलिसकर्मी : 21
  • अभिसूचना इकाई : 16 कर्मी
  • बीडीएस/डॉग स्क्वायड : 01 टीम
  • फायर यूनिट्स : 02
  • जल पुलिस : 06 टीमें
  • पीएसी : 03 कंपनियाँ, 02 प्लाटून
  • टियर गैस स्क्वायड : 01
  • प्रिजन वैन : 04

प्रशासन-पुलिस एकजुट, तैयारियां पूरी

डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि हरिद्वार में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि स्नान पर्व के दौरान हर स्थिति पर सतर्क निगाह रखें और जनसहयोग से व्यवस्था को सहज बनाए रखें।
संपूर्ण पुलिस-प्रशासन ने एक स्वर में कहा — “हरिद्वार में श्रद्धालुओं का स्नान शांति, सुरक्षा और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।”

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