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डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित के आदेश पर बहादराबाद में अतिक्रमण पर प्रशासन का सख्त प्रहार, जमकर गरजा बुलडोजर,,  बहादराबाद में यूपी सिंचाई विभाग की जमीन पर चला लगातार बुलडोजर, डेढ़ किमी क्षेत्र खाली धामी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश – नहीं बख्शे जाएंगे अवैध कब्जेदार

हरिद्वार में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपने अभियान को और अधिक तेज करते हुए गुरुवार को बड़ी और सख्त कार्रवाई की। यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर लंबे समय से फैले अवैध कब्जों के खिलाफ सुबह से ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस अभियान के तहत बहादराबाद में करीब एक से डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिससे सरकारी जमीन को फिर से प्रशासन के नियंत्रण में लिया जा सका।

इन्तजार रजा हरिद्वार- डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित के आदेश पर बहादराबाद में अतिक्रमण पर प्रशासन का सख्त प्रहार, जमकर गरजा बुलडोजर,, 

बहादराबाद में यूपी सिंचाई विभाग की जमीन पर चला लगातार बुलडोजर, डेढ़ किमी क्षेत्र खाली

धामी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश – नहीं बख्शे जाएंगे अवैध कब्जेदार

हरिद्वार में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपने अभियान को और अधिक तेज करते हुए गुरुवार को बड़ी और सख्त कार्रवाई की। यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर लंबे समय से फैले अवैध कब्जों के खिलाफ सुबह से ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस अभियान के तहत बहादराबाद में करीब एक से डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिससे सरकारी जमीन को फिर से प्रशासन के नियंत्रण में लिया जा सका।

यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक सख्ती का प्रतीक रही, बल्कि उन लोगों के लिए भी कड़ा संदेश साबित हुई, जो वर्षों से सरकारी और सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा जमाए बैठे थे। बुलडोजर की गड़गड़ाहट के साथ जैसे-जैसे अवैध निर्माण ध्वस्त होते गए, वैसे-वैसे इलाके में हड़कंप मच गया। कई अतिक्रमणकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे उनकी एक नहीं चली।

कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त मौजूदगी के चलते पूरे अभियान को शांतिपूर्ण और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे।

पहले नोटिस, फिर बुलडोजर – नियमों के तहत कार्रवाई

उपजिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने बताया कि यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमणों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया था। नियमानुसार अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस जारी कर स्वेच्छा से कब्जा हटाने का समय दिया गया था।

जितेंद्र कुमार, एसडीएम हरिद्वार:
“प्रशासन की ओर से सभी अतिक्रमणकारियों को पहले नोटिस दिए गए थे। उन्हें स्पष्ट रूप से चेताया गया था कि यदि समय रहते कब्जा नहीं हटाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो मजबूरन बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”

एसडीएम ने साफ कहा कि धामी सरकार के निर्देशों के तहत हरिद्वार जनपद में सरकारी, सिंचाई और अन्य विभागीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखना और जनहित में उसका सही उपयोग सुनिश्चित करना है।

सिंचाई विभाग को बड़ी राहत

यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के लिए यह कार्रवाई किसी बड़ी राहत से कम नहीं रही। लंबे समय से विभागीय जमीन पर अतिक्रमण के कारण न केवल प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा था, बल्कि सिंचाई नहरों और विभागीय परियोजनाओं में भी दिक्कतें आ रही थीं।

भारत भूषण, एसडीओ यूपी सिंचाई विभाग:
“अतिक्रमण के चलते विभागीय कार्यों में लगातार बाधा आ रही थी। नहरों और जमीन पर अवैध निर्माण होने से किसानों और आम जनता को भी नुकसान उठाना पड़ रहा था। जिला प्रशासन के सहयोग से आज बड़ी कार्रवाई हुई है। आगे भी हम अपनी जमीन को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहेंगे।”

एसडीओ ने बताया कि सिंचाई विभाग की भूमि सार्वजनिक हित से जुड़ी होती है। इस पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी।

डीएम मयूर दीक्षित का सख्त रुख

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हरिद्वार में सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीएम के निर्देशों पर ही जिलेभर में अतिक्रमण चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिन-जिन स्थानों पर अतिक्रमण पाया गया है, उन्हें सूचीबद्ध कर लिया गया है और नियमानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

अतिक्रमणकारियों में डर, जनता में संतोष

इस बुलडोजर कार्रवाई के बाद अवैध कब्जेदारों में साफ तौर पर डर का माहौल देखा जा रहा है। वहीं, आम जनता और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जे के कारण रास्ते, नहरें और सार्वजनिक स्थल प्रभावित हो रहे थे, जिससे आम नागरिकों को परेशानी होती थी।

स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि प्रशासन इसी तरह सख्ती से कार्रवाई करता रहा, तो भविष्य में अतिक्रमण करने की हिम्मत कोई नहीं करेगा। इससे न केवल शहर की व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं को भी जमीन पर उतारने में आसानी होगी।

लगातार जारी रहेगा अभियान

प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों में भी हरिद्वार में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार बुलडोजर एक्शन जारी रहेगा। सरकारी, सिंचाई और अन्य विभागों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।

कुल मिलाकर, हरिद्वार में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की मजबूत इच्छाशक्ति और धामी सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को दर्शाती है। स्पष्ट है कि अब चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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