उर्मिला सनावर पर कानून का शिकंजा,, पूर्व भाजपा विधायक की बेटी की आपत्तिजनक फोटो वायरल मामले में गैर-जमानती वारंट,, ब्लैकमेलिंग, ऑडियो कांड और फरारी—पुलिस की दबिश तेज,, एक नहीं, कई मुकदमे: ज्वालापुर से देहरादून तक फैला जाल,, देहरादून पुलिस भी हरकत में, घर पर चस्पा हुआ नोटिस,, कहां है उर्मिला सनावर? फरारी के बीच नया दावा

इन्तजार रजा हरिद्वार- उर्मिला सनावर पर कानून का शिकंजा,,
पूर्व भाजपा विधायक की बेटी की आपत्तिजनक फोटो वायरल मामले में गैर-जमानती वारंट,,
ब्लैकमेलिंग, ऑडियो कांड और फरारी—पुलिस की दबिश तेज,,
एक नहीं, कई मुकदमे: ज्वालापुर से देहरादून तक फैला जाल,,
देहरादून पुलिस भी हरकत में, घर पर चस्पा हुआ नोटिस,,
कहां है उर्मिला सनावर? फरारी के बीच नया दावा

हरिद्वार/देहरादून।
ऋषिकेश रिसॉर्ट हत्याकांड से जुड़े विवादित ऑडियो क्लिप, ब्लैकमेलिंग और आपत्तिजनक फोटो वायरल करने के मामलों में घिरी उर्मिला सनावर की मुश्किलें अब खुलकर सामने आ गई हैं। हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर मामले में अदालत ने उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में की गई है, जिसमें उर्मिला पर आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल कर ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
अदालत से वारंट जारी होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। रानीपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि आरोपी महिला की गिरफ्तारी अब केवल समय की बात है। वहीं, इस पूरे प्रकरण में निष्कासित पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की भूमिका भी संदेह के घेरे में बनी हुई है, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला: फोटो वायरल कर ब्लैकमेलिंग का आरोप
मार्च 2025 में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी ने रानीपुर कोतवाली में एक गंभीर तहरीर दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उर्मिला सनावर और एक अन्य युवक ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपी उर्मिला सनावर पुलिस की पकड़ से लगातार बाहर रही।
लगातार गैरहाजिरी और जांच में सहयोग न करने को अदालत ने गंभीरता से लिया। इसके बाद कोर्ट ने उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
एक नहीं, कई मुकदमे: ज्वालापुर से देहरादून तक फैला जाल
यह मामला केवल रानीपुर तक सीमित नहीं है। ब्लैकमेलिंग से जुड़ा एक और मुकदमा स्वयं सुरेश राठौर की ओर से ज्वालापुर कोतवाली में दर्ज कराया गया था, जिसमें भी उर्मिला सनावर आरोपी है और वांछित चल रही है।
इसके अलावा देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में भी पूर्व भाजपा नेत्री की ओर से उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ उनकी छवि धूमिल करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इतना ही नहीं, बहादराबाद और झबरेड़ा क्षेत्रों में भी इसी तरह के मामलों में भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों की ओर से मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। यानी उर्मिला सनावर पर आरोपों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है और कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
देहरादून पुलिस भी हरकत में, घर पर चस्पा हुआ नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। पुलिस ने सुरेश राठौर के नेहरू कॉलोनी स्थित आवास पर नोटिस चस्पा किया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी यदि स्वयं सामने नहीं आते हैं तो आगे कुर्की जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। यह साफ संकेत है कि अब पुलिस किसी भी दबाव या राजनीतिक पहचान को आड़े नहीं आने देगी।
कहां है उर्मिला सनावर? फरारी के बीच नया दावा
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उर्मिला सनावर इस वक्त कहां है?
इस बीच महिला नेत्री भावना पांडे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भावना पांडे दावा कर रही हैं कि उनकी उर्मिला सनावर से फोन पर बात हुई है। उनके मुताबिक, उर्मिला अपने खिलाफ चल रहे मामलों में कानूनी सलाह ले रही हैं और फिलहाल अपने रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित रह रही हैं।
हालांकि पुलिस ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इतना जरूर साफ किया है कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
सख्त संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं
उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होना इस बात का साफ संकेत है कि अब मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा। अदालत और पुलिस दोनों इस प्रकरण को गंभीर अपराध की श्रेणी में मानते हुए सख्त रुख अपना चुके हैं।
राजनीतिक रसूख, वायरल ऑडियो और सोशल मीडिया के शोर के बीच अब कानून अपना रास्ता बना रहा है।
हरिद्वार से देहरादून तक फैले इन मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ब्लैकमेलिंग, महिला की छवि खराब करने और आपत्तिजनक सामग्री के दुरुपयोग जैसे अपराधों पर अब प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति लागू हो रही है। आने वाले दिनों में उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी इस पूरे विवाद में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।



