“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान को मिला रफ्तार,, जिलाधिकारी ने जारी किया बहुउद्देशीय शिविरों का रोस्टर,, 18 से 20 फरवरी तक नारसन, बहादराबाद और लक्सर में लगेंगे समाधान शिविर

इन्तजार रजा हरिद्वार- “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान को मिला रफ्तार,,
जिलाधिकारी ने जारी किया बहुउद्देशीय शिविरों का रोस्टर,,
18 से 20 फरवरी तक नारसन, बहादराबाद और लक्सर में लगेंगे समाधान शिविर

हरिद्वार, 17 फरवरी 2026।
उत्तराखंड शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं को उनके द्वार तक पहुंचकर समाधान करने के उद्देश्य से संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम को जनपद हरिद्वार में नई गति मिल गई है। जिलाधिकारी ने 18 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले बहुउद्देशीय शिविरों का विस्तृत रोस्टर जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार, इन शिविरों का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक ही मंच पर लाकर जनता को त्वरित लाभ प्रदान करना है, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और शासन की योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सकें।
तीन दिन, तीन विकासखंड – समाधान का संकल्प
जारी कार्यक्रम के अनुसार, दिनांक 18 फरवरी 2026 (बुधवार) को प्रातः 10:00 बजे विकासखंड नारसन, तहसील रुड़की के अंतर्गत न्याय पंचायत लिब्बरहेड़ी में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गदरजुड़ा में शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) द्वारा की जाएगी।
दिनांक 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को प्रातः 10:00 बजे विकासखंड बहादराबाद, तहसील हरिद्वार के अंतर्गत न्याय पंचायत लालढांग में ओमप्रकाश ज्ञानदीप इंटर कॉलेज, लालढांग में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर की अध्यक्षता भी अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) करेंगे।
दिनांक 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को प्रातः 10:00 बजे विकासखंड लक्सर, तहसील लक्सर के अंतर्गत न्याय पंचायत बहादरपुर खादर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ऐथल बुजुर्ग में शिविर आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता उप जिलाधिकारी लक्सर द्वारा की जाएगी।
इन तीनों शिविरों में जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को अधिकतम लाभ मिल सके।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी अनेक सुविधाएं
इन बहुउद्देशीय शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के स्टॉल एक ही स्थान पर लगाए जाएंगे। यहां आमजन अपनी समस्याएं दर्ज कराने के साथ-साथ आवश्यक प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
शिविरों में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं से संबंधित आवेदन, राजस्व मामलों की सुनवाई, कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी, समाज कल्याण विभाग की सहायता योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और मौके पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। कई मामलों में त्वरित निस्तारण भी किया जाएगा, जिससे लोगों का समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश – शिविर में स्वयं रहें उपस्थित
जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाएं और स्वयं शिविर में उपस्थित रहकर जनता की समस्याएं सुनें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन शिविरों का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान प्रदान करना है। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि आमजन को योजनाओं की संपूर्ण जानकारी दी जाए और पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी रहे।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा और लंबित प्रकरणों की समीक्षा उच्च स्तर पर की जाएगी।
जनता के बीच बढ़ रहा उत्साह
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि अब उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन इसी प्रकार नियमित रूप से गांवों में शिविर आयोजित करता रहा तो शासन की योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। खासकर वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए यह पहल अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है।
सुशासन की ओर ठोस कदम
यह पहल राज्य सरकार की सुशासन की अवधारणा को मजबूत करती है। प्रशासन का उद्देश्य है कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर दिखाई दें।
जिलाधिकारी द्वारा जारी रोस्टर और अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश इस बात का संकेत हैं कि प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।यदि इन शिविरों का संचालन प्रभावी ढंग से होता है, तो यह मॉडल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम वास्तव में शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।



