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फोन पर अभद्रता करने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड,, मीडियाकर्मी से बदतमीजी की रिकॉर्डिंग वायरल, एसएसपी ने लिया संज्ञान,, लक्सर कोतवाली में तैनात सिपाही अरविंद कुमार निलंबित, सीओ मंगलौर को जांच सौंपी

इन्तजार रजा हरिद्वार -फोन पर अभद्रता करने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड,,
मीडियाकर्मी से बदतमीजी की रिकॉर्डिंग वायरल, एसएसपी ने लिया संज्ञान,,
लक्सर कोतवाली में तैनात सिपाही अरविंद कुमार निलंबित, सीओ मंगलौर को जांच सौंपी

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के लक्सर कोतवाली में तैनात एक पुलिसकर्मी को फोन पर मीडियाकर्मी से अभद्रता करना भारी पड़ गया। मीडियाकर्मी से हुई बदसलूकी की ऑडियो क्लिप जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वैसे ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र डोबाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आरोपी सिपाही अरविंद कुमार को निलंबित कर दिया और जांच की जिम्मेदारी सीओ मंगलौर को सौंप दी।

जानकारी के अनुसार, लक्सर क्षेत्र के कंकरखाता निवासी मीडियाकर्मी जॉनी कुमार के परिचित की बाइक बीते शुक्रवार को पुलिस ने सीज कर ली थी। जब कई दिनों बाद भी उस मामले की पत्रावली सीओ कार्यालय नहीं पहुंची, तो जॉनी कुमार ने मंगलवार दोपहर कोतवाली लक्सर में तैनात सिपाही अरविंद कुमार को फोन कर जानकारी मांगी।

आरोप है कि सिपाही ने जानकारी देने के बजाय मीडियाकर्मी से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा — “न्यूज़ लिखो, लक्सर कोतवाली के मुंशी ने अभद्रता की है”, इतना कहकर फोन काट दिया। इस व्यवहार से आहत होकर मीडियाकर्मी ने तहसील दिवस में जाकर एसएसपी को ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ शिकायत सौंपी।

शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि पुलिसकर्मियों को बार-बार जनता और मीडिया से शालीनता एवं संयम से पेश आने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इस मामले में सिपाही ने विभागीय अनुशासन की पूर्ण अनदेखी की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप में सिपाही की आवाज और लहजा साफ तौर पर सुनाई दे रहा है, जिससे उसके गैर-पेशेवर रवैये की पुष्टि होती है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की छवि को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय पत्रकारों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि अगर ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई न हो तो अभद्रता की यह प्रवृत्ति बढ़ सकती है। उन्होंने मांग की कि विभागीय जांच पारदर्शी ढंग से की जाए ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी जनता या पत्रकारों से दुर्व्यवहार करने से पहले सौ बार सोचे।

फिलहाल, आरोपी सिपाही निलंबन के बाद विभागीय जांच का सामना करेगा। वहीं, हरिद्वार पुलिस ने यह संदेश दे दिया है कि अनुशासनहीनता और असंवेदनशीलता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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