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होली पर सिडकुल पुलिस का स्पेशल गिफ्ट,, ऑपरेशन रिकवरी से 140 खोए मोबाइल बरामद, 35 लाख से अधिक की संपत्ति सुरक्षित,, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में हरिद्वार में सिडकुल पुलिस की बड़ी कामयाबी

इन्तजार रजा हरिद्वार- होली पर सिडकुल पुलिस का स्पेशल गिफ्ट,,

ऑपरेशन रिकवरी से 140 खोए मोबाइल बरामद, 35 लाख से अधिक की संपत्ति सुरक्षित,,

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में हरिद्वार में सिडकुल पुलिस की बड़ी कामयाबी

हरिद्वार। होली के रंगों और उल्लास के बीच जनपद की जनता को इस बार सुरक्षा और भरोसे का ऐसा तोहफा मिला, जिसने पुलिस–जनसंपर्क की मिसाल पेश कर दी। ऑपरेशन रिकवरी के तहत थाना सिडकुल पुलिस ने 140 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर न केवल लाखों की संपत्ति सुरक्षित की, बल्कि उन परिवारों के चेहरों पर मुस्कान भी लौटा दी, जो अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे। करीब ₹35 लाख से अधिक कीमत के इन मोबाइल फोन की बरामदगी को हरिद्वार पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के सख्त निर्देशों और प्रभावी नेतृत्व में अंजाम दी गई।

तकनीक का कमाल: C.E.I.R. पोर्टल बना सबसे बड़ा हथियार

खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की ट्रैकिंग के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित C.E.I.R. (Central Equipment Identity Register) पोर्टल इन दिनों हरिद्वार पुलिस के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हो रहा है। एसएसपी के स्पष्ट निर्देश थे कि पोर्टल पर प्राप्त हर शिकायत पर गंभीरता से और तत्काल कार्रवाई की जाए।

थाना सिडकुल पुलिस ने इन निर्देशों को जमीन पर उतारते हुए एक-एक शिकायत की तकनीकी जांच की। IMEI नंबर के आधार पर मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की गई, संदिग्ध उपयोगकर्ताओं से पूछताछ की गई और विभिन्न जनपदों व राज्यों तक संपर्क साधा गया। बरामद मोबाइलों में कई ऐसे फोन भी शामिल हैं, जो सिडकुल क्षेत्र की कंपनियों में कार्यरत बाहरी राज्यों से आए कर्मचारियों के थे। इसके अलावा स्थानीय निवासियों के भी कई मोबाइल वापस दिलाए गए।

मोबाइल फोन का विवरण इस प्रकार है—
आईफोन – 04
ओप्पो – 25
नथिंग – 11
सैमसंग – 25
रियलमी – 22
एमआई – 10
वीवो – 29
वन प्लस – 10
आईक्यू – 04

इन सभी मोबाइलों की अनुमानित कीमत ₹35 लाख से अधिक आंकी गई है।

“उम्मीद टूट चुकी थी, पुलिस ने भरोसा लौटा दिया”

मोबाइल आज सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि व्यक्तिगत डेटा, बैंकिंग, आधिकारिक दस्तावेज़ और यादों का खजाना है। ऐसे में मोबाइल खोना किसी बड़े नुकसान से कम नहीं होता। कई पीड़ित ऐसे थे जिन्होंने महीनों पहले अपने मोबाइल खो दिए थे और उन्हें वापस मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी। लेकिन जब थाना सिडकुल से उन्हें फोन कर मोबाइल बरामद होने की सूचना दी गई तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

मोबाइल प्राप्त करने पहुंचे लाभार्थियों ने खुलकर पुलिस की सराहना की। एक लाभार्थी ने कहा,
“हमें लगा था कि मोबाइल कभी नहीं मिलेगा। लेकिन पुलिस ने जिस तरह मेहनत की, उससे हमारा विश्वास और मजबूत हुआ है।” होली के अवसर पर जब लोगों ने अपने खोए मोबाइल वापस पाए, तो यह उनके लिए किसी त्यौहार के रंग से कम नहीं था। कई परिवारों ने पुलिस टीम को धन्यवाद देते हुए इसे “होली का सबसे बड़ा तोहफा” बताया।

सिडकुल पुलिस टीम की सक्रियता और नेतृत्व की सख्ती

इस पूरे अभियान में थाना सिडकुल की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। टीम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेंद्र तोमर और हेड कांस्टेबल विवेक यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने लगातार तकनीकी व फील्ड स्तर पर कार्य किया।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान ही पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन रिकवरी आगे भी जारी रहेगा और चोरी/खोए मोबाइल की बरामदगी के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को लावारिस मोबाइल फोन मिलता है तो उसे तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस चौकी में जमा कराएं, ताकि वह सही मालिक तक पहुंचाया जा सके।

कानून व्यवस्था के साथ भरोसे की भी जीत

हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ मोबाइल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक विश्वास की भी बड़ी जीत है। होली जैसे संवेदनशील पर्व पर जहां पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त रहना पड़ता है, वहीं इस तरह की उपलब्धि यह दर्शाती है कि तकनीक और टीमवर्क के दम पर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। ऑपरेशन रिकवरी ने यह साबित कर दिया है कि यदि शिकायत दर्ज कराई जाए और सही प्रक्रिया अपनाई जाए तो खोई हुई संपत्ति वापस मिल सकती है।

होली के रंगों के बीच हरिद्वार पुलिस का यह “स्पेशल गिफ्ट” जनता के लिए यादगार बन गया है। यह न केवल पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि जनपद की सुरक्षा और जनता का भरोसा—दोनों ही हरिद्वार पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।

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