नाबालिगों की गुमशुदगी पर SSP हरिद्वार सख्त, पुलिस को दिए थे त्वरित कार्रवाई के निर्देश,, मैनुअल पुलिसिंग और सैकड़ों CCTV की मदद से पथरी पुलिस ने अंबाला से चारों बच्चों को सकुशल खोज निकाला,, परिजनों की सांस में आई राहत, पथरी पुलिस की तत्परता को मिला सराहना का सैलाब
इन्तजार रजा हरिद्वार- नाबालिगों की गुमशुदगी पर SSP हरिद्वार सख्त, पुलिस को दिए थे त्वरित कार्रवाई के निर्देश,,
मैनुअल पुलिसिंग और सैकड़ों CCTV की मदद से पथरी पुलिस ने अंबाला से चारों बच्चों को सकुशल खोज निकाला,,
परिजनों की सांस में आई राहत, पथरी पुलिस की तत्परता को मिला सराहना का सैलाब
हरिद्वार।
जनपद हरिद्वार के थाना पथरी क्षेत्र से चार नाबालिग बच्चों के अचानक लापता हो जाने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। परिजन जब घंटों इंतजार के बाद भी बच्चों के घर न लौटने पर उनसे संपर्क नहीं कर पाए, तो उनके हाथ-पांव फूल गए। मामला नाबालिगों से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
दिनांक 15 दिसंबर 2025 को थाना पथरी पर शहजाद पुत्र मंजूर, निवासी ग्राम अलावलपुर, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार ने तहरीर देकर बताया कि उनका 15 वर्षीय नाबालिग पुत्र अपने तीन अन्य नाबालिग दोस्तों के साथ बिना बताए घर से निकल गया है और काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा काफी तलाश करने के बावजूद बच्चों का कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया।
प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना पथरी में मु0अ0सं0 648/25, धारा 137(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया गया।
SSP हरिद्वार के सख्त निर्देश, तुरंत गठित हुईं पुलिस टीमें
प्रकरण की संवेदनशीलता और बच्चों की नाबालिग उम्र को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने थाना पथरी पुलिस को तत्काल निर्देश दिए कि बच्चों की तलाश में कोई कोताही न बरती जाए। SSP के निर्देश पर कई पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें अलग-अलग संभावित स्थानों पर रवाना किया गया।
पुलिस ने सबसे पहले बच्चों के घर, रिश्तेदारों और मित्रों से पूछताछ की। साथ ही यह भी पता लगाया गया कि बच्चों के पास मोबाइल फोन हैं या नहीं। जांच में सामने आया कि किसी भी नाबालिग बच्चे के पास मोबाइल फोन नहीं था, जिस कारण उनसे संपर्क न हो पाने से परिजन और अधिक घबरा गए थे।
मदरसे से रेलवे स्टेशन तक CCTV खंगाले, सामने आई पूरी कहानी
गहन पूछताछ और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिला कि चारों नाबालिग बच्चे अलावलपुर स्थित एक मदरसे में साथ पढ़ते थे। पढ़ाई में मन न लगने के कारण उन्होंने बिना किसी को बताए घर छोड़ने का फैसला किया।
पथरी पुलिस ने मैनुअल पुलिसिंग का सहारा लेते हुए गांव से लेकर आसपास के मार्गों, बाजारों और रेलवे स्टेशनों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। CCTV विश्लेषण से पता चला कि चारों बच्चे ऐथल रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और वहां से ट्रेन में सवार होकर बाहर चले गए थे।
इस अहम जानकारी के बाद पुलिस टीमों ने रेलवे पुलिस और अन्य जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। संभावित रूट और ट्रेनों की जानकारी जुटाकर बच्चों की तलाश का दायरा बढ़ाया गया।
अंबाला कैंट से सकुशल बरामद, परिजनों को सौंपे गए बच्चे
लगातार प्रयास, सतर्कता और तकनीकी व मैनुअल पुलिसिंग के संयोजन से आखिरकार थाना पथरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस टीम ने चारों नाबालिग बच्चों को अंबाला कैंट से सकुशल बरामद कर लिया।
बरामदगी के बाद बच्चों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि वे पढ़ाई में मन न लगने के कारण घर से बिना बताए निकल गए थे और किसी अनहोनी का इरादा नहीं था। पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित रूप से थाना पथरी लाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी। कई परिजन भावुक हो उठे और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस की सराहना, परिजनों ने जताया आभार
पुलिस की त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई से प्रसन्न होकर परिजनों ने थाना पथरी पुलिस का तहेदिल से धन्यवाद किया। परिजनों का कहना था कि यदि पुलिस इतनी तेजी और गंभीरता से काम न करती, तो अनहोनी की आशंका बनी रहती।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में हरिद्वार पुलिस कितनी सजग और जिम्मेदार है। SSP हरिद्वार के नेतृत्व में जिले की पुलिस लगातार यह संदेश दे रही है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
बरामदगी करने वाली पुलिस टीम
- व0उ0नि0 यशवीर सिंह नेगी
- म0उ0नि0 शाहिदा परवीन
- का0नि0 ब्रह्मदत्त जोशी
- म0का0 रजनी बिष्ट
यह पूरी कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि अभिभावकों के लिए भी एक संदेश है कि बच्चों पर नजर बनाए रखें और उनसे संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सके।



