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हरिद्वार शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक क्रांति की तैयारी,, 🔴 5 ट्रैफिक जोन में बंटेगा शहर, जाम–दुर्घटनाओं पर सीधा प्रहार,, 🛑 परिवहन विभाग संभालेगा कमान, लापरवाह व्यवस्था पर लगेगी लगाम ⚠️ त्योहार, कांवड़ और वीआईपी मूवमेंट पर रहेगी खास नजर,, 🛑अब सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि ट्रैफिक सिस्टम सुधार हेतु सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी 

हरिद्वार। शहर की सड़कों पर रोज़-रोज़ लगने वाले जाम, बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं और बेलगाम यातायात अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। तीर्थनगरी हरिद्वार के शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए परिवहन विभाग ने यातायात व्यवस्था में बड़ा और निर्णायक बदलाव करने की तैयारी

इन्तजार रजा हरिद्वार 🚦 हरिद्वार शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक क्रांति की तैयारी,,

🔴 5 ट्रैफिक जोन में बंटेगा शहर, जाम–दुर्घटनाओं पर सीधा प्रहार,,

🛑 परिवहन विभाग संभालेगा कमान, लापरवाह व्यवस्था पर लगेगी लगाम

⚠️ त्योहार, कांवड़ और वीआईपी मूवमेंट पर रहेगी खास नजर,,

🛑अब सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि ट्रैफिक सिस्टम सुधार हेतु सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी 

हरिद्वार।
शहर की सड़कों पर रोज़-रोज़ लगने वाले जाम, बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं और बेलगाम यातायात अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। तीर्थनगरी हरिद्वार के शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए परिवहन विभाग ने यातायात व्यवस्था में बड़ा और निर्णायक बदलाव करने की तैयारी कर ली है।

अब हरिद्वार का शहरी क्षेत्र 5 अलग-अलग ट्रैफिक जोन में बांटा जाएगा। इसका सीधा मकसद है— जाम पर कड़ा नियंत्रण, दुर्घटनाओं में कमी और यातायात को पूरी तरह अनुशासित करना।

यह प्रस्ताव फिलहाल तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे उच्च स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।

🚨 क्यों जरूरी हुआ 5 ट्रैफिक जोन का फैसला?

हरिद्वार शहरी क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

  • संकरी सड़कें
  • अतिक्रमण
  • बेतरतीब पार्किंग
  • तीर्थ यात्रियों का दबाव
  • औद्योगिक क्षेत्रों की भारी आवाजाही

इन सभी कारणों से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। कई इलाकों में एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तक फंस जाती हैं, जो सीधे-सीधे जनसुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है।

परिवहन विभाग का मानना है कि अब एक ही ढांचे से पूरे शहर को संभालना संभव नहीं, इसलिए जोन सिस्टम लागू करना अनिवार्य हो गया है।

🗺️ कैसे काम करेगा 5 ट्रैफिक जोन मॉडल?

प्रस्तावित योजना के तहत हरिद्वार के शहरी क्षेत्र को ट्रैफिक दबाव और भौगोलिक स्थिति के आधार पर 5 जोन में बांटा जाएगा।

👉 प्रत्येक ट्रैफिक जोन में होंगे:

  • अलग ट्रैफिक प्रभारी अधिकारी
  • पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड
  • सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी
  • अलग-अलग ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन रणनीति

खासतौर पर—

  • हाईवे से जुड़े शहरी मार्ग
  • औद्योगिक क्षेत्र (SIDCUL व आसपास)
  • भीड़भाड़ वाले बाजार और आवासीय इलाके
  • तीर्थ व धार्मिक स्थल क्षेत्र

इन सभी को अलग-अलग जोन में रखकर टारगेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट किया जाएगा।

⚠️ त्योहार, कांवड़ और वीआईपी मूवमेंट पर रहेगी खास नजर

हरिद्वार में कांवड़ मेला, स्नान पर्व, चारधाम यात्रा और वीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक पूरी तरह बेकाबू हो जाता है।

जोन सिस्टम लागू होने के बाद—
✔ हर क्षेत्र के लिए अलग प्लान
✔ त्वरित डायवर्जन
✔ भीड़ नियंत्रण में तेजी
✔ आपात सेवाओं को निर्बाध रास्ता

प्रशासन का दावा है कि अब पूरे शहर को एक नजर से नहीं, बल्कि माइक्रो लेवल पर कंट्रोल किया जाएगा।

🎙️निखिल शर्मा, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, हरिद्वार

“हरिद्वार शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए 5 ट्रैफिक जोन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जोन प्रणाली से हर क्षेत्र की समस्या को अलग-अलग तरीके से सुलझाया जा सकेगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित होगी।”

🚔 लापरवाह चालकों पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं

जोन सिस्टम लागू होते ही—

  • गलत पार्किंग
  • ओवरलोडिंग
  • रॉन्ग साइड ड्राइविंग
  • बिना परमिट संचालन

जैसे मामलों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। हर जोन में जिम्मेदारी तय होने से बहानेबाज़ी खत्म होगी और जवाबदेही तय होगी।

🔥 शहरवासियों को क्या मिलेगा फायदा?

✔ रोज़ाना जाम से राहत
✔ सड़क दुर्घटनाओं में कमी
✔ समय की बचत
✔ सुरक्षित और सुचारु यातायात
✔ आपात सेवाओं को खुला रास्ता

यह योजना सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि शहर की नसों में दौड़ते ट्रैफिक को कंट्रोल करने का ठोस हथियार साबित हो सकती है।

🛑अब बदलाव नहीं, सख्त फैसला जरूरी

हरिद्वार शहरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था लंबे समय से अव्यवस्था की शिकार रही है। 5 ट्रैफिक जोन का यह प्रस्ताव अगर ज़मीन पर उतरता है, तो यह सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि ट्रैफिक सिस्टम पर सर्जिकल स्ट्राइक साबित होगा।

अब देखना यह है कि प्रशासन इसे कितनी तेजी और सख्ती से लागू करता है—क्योंकि हर देरी, हर जाम और हर दुर्घटना की कीमत आम नागरिक चुका रहा है।

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