देहरादून में ई-ऑटो एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी,, अतिरिक्त सीटें लगाकर वाहनों की बिक्री का खुलासा, परिवहन विभाग सख्त,, कंपनी और एजेंसी पर लग सकता है लाखों का जुर्माना, आरटीओ ने दिए जांच के आदेश

इन्तजार रजा हरिद्वार- देहरादून में ई-ऑटो एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी,,
अतिरिक्त सीटें लगाकर वाहनों की बिक्री का खुलासा, परिवहन विभाग सख्त,,
कंपनी और एजेंसी पर लग सकता है लाखों का जुर्माना, आरटीओ ने दिए जांच के आदेश
देहरादून, 01 मार्च 2026।
उत्तराखंड की राजधानी में परिवहन विभाग ने ई-ऑटो में अवैध रूप से अतिरिक्त सीटें लगाकर बिक्री किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुछ ई-ऑटो वाहनों में नियमों के विपरीत अतिरिक्त सीटें लगाकर उन्हें बाजार में बेचा जा रहा था। यह न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी सीधा समझौता माना जा रहा है।
परिवहन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसी और वाहन निर्माता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि आरोप सही पाए गए तो एजेंसी और कंपनी पर भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितता
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि विभाग द्वारा हर गुरुवार को एक विशेष पहल के तहत अधिकारी सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से कार्यालय पहुंचते हैं। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर परिवहन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझना और अनियमितताओं की पहचान करना है।
इसी अभियान के दौरान एक ई-ऑटो वाहन की जांच की गई, जिसमें निर्धारित क्षमता से अधिक सीटें लगी हुई पाई गईं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सीटें बाद में नहीं जोड़ी गई थीं, बल्कि वाहन कंपनी स्तर से ही अतिरिक्त सीटों के साथ तैयार होकर एजेंसी को उपलब्ध कराया गया था।
इस जानकारी के बाद आरटीओ प्रशासन ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए एआरटीओ और क्षेत्रीय निरीक्षक (आरआई) को मौके पर विस्तृत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जांच में पुष्टि हुई कि संबंधित एजेंसी द्वारा कंपनी से ही अतिरिक्त सीटों के साथ ई-ऑटो की आपूर्ति की जा रही थी।
मोटर व्हीकल एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर के प्रावधानों का उल्लंघन है। किसी भी वाहन की संरचना (Structure) में बिना स्वीकृति के बदलाव करना या निर्धारित मानकों के विपरीत वाहन का निर्माण और बिक्री करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
ई-ऑटो जैसे सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सीटों की संख्या, वजन क्षमता और सुरक्षा मानक स्पष्ट रूप से तय किए जाते हैं। यदि निर्माता कंपनी या एजेंसी इन मानकों के विपरीत वाहन तैयार कर बाजार में उतारती है तो इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त सीटों के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है और ब्रेकिंग सिस्टम पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण परिवहन विभाग इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।
एजेंसी और निर्माता कंपनी दोनों पर कार्रवाई संभव
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद संबंधित एजेंसी के साथ-साथ वाहन निर्माता कंपनी पर भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने एआरटीओ को निर्देश दिए हैं कि नियमों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
अधिकारियों के मुताबिक यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो एजेंसी और कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार इस प्रकार के उल्लंघन में एक लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर एजेंसी के लाइसेंस पर भी कार्रवाई की जा सकती है। विभाग इस मामले को उदाहरण बनाकर भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाने की योजना बना रहा है।
सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं
परिवहन विभाग ने साफ कहा है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े मामलों में सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभाग के अनुसार यदि किसी एजेंसी या कंपनी द्वारा नियमों के विपरीत वाहन बेचे जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वाहन मालिकों को भी सलाह दी गई है कि वाहन खरीदते समय उसकी संरचना और अनुमोदन से जुड़े दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य करें।
परिवहन विभाग की सख्ती से बढ़ेगी जवाबदेही
देहरादून में सामने आया यह मामला परिवहन व्यवस्था में मौजूद खामियों की ओर इशारा करता है। हालांकि विभाग की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश साफ हो गया है कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



